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एसडीएम के लिखित आश्वासन पर खत्म हुआ आमरण अनशन
Updated Tue, 22 Aug 2017 07:07 PM IST
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। बहगुल नदी पर पुल बनवाने की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा ग्रामीणों का आमरण अनशन मंगलवार शाम लिखित आश्वासन देकर एसडीएम ने समाप्त करा दिया।
बता दें कि बहगुल और रामगंगा नदियों के बीच टापू पर बसे करीब 12 से ज्यादा गांवों के लोगों ने बहगुल नदी पर पुल बनवाने की मांग को लेकर पहले पांच दिन क्रमिक अनशन किया था, लेकिन प्रशासन के तबज्जो न देने से भड़के आंदोलनकारियों ने सोमवार को तहसील पहुंचकर आमरण अनशन शुरू कर दिया। 19 लोगों के आमरण अनशन पर एक साथ बैठने और आंदोलन को प्रधान संगठन व भाकियू का समर्थन मिलने के बाद से प्रशासन सतर्क हो गया। उधर, भीषण गर्मी में मंगलवार को दो बुजुर्ग अनशनकारी राजवीर व रामसेवक की हालत जब ज्यादा बिगड़ गई तब एसडीएम ने डॉक्टर से उनका चेकअप करवाने के साथ ही आंदोलन स्थगित कराने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान हुई वार्ता के अनुसार अनशनकारियों ने एसडीएम को शासन पर अटके पड़े पुल निर्माण संबंधी प्रस्ताव को सार्थक परिणाम तक पहुंचाने के लिए 25 दिन का समय दिया। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुए लिखित समझौते में तय समय में कुछ हासिल न कर पाने पर दुबारा अनशन शुरू कर दिए जाने की चेतावनी भी शामिल है। समझौते के बाद एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने सभी 19 अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
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बता दें कि बहगुल और रामगंगा नदियों के बीच टापू पर बसे करीब 12 से ज्यादा गांवों के लोगों ने बहगुल नदी पर पुल बनवाने की मांग को लेकर पहले पांच दिन क्रमिक अनशन किया था, लेकिन प्रशासन के तबज्जो न देने से भड़के आंदोलनकारियों ने सोमवार को तहसील पहुंचकर आमरण अनशन शुरू कर दिया। 19 लोगों के आमरण अनशन पर एक साथ बैठने और आंदोलन को प्रधान संगठन व भाकियू का समर्थन मिलने के बाद से प्रशासन सतर्क हो गया। उधर, भीषण गर्मी में मंगलवार को दो बुजुर्ग अनशनकारी राजवीर व रामसेवक की हालत जब ज्यादा बिगड़ गई तब एसडीएम ने डॉक्टर से उनका चेकअप करवाने के साथ ही आंदोलन स्थगित कराने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान हुई वार्ता के अनुसार अनशनकारियों ने एसडीएम को शासन पर अटके पड़े पुल निर्माण संबंधी प्रस्ताव को सार्थक परिणाम तक पहुंचाने के लिए 25 दिन का समय दिया। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुए लिखित समझौते में तय समय में कुछ हासिल न कर पाने पर दुबारा अनशन शुरू कर दिए जाने की चेतावनी भी शामिल है। समझौते के बाद एसडीएम सत्यप्रिय सिंह ने सभी 19 अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया।
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