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मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लाग किया दान-पुण्य
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:21 PM IST
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फोटो-27,रामनगरिया मेला में मौनी अमावस्या पर भगवान शिव की शोभा यात्रा निकालते साधु-संत।
मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लाग किया दान-पुण्य
ढाई घाट तट राम नगरिया मेला में उमड़ा आस्था का सैलाब
साधु-संतों ने महादेव की शोभा यात्रा निकाल की परिक्रमा
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। ढाई घाट गंगा तट पर चल रहे रामनगरिया मेले में मंगलवार को मौनी अमावस्या के मौके पर आस्था का सैलाब उमड़ा। साधु-संतों समेत हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया। कई जगह भंडारों का आयोजन हुआ। सांधु-संतों के पंडालों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया।
ढाई घाट गंगा तट पर माघ महीने में एक महीने तक राम नगरिया मेला चलता है। पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और माघ पूर्णिमा पर यहां गंगा स्नान के विशेष महत्व है। माघ माह में भारी संख्या में साधु-संत एक महीने तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं। मंगलवार को मौनी अमावस्या के मौके पर ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा स्नान शुरू हो गया। गंगा तट दिन भर हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजता रहा। इस दौरान साधु-संतों ने भगवान महादेव की शोभा यात्रा के साथ मेला की परिक्रमा भी की और मौन व्रत रखा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह शोभा यात्रा का स्वागत किया। ध्यानी बाबा आश्रम में महंत श्यामदास, संत रामसरन दास ने श्रद्धालुओं को मौनी अमावस्या के महत्व के बारे में बताया।
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मौनी अमावस्या पर गंगा में डुबकी लाग किया दान-पुण्य
ढाई घाट तट राम नगरिया मेला में उमड़ा आस्था का सैलाब
साधु-संतों ने महादेव की शोभा यात्रा निकाल की परिक्रमा
अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। ढाई घाट गंगा तट पर चल रहे रामनगरिया मेले में मंगलवार को मौनी अमावस्या के मौके पर आस्था का सैलाब उमड़ा। साधु-संतों समेत हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया। कई जगह भंडारों का आयोजन हुआ। सांधु-संतों के पंडालों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया।
ढाई घाट गंगा तट पर माघ महीने में एक महीने तक राम नगरिया मेला चलता है। पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और माघ पूर्णिमा पर यहां गंगा स्नान के विशेष महत्व है। माघ माह में भारी संख्या में साधु-संत एक महीने तक गंगा तट पर कल्पवास करते हैं। मंगलवार को मौनी अमावस्या के मौके पर ब्रह्ममुहूर्त से ही गंगा स्नान शुरू हो गया। गंगा तट दिन भर हर-हर गंगे और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजता रहा। इस दौरान साधु-संतों ने भगवान महादेव की शोभा यात्रा के साथ मेला की परिक्रमा भी की और मौन व्रत रखा। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह शोभा यात्रा का स्वागत किया। ध्यानी बाबा आश्रम में महंत श्यामदास, संत रामसरन दास ने श्रद्धालुओं को मौनी अमावस्या के महत्व के बारे में बताया।
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