{"_id":"59e9ecf24f1c1bf4688b682d","slug":"191508502770-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुवायां और खुटार में बदरंग हो गईं घरों की दीवारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुवायां और खुटार में बदरंग हो गईं घरों की दीवारें
Updated Fri, 20 Oct 2017 06:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुवायां (शाहजहांपुर)। पुवायां और खुटार के लोग इस समय बेहद परेशान है। उन्हें रात में जागकर घरों की निगरानी करनी पड़ रही है। इसके बाद भी उनकी परेशानी दूर नहीं हो रही है।
जानते हैं समस्या क्या है? लोगों को चोर, बदमाशों का भय नहीं है, उन्हें रातोंरात घरों की दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर मकान को बदरंग कर देने वालों से दिक्कत है। निकाय चुनाव के लिए अभी घोषणा तक नहीं की गई है, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे प्रत्याशियों के समर्थक आधी रात को ठेली पर पोस्टर भरकर निकलते हैं और दीवारों को पोस्टरों से ढक देते हैं। लोग यदि उन्हें रोकते भी हैं तो वह जबरन पोस्टर लगाने से बाज नहीं आते हैं। इसको लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। सबसे ज्यादा परेशान व्यापारी वर्ग है। उनकी दुकानों पर लगे साइन बोर्ड पूरी तरह ढक दिए गए हैं।
बताते चलें कि किसी के मकान पर बिना अनुमति के पोस्टर, बैनर लगाना वर्जित हैं, लेकिन कोई भी यह आदेश मानने को तैयार नहीं है। प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने धर्मस्थलों तक को नहीं बख्शा है। पोस्टरों की सर्वाधिक संख्या धर्मस्थलों पर ही दिखाई दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानते हैं समस्या क्या है? लोगों को चोर, बदमाशों का भय नहीं है, उन्हें रातोंरात घरों की दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर मकान को बदरंग कर देने वालों से दिक्कत है। निकाय चुनाव के लिए अभी घोषणा तक नहीं की गई है, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे प्रत्याशियों के समर्थक आधी रात को ठेली पर पोस्टर भरकर निकलते हैं और दीवारों को पोस्टरों से ढक देते हैं। लोग यदि उन्हें रोकते भी हैं तो वह जबरन पोस्टर लगाने से बाज नहीं आते हैं। इसको लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। सबसे ज्यादा परेशान व्यापारी वर्ग है। उनकी दुकानों पर लगे साइन बोर्ड पूरी तरह ढक दिए गए हैं।
विज्ञापन
बताते चलें कि किसी के मकान पर बिना अनुमति के पोस्टर, बैनर लगाना वर्जित हैं, लेकिन कोई भी यह आदेश मानने को तैयार नहीं है। प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने धर्मस्थलों तक को नहीं बख्शा है। पोस्टरों की सर्वाधिक संख्या धर्मस्थलों पर ही दिखाई दे रही है।
विज्ञापन