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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: सरकारी विभागों की लापरवाही, वृक्ष बनने से पहले खत्म हो गए 14 लाख पौधे

Thu, 28 Jul 2022 04:09 AM IST
बरेली ब्यूरो मयंक वर्मा, शाहजहांपुर
मयंक वर्मा, शाहजहांपुर Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 28 Jul 2022 04:09 AM IST
सार

वर्ष 2021-22 में वन विभाग समेत 27 विभागों की ओर से 48 लाख, 83 हजार, 631 पौधे लगाए गए थे। इनमें से 34 लाख, 44 हजार, 96 पौधे जीवित बचे हैं। आंकड़ों के मुताबिक लगभग 14 लाख पौधे नष्ट हो गए हैं। 

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14 lakh saplings were destroyed before becoming a tree
विकासखंड ददरौल के गांव कपास खिरिया में ग्राम समाज की भूमि पर गड्ढों से गायब पौधे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पौधरोपण अभियान में सरकारी विभाग किस कदर लापरवाही बरत रहे हैं, इसकी एक बानगी वर्ष 2021-22 की सफलता प्रतिशत रिपोर्ट में देखने को मिली। वन विभाग ने पौधरोपण से लेकर उनके संरक्षण में बखूबी जिम्मेदारी निभा कर लगभग 95 प्रतिशत पौध संरक्षित करने में कामयाबी हासिल की। वहीं, नगर विकास और परिवहन विभाग को छोड़कर अन्य कोई विभाग खुद से रोपित किए 70 फीसदी पौधे भी नहीं बचा पाए।

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ऐसे में सरकार की ओर से चलाए जा रहे पौधरोपण जन आंदोलन के क्रियान्वयन पर सवालिया निशान लग गए हैं। वन विभाग की ओर से ऐसे विभागों के विभागाध्यक्षों को पौधों के संरक्षण एवं नष्ट हो चुकी पौध के स्थान पर दोबारा नई पौध लगाए जाने के संबंध में लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
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लगभग 14 लाख पौधे हो गए नष्ट
वर्ष 2021-22 में वन विभाग समेत 27 विभागों की ओर से 48 लाख, 83 हजार, 631 पौधे लगाए गए थे। इनमें से 34 लाख, 44 हजार, 96 पौधे जीवित बचे हैं। आंकड़ों के मुताबिक लगभग 14 लाख पौधे नष्ट हो गए हैं। पौधरोपण की सफलता का कुल प्रतिशत 71 प्रतिशत रहा है। 29 प्रतिशत पौधे असफल रहे।
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वन विभाग अव्वल, रेलवे फिसड्डी
पौधरोपण वर्ष 2021-22 की सफलता प्रतिशत रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग सबसे अधिक पौधे बचाने में सफल रहा। जबकि रेलवे आधे ही पौधे बचा पाया। वन विभाग ने 13 लाख 79 हजार 775 पौधे रोपे, 12 लाख 99 हजार 748 पौधे जीवित बचे, सफलता का प्रतिशत लगभग 95 रहा। वहीं रेलवे ने 19320 पौधे रोपे, 9737 पौधे जीवित बचे, सफलता का प्रतिशत 50 रहा।

नगर विकास और परिवहन विभाग ही 75 प्रतिशत पौध बचा पाए
नगर विकास विभाग की ओर से 31171 पौधे रोपित किए गए थे। इनमें से 23472 पौधे जीवित बचे हैं। सफलता का प्रतिशत 75.30 रहा। परिवहन विभाग की ओर से 3000 पौधे लगाए गए थे, 2367 पौधे जीवित बचे। सफलता का प्रतिशत 78.90 रहा।

23 विभाग नहीं छू पाए 70 फ़ीसदी आंकड़ा
ग्राम विकास विभाग ने 19.88 लाख लगाए, 11.99 लाख जीवित सफलता का प्रतिशत 60, पर्यावरण विभाग ने 221772 पौधे लगाए, 138386 जीवित, सफलता का प्रतिशत 62, राजस्व विभाग ने 226440 लगाए, 137449 जीवित, सफलता का प्रतिशत 61, पंचायती राज विभाग ने 226440 लगाए, 141072 जीवित सफलता का प्रतिशत 62 रहा। आवास विकास विभाग ने 7320 लगाए, 4480 जीवित सफलता का प्रतिशत 61, औद्योगिक विकास विभाग ने 3720 लगाए 2373 जीवित सफलता का प्रतिशत 64, लोक निर्माण विभाग ने 11880 लगाए, 7829 जीवित, सफलता का प्रतिशत 66, जल शक्ति विभाग ने 11880 लगाए, 7532 जीवित, सफलता का प्रतिशत 63 रहा। रेशम विभाग ने 22089 लगाए, 14932 जीवित, सफलता का प्रतिशत 68, कृषि विभाग ने 380916 लगाए, 238453 जीवित, सफलता का प्रतिशत 65, पशुपालन विभाग ने 5880 लगाए 3604 सफलता का प्रतिशत 61 ही रहा। रक्षा विभाग ने 7320 लगाए 3894 जीवित सफलता का प्रतिशत 53, उद्यान विभाग ने 250870 लगाए 155790 जीवित सफलता का प्रतिशत 62, पुलिस विभाग ने 7320 लगाएं 4487 जीवित सफलता का प्रतिशत 61 रहा। इसी तरह अन्य विभागों का प्रतिशत 70 प्रतिशत तक रहा।

पौधों के संरक्षण के लिए समय-समय पर विभागों को निर्देशित किया जाता है। जहां सफलता का प्रतिशत कम है। उनके विभागाध्यक्षों से नष्ट हुई और उसके सापेक्ष नई पौध लगाने के लिए भी लगातार पत्राचार किया है। इस संबंध में जिला पर्यावरण समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी। -प्रखर गुप्ता, डीएफओ

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