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सहकारी गन्ना विकास समिति अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:36 AM IST
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सहकारी गन्ना विकास समिति पुवायां की अध्यक्ष रामबेटी देवी के खिलाफ सात संचालकों के अविश्वास प्रस्ताव की मांग पर डीएम ने इसे स्वीकार करते हुए 25 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बैठक बुलाने के आदेश जारी किए हैं।
गन्ना विकास समिति पुवायां में नौ संचालक हैं। सात संचालकों दंगल सिंह, प्रदीप कुमार, गयादीन, विमलेशचंद्र, आनंद प्रकाश, विद्योत्मा देवी, अनिल गुप्ता ने जून में डीएम को पत्र देकर अध्यक्ष रामबेटी देवी पर आरोप लगाया था कि वह किसानों की समस्याओं के निस्तारण को कोई तवज्जो नहीं देती हैं। अध्यक्ष का कार्य उनके पति जगेंद्र सिंह देखते हैं और संचालकों की बात नहीं सुनी जाती है। संचालकों को उचित सम्मान नहीं दिया जाता है। इसके अलावा फरवरी से अब तक प्रबंध समिति की बैठक नहीं बुलाई गई है, जिससे गन्ने का भुगतान कराए जाने और किसानों की तमाम समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है।
संचालकों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए आगे की कार्रवाई कराए जाने की मांग की थी। डीएम अमृत त्रिपाठी ने संचालकों के पत्र पर आदेश करते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर पूर्ण कार्रवाई सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 30क और सहकारी समिति नियमावली 1968 के नियम संख्या 455 से 465 के तहत संपादित कराया जाना आवश्यक हो गया है। इसके लिए जिला कृषि अधिकारी सतीशचंद्र पाठक को पीठासीन अधिकारी नामित करते हुए 25 जुलाई को पूरी प्रक्रिया नियमानुसार समिति मुख्यालय पर बैठक बुलाकर पूरी कराने के आदेश दिए हैं। बैठक की कार्यवृत्ति और फोटोग्राफी को डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने को भी कहा गया है। अविश्वास प्रस्ताव मंजूर होने के बाद संचालकों में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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गन्ना विकास समिति पुवायां में नौ संचालक हैं। सात संचालकों दंगल सिंह, प्रदीप कुमार, गयादीन, विमलेशचंद्र, आनंद प्रकाश, विद्योत्मा देवी, अनिल गुप्ता ने जून में डीएम को पत्र देकर अध्यक्ष रामबेटी देवी पर आरोप लगाया था कि वह किसानों की समस्याओं के निस्तारण को कोई तवज्जो नहीं देती हैं। अध्यक्ष का कार्य उनके पति जगेंद्र सिंह देखते हैं और संचालकों की बात नहीं सुनी जाती है। संचालकों को उचित सम्मान नहीं दिया जाता है। इसके अलावा फरवरी से अब तक प्रबंध समिति की बैठक नहीं बुलाई गई है, जिससे गन्ने का भुगतान कराए जाने और किसानों की तमाम समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है।
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संचालकों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए आगे की कार्रवाई कराए जाने की मांग की थी। डीएम अमृत त्रिपाठी ने संचालकों के पत्र पर आदेश करते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर पूर्ण कार्रवाई सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 30क और सहकारी समिति नियमावली 1968 के नियम संख्या 455 से 465 के तहत संपादित कराया जाना आवश्यक हो गया है। इसके लिए जिला कृषि अधिकारी सतीशचंद्र पाठक को पीठासीन अधिकारी नामित करते हुए 25 जुलाई को पूरी प्रक्रिया नियमानुसार समिति मुख्यालय पर बैठक बुलाकर पूरी कराने के आदेश दिए हैं। बैठक की कार्यवृत्ति और फोटोग्राफी को डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने को भी कहा गया है। अविश्वास प्रस्ताव मंजूर होने के बाद संचालकों में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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