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शनिवार रात से रविवार शाम तक हुई 14.6 एमएम बारिश, जनजीवन प्रभावित
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शाहजहांपुर में रविवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। शनिवार शाम से रविवार को शाम तक दूसरे दिन भी रुक-रुककर बारिश होती जारी रहा। इस दौरान 14.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई और आगे भी बारिश के आसार बने हुए हैं। बेमौसम की बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन कृषि और मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि बीते 36 घंटे में हुई 25 मिमी बरसात गेहूं और गन्ना की फसलों के लिए वरदान साबित होगी।
रुक-रुककर बारिश का सिलसिला रविवार सुबह नौ बजे के बाद तक जारी रहा। बाद में पछुआ हवा चलने से बादल तितर-बितर होने लगे। अधिकतम तापमान भी दो डिग्री बढ़कर 20 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन शाम चार बजे के बाद फिर से रिमझिम फुहारें गिरने लगीं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वायुदाब में वृद्धि नहीं होने के कारण सोमवार को भी सुबह से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने का अनुमान है।
किसानों की बात
बारिश से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचा है। फसल में पानी लगना था, लेकिन सिंचाई खर्च बच गया है। इससे सीधा आर्थिक लाभ हुआ है।
- सुभाष चंद्र मिश्र, बझेड़ा भगवानपुर, जैतीपुर
लगातार बारिश से मेरी 24 बीघा मसूर की फसल को नुकसान हो गया है। क्षेत्र में किसानों की आलू, सरसों, मसूर आदि फसलों पर खतरा है।
-शैलेन्द्र प्रताप सिंह, खेड़ा रठ, जैतीपुर
गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। किसानों के एक पानी बचत हुई है। वह पैसा उर्वरकों में लगाएंगे। गेहूं और गन्ना की फसल को लाभ हुआ है।
-राम अवतार शर्मा, मरुआ झाला, जैतीपुर
बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल लहराने लगी है, लेकिन सरसों व आलू को नुकसान हो रहा है। अब पानी थमना चाहिए, वरना नुकसान बढ़ेगा।
-ब्रजेश मौर्य, बंड़िया खुर्द, जैतीपुर
बारिश से गेहूं की फसल को बहुत फायदा हुआ है। गेहूं को पानी की आवश्यकता थी जो कि प्राकृतिक रूप से मिल गया है।
-निरजेश सिंह, कुनिया बिहारीपुर, जैतीपुर
बारिश से सरसों और फूल रही मसूर की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि, गेहूं और गन्ना को बरसात से बहुत लाभ मिला है।
-मथुरा प्रसाद, रपड़िया, जैतीपुर
गेहूं और गन्ना की फसल को प्राकृतिक सिंचाई मिल जाने से किसान लाभ में रहेंगे। बारिश धीमी गति से हो रही है। इसलिए अभी खेतों में पानी भरने अथवा उसे निकालने की स्थितियां नहीं बनी हैं। फिर भी निचले स्थानों वाले खेतों में बोई गई सरसों और आलू फसल की किसान निगरानी करते रहें। इन फसलों के खेतों में पानी नहीं रुकना चाहिए। जिन खेतों मेें सरसों में फलियां निकल आई हैं, वहां नुकसान नहीं होगा। अगले 48 घंटे में मौसम सामान्य नहीं होने पर आलू में पिछैती झुलसा रोग लग सकता है।
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-डॉ. एनसी त्रिपाठी, वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक एवं केंद्र प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र
सर्दी से बचाव को गर्म चीजें खाएं, योग अपनाए : डॉ. अवधेशमणि
शाहजहांपुर। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अवधेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि इस मौसम में कान, नाक, गला, हाथ और पैरों को ठंड से बचाना जरूरी है। गले के लिए गुनगुने पानी को पीना सबसे अच्छा है। तुलसी व अदरक वाली चाय का सेवन करना लाभदायक होगा। पेट को साफ रखने के लिए गुड़ और चना बहुत ही उत्तम होता है। इससे प्रोटीन तथा आयरन मिलता है, जोकि इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक है। सर्दी-बरसात के इस मौसम में चावल जैसी ठंडी तासीर की चीजें न खाएं तो ज्यादा अच्छा होगा। संवाद
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रुक-रुककर बारिश का सिलसिला रविवार सुबह नौ बजे के बाद तक जारी रहा। बाद में पछुआ हवा चलने से बादल तितर-बितर होने लगे। अधिकतम तापमान भी दो डिग्री बढ़कर 20 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन शाम चार बजे के बाद फिर से रिमझिम फुहारें गिरने लगीं। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार वायुदाब में वृद्धि नहीं होने के कारण सोमवार को भी सुबह से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी होने का अनुमान है।
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किसानों की बात
बारिश से गेहूं की फसल को फायदा पहुंचा है। फसल में पानी लगना था, लेकिन सिंचाई खर्च बच गया है। इससे सीधा आर्थिक लाभ हुआ है।
- सुभाष चंद्र मिश्र, बझेड़ा भगवानपुर, जैतीपुर
लगातार बारिश से मेरी 24 बीघा मसूर की फसल को नुकसान हो गया है। क्षेत्र में किसानों की आलू, सरसों, मसूर आदि फसलों पर खतरा है।
-शैलेन्द्र प्रताप सिंह, खेड़ा रठ, जैतीपुर
गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। किसानों के एक पानी बचत हुई है। वह पैसा उर्वरकों में लगाएंगे। गेहूं और गन्ना की फसल को लाभ हुआ है।
-राम अवतार शर्मा, मरुआ झाला, जैतीपुर
बारिश से गेहूं और गन्ने की फसल लहराने लगी है, लेकिन सरसों व आलू को नुकसान हो रहा है। अब पानी थमना चाहिए, वरना नुकसान बढ़ेगा।
-ब्रजेश मौर्य, बंड़िया खुर्द, जैतीपुर
बारिश से गेहूं की फसल को बहुत फायदा हुआ है। गेहूं को पानी की आवश्यकता थी जो कि प्राकृतिक रूप से मिल गया है।
-निरजेश सिंह, कुनिया बिहारीपुर, जैतीपुर
बारिश से सरसों और फूल रही मसूर की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि, गेहूं और गन्ना को बरसात से बहुत लाभ मिला है।
-मथुरा प्रसाद, रपड़िया, जैतीपुर
गेहूं और गन्ना की फसल को प्राकृतिक सिंचाई मिल जाने से किसान लाभ में रहेंगे। बारिश धीमी गति से हो रही है। इसलिए अभी खेतों में पानी भरने अथवा उसे निकालने की स्थितियां नहीं बनी हैं। फिर भी निचले स्थानों वाले खेतों में बोई गई सरसों और आलू फसल की किसान निगरानी करते रहें। इन फसलों के खेतों में पानी नहीं रुकना चाहिए। जिन खेतों मेें सरसों में फलियां निकल आई हैं, वहां नुकसान नहीं होगा। अगले 48 घंटे में मौसम सामान्य नहीं होने पर आलू में पिछैती झुलसा रोग लग सकता है।
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-डॉ. एनसी त्रिपाठी, वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक एवं केंद्र प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र
सर्दी से बचाव को गर्म चीजें खाएं, योग अपनाए : डॉ. अवधेशमणि
शाहजहांपुर। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अवधेशमणि त्रिपाठी ने बताया कि इस मौसम में कान, नाक, गला, हाथ और पैरों को ठंड से बचाना जरूरी है। गले के लिए गुनगुने पानी को पीना सबसे अच्छा है। तुलसी व अदरक वाली चाय का सेवन करना लाभदायक होगा। पेट को साफ रखने के लिए गुड़ और चना बहुत ही उत्तम होता है। इससे प्रोटीन तथा आयरन मिलता है, जोकि इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक है। सर्दी-बरसात के इस मौसम में चावल जैसी ठंडी तासीर की चीजें न खाएं तो ज्यादा अच्छा होगा। संवाद