{"_id":"5b6b455d4f1c1b9b3e8b5e72","slug":"181533756765-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसात में गिर गए मकान, पन्नी में रहने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसात में गिर गए मकान, पन्नी में रहने को मजबूर
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश में गिरे घर, पॉलिथीन बना आशियाना
प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन होने के बाद भी नहीं मिले आवास
पीड़ित परिवार ने डीएम को पत्र देकर आवास मुहैया कराए जाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। ब्लॉक सिंधौली के गांव कोरोकुइयां में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके कच्चे मकान बरसात में गिर गए हैं। अब ये लोग खुले आसमान में पॉलिथीन का छाजन बनाकर रहने को मजबूर हैं। आरोप है कि इन लोगों को शासन और प्रशासन के उपेक्षा पूर्ण रवैये के कारण आवास नहीं मुहैया हो पाए। पीड़ित परिवार ने डीएम को पत्र देकर आवास मुहैया कराए जाने की मांग की है।
गांव निवासी इलियास, वकील, शकील, इस्लाम, जाइम, इश्तियाक, तौफीक, शाकिर, शकील समेत 19 लोगों ने डीएम को पत्र देकर बताया कि हम लोगों के झोपड़ीनुमा कच्चे मकान होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम एक फरवरी को शामिल कर लिए गए और आश्वस्त किया गया कि शासन से लक्ष्य प्राप्त होने पर आवास मुहैया करा दिए जाएंगे लेकिन आवास नहीं मिले। बरसात से पहले जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके बताया भी गया कि बरसात के दौरान उनके मकान क्षतिग्रस्त हो सकते हैं लेकिन इसके बाद भी आवास उपलब्ध नहीं कराए गए। अब बरसात में उनके मकान गिर गए हैं। रहने के लिए केवल पॉलिथीन का सहारा ही बचा है। ग्रामीणों ने डीएम से आवास उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन होने के बाद भी नहीं मिले आवास
पीड़ित परिवार ने डीएम को पत्र देकर आवास मुहैया कराए जाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। ब्लॉक सिंधौली के गांव कोरोकुइयां में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके कच्चे मकान बरसात में गिर गए हैं। अब ये लोग खुले आसमान में पॉलिथीन का छाजन बनाकर रहने को मजबूर हैं। आरोप है कि इन लोगों को शासन और प्रशासन के उपेक्षा पूर्ण रवैये के कारण आवास नहीं मुहैया हो पाए। पीड़ित परिवार ने डीएम को पत्र देकर आवास मुहैया कराए जाने की मांग की है।
गांव निवासी इलियास, वकील, शकील, इस्लाम, जाइम, इश्तियाक, तौफीक, शाकिर, शकील समेत 19 लोगों ने डीएम को पत्र देकर बताया कि हम लोगों के झोपड़ीनुमा कच्चे मकान होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम एक फरवरी को शामिल कर लिए गए और आश्वस्त किया गया कि शासन से लक्ष्य प्राप्त होने पर आवास मुहैया करा दिए जाएंगे लेकिन आवास नहीं मिले। बरसात से पहले जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करके बताया भी गया कि बरसात के दौरान उनके मकान क्षतिग्रस्त हो सकते हैं लेकिन इसके बाद भी आवास उपलब्ध नहीं कराए गए। अब बरसात में उनके मकान गिर गए हैं। रहने के लिए केवल पॉलिथीन का सहारा ही बचा है। ग्रामीणों ने डीएम से आवास उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन