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पॉलीथीन विरोधी अभियान के लिए व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:40 PM IST
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जिले में दो अक्तूबर से पॉलिथीन पर प्रतिबंध : डीएम
पकड़े जाने पर पांच सौ रुपये जुर्माना, छह माह की सजा
पॉलिथीन विरोधी अभियान के लिए व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता
फोटो 03 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। डीएम अमृत त्रिपाठी नेे बुधवार को गांधी भवन सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों समेत नगर निगम के कर्मचारियों की स्वच्छता समितियों के साथ बैठक उन्हें 15 जुलाई से आरंभ होने वाले पॉलिथीन विरोधी अभियान के तहत जन सामान्य को इसके दुष्प्रभावों से जागरूक करने के निर्देश दिए। बाद में विकास भवन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि लक्ष्य के अनुरूप आगामी दो अक्तूबर से पॉलिथीन का प्रयोग प्रतिबंधित करने के लिए समाज के सभी वर्गाें का व्यवहार परिवर्तन करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हों अथवा सामान्य व्यापारी, दो अक्तूबर के बाद पॉलीथीन और प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करते पाए जाने की दशा में संबंधितों पर पांच सौ रुपये जुर्माना किया जाएगा और दोबारा पकड़े जाने पर छह माह के कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है, लेकिन सरकार की मंशा के अनुरूप पॉलिथीन विरोधी अभियान का मकसद लोगों को दंडित करना नहीं बल्कि उनका व्यवहार बदलना है। लोग बाजारों में जाकर कोई भी सामान पॉलिथीन में लेना बंद कर देंगे तो इसका व्यापक असर पड़ेगा। दुकानदार पॉलिथीन रखना बंद कर देंगे तो धीरे-धीरे पॉलिथीन निर्माण इकाइयां भी बंद हो जाएंगी।
डीएम त्रिपाठी ने कहा कि बिना विकल्प तैयार किए समाज में पहले से प्रचलित चीजों पर प्रतिबंध लागू कराना आसान नहीं होता। फल-सब्जी बेंचने वाले गरीब तबके के विक्रेताओं की रोजी-रोटी पॉलिथीन पर निर्भर करती है। इसलिए उन्हें दंडित करने के बजाय ऐसे विकल्प समाज को ही तैयार करने होंगे कि गरीबों की आजीविका चलती रहे। इसका सबसे बेहतर तरीका यही होगा कि जो लोग अखबार मंगाते हैं, वे उनके लिफाफे बनाकर दुकानदारों को बांट दें। जिन विभागों के अधिकारी पॉलिथीन और प्लास्टिक बोतलें इस्तेमाल करते पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम ने कहा कि पॉलिथीन पर रोक लगेगी तो शहर के नाले-नालियां चोक नहीं होंगे और स्वच्छता अभियान भी सार्थक हो जाएगा।
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स्वच्छता मानकों पर खरे परिसरों को मिलेगा नगद पुरस्कार
डीएम त्रिपाठी ने कहा कि जल्द ही शहर समेत जनपद में स्वेच्छा के आधार पर स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसमें पॉलिथीन का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने के साथ 20 अन्य कसौटियां पर खरे उतरने वाले परिसरों को मोहल्ला स्तर पर दस हजार रुपये और जिला स्तर पर 50 हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए लोगों को स्वयं आवेदन कर अपने घर का सर्वेक्षण करने का अनुरोध करना होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण के तय मानकों के अनुरूप आवेदकों को बताना होगा कि उन्होंने पॉलिथीन का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दिया है, गंदगी के निस्तारण को मोबाइल एप महुआ का इस्तेमाल कर रहे हैं, नालियां साफ हैं, सूखे और गीले कूड़े के लिए अलग-अलग डस्टबिन की व्यवस्था की है आदि। स्वच्छता का मूल्यांकन मोहल्ला स्तर पर गठित दस सदस्यीय समिति करेगी।
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इस तरह एंड्रायड फोन पर डाउनलोड करें महुआ एप
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त ने बताया कि महुआ एप डाउनलोड के लिए मोबाइल के प्ले स्टोर में जाना होगा। उस पर तिरंगा के साथ स्वच्छता अभियान लोगो के तौर पर गांधी जी का चश्मा दिखेगा। उसे क्लिक करने के साथ अपना नंबर डालकर एप पर रजिस्ट्रेशन करते ही लोकेशन पूछी जाएगी। लोकेशन फीड करते ही समस्या के बारे में ऑप्शन पूछे जाएंगे कि नाली चोक है, जानवर मरा पड़ा है अथवा कूड़े का ढेर सड़ांध पैदा कर रहा है। संबंधित समस्या क्लिक करने के साथ फोटो डालने पर प्रशासन के स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक और पत्रकार वार्ता में एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, एडीएम प्रशासन बच्चू सिंह, एडीएम फाइनेंस सर्वेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एसडीबम सदर रामजी मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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पकड़े जाने पर पांच सौ रुपये जुर्माना, छह माह की सजा
पॉलिथीन विरोधी अभियान के लिए व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता
फोटो 03 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। डीएम अमृत त्रिपाठी नेे बुधवार को गांधी भवन सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों समेत नगर निगम के कर्मचारियों की स्वच्छता समितियों के साथ बैठक उन्हें 15 जुलाई से आरंभ होने वाले पॉलिथीन विरोधी अभियान के तहत जन सामान्य को इसके दुष्प्रभावों से जागरूक करने के निर्देश दिए। बाद में विकास भवन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि लक्ष्य के अनुरूप आगामी दो अक्तूबर से पॉलिथीन का प्रयोग प्रतिबंधित करने के लिए समाज के सभी वर्गाें का व्यवहार परिवर्तन करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता हों अथवा सामान्य व्यापारी, दो अक्तूबर के बाद पॉलीथीन और प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल करते पाए जाने की दशा में संबंधितों पर पांच सौ रुपये जुर्माना किया जाएगा और दोबारा पकड़े जाने पर छह माह के कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है, लेकिन सरकार की मंशा के अनुरूप पॉलिथीन विरोधी अभियान का मकसद लोगों को दंडित करना नहीं बल्कि उनका व्यवहार बदलना है। लोग बाजारों में जाकर कोई भी सामान पॉलिथीन में लेना बंद कर देंगे तो इसका व्यापक असर पड़ेगा। दुकानदार पॉलिथीन रखना बंद कर देंगे तो धीरे-धीरे पॉलिथीन निर्माण इकाइयां भी बंद हो जाएंगी।
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डीएम त्रिपाठी ने कहा कि बिना विकल्प तैयार किए समाज में पहले से प्रचलित चीजों पर प्रतिबंध लागू कराना आसान नहीं होता। फल-सब्जी बेंचने वाले गरीब तबके के विक्रेताओं की रोजी-रोटी पॉलिथीन पर निर्भर करती है। इसलिए उन्हें दंडित करने के बजाय ऐसे विकल्प समाज को ही तैयार करने होंगे कि गरीबों की आजीविका चलती रहे। इसका सबसे बेहतर तरीका यही होगा कि जो लोग अखबार मंगाते हैं, वे उनके लिफाफे बनाकर दुकानदारों को बांट दें। जिन विभागों के अधिकारी पॉलिथीन और प्लास्टिक बोतलें इस्तेमाल करते पाए जाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम ने कहा कि पॉलिथीन पर रोक लगेगी तो शहर के नाले-नालियां चोक नहीं होंगे और स्वच्छता अभियान भी सार्थक हो जाएगा।
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स्वच्छता मानकों पर खरे परिसरों को मिलेगा नगद पुरस्कार
डीएम त्रिपाठी ने कहा कि जल्द ही शहर समेत जनपद में स्वेच्छा के आधार पर स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसमें पॉलिथीन का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने के साथ 20 अन्य कसौटियां पर खरे उतरने वाले परिसरों को मोहल्ला स्तर पर दस हजार रुपये और जिला स्तर पर 50 हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए लोगों को स्वयं आवेदन कर अपने घर का सर्वेक्षण करने का अनुरोध करना होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण के तय मानकों के अनुरूप आवेदकों को बताना होगा कि उन्होंने पॉलिथीन का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दिया है, गंदगी के निस्तारण को मोबाइल एप महुआ का इस्तेमाल कर रहे हैं, नालियां साफ हैं, सूखे और गीले कूड़े के लिए अलग-अलग डस्टबिन की व्यवस्था की है आदि। स्वच्छता का मूल्यांकन मोहल्ला स्तर पर गठित दस सदस्यीय समिति करेगी।
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इस तरह एंड्रायड फोन पर डाउनलोड करें महुआ एप
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त ने बताया कि महुआ एप डाउनलोड के लिए मोबाइल के प्ले स्टोर में जाना होगा। उस पर तिरंगा के साथ स्वच्छता अभियान लोगो के तौर पर गांधी जी का चश्मा दिखेगा। उसे क्लिक करने के साथ अपना नंबर डालकर एप पर रजिस्ट्रेशन करते ही लोकेशन पूछी जाएगी। लोकेशन फीड करते ही समस्या के बारे में ऑप्शन पूछे जाएंगे कि नाली चोक है, जानवर मरा पड़ा है अथवा कूड़े का ढेर सड़ांध पैदा कर रहा है। संबंधित समस्या क्लिक करने के साथ फोटो डालने पर प्रशासन के स्तर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक और पत्रकार वार्ता में एसपी डॉ. एस चन्नप्पा, एडीएम प्रशासन बच्चू सिंह, एडीएम फाइनेंस सर्वेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, एसडीबम सदर रामजी मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद रहे।