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रिपोर्ट दर्ज होने से दहशत में ग्रामीण
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तिलहर (शाहजहांपुर)। गांव राजनपुर में गो वंशीय पशुओं को अस्पताल में बंद किए जाने के मामले में 42 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। घटना के दूसरे दिन जहां गांव में सन्नाटा पसरा रहा वहीं अस्पताल परिसर में भी मरीजों के अलावा कोई अन्य ग्रामीण अस्पताल परिसर नहीं पहुंचा। रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे बीत जाने के बाद पुलिस अभी कोई गिरफ्तारी नहीं कर सकती है।
सोमवार को गांव राजनपुर के सरकारी अस्पताल में ग्रामीणों ने फसलों को नष्ट कर रहे पशुओं को गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर क्षेत्र में छुट्टा घूम रहे पशुओं से होने वाले नुकसान पर विरोध जताया था। आयुर्वेद चिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरी बाबू की ओर से इस मामले में सात नामजद और 35 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि की धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। मंगलवार को गांव में मुकदमे को लेकर खासी चर्चा रही। इसके चलते गांव में रोज की तरह चहल पहल नजर नहीं आई। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए लोग इधर उधर दुबके रहे। उधर, कुछ लोगों ने मुकदमा दर्ज होने पर आक्रोश जताते हुए कहा कि वर्षों से किसानों की फसलें आवारा पशु बर्बाद करते चले आ रहे हैं किसान खून के आंसू बहा रहा है यदि ग्रामीणों ने अपने उचित मांग के लिए पशुओं को एक जगह एकत्र कर दिया तब प्रशासन ग्रामीणों के ऊपर मुकदमा दर्ज करा कर उनको बर्बाद करने पर तुल गया है। कोतवाल अशोक पाल सिंह ने बताया के अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।
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सोमवार को गांव राजनपुर के सरकारी अस्पताल में ग्रामीणों ने फसलों को नष्ट कर रहे पशुओं को गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर क्षेत्र में छुट्टा घूम रहे पशुओं से होने वाले नुकसान पर विरोध जताया था। आयुर्वेद चिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरी बाबू की ओर से इस मामले में सात नामजद और 35 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि की धाराओं में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। मंगलवार को गांव में मुकदमे को लेकर खासी चर्चा रही। इसके चलते गांव में रोज की तरह चहल पहल नजर नहीं आई। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए लोग इधर उधर दुबके रहे। उधर, कुछ लोगों ने मुकदमा दर्ज होने पर आक्रोश जताते हुए कहा कि वर्षों से किसानों की फसलें आवारा पशु बर्बाद करते चले आ रहे हैं किसान खून के आंसू बहा रहा है यदि ग्रामीणों ने अपने उचित मांग के लिए पशुओं को एक जगह एकत्र कर दिया तब प्रशासन ग्रामीणों के ऊपर मुकदमा दर्ज करा कर उनको बर्बाद करने पर तुल गया है। कोतवाल अशोक पाल सिंह ने बताया के अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है।
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