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Shahjahanpur News: गैस एजेंसी के नाम पर 12.50 लाख की ठगी
Wed, 08 Jan 2025 12:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 08 Jan 2025 12:52 AM IST
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पुवायां। मोहल्ला कसभरा मिशन निवासी साहिल शुक्ला ने गैस सिलिंडर की एजेंसी दिलाने के नाम पर 12.50 लाख रुपये ठगने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप है।
साहिल ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर गैस सिलिंडर की एजेंसी के लिए विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर कंपनी के लखनऊ कार्यालय में बुलाया गया। वहां मिले एक व्यक्ति ने डीलरशिप के लिए ढाई लाख रुपये और आवेदन पत्र जमा करा लिया।
27 मार्च 2023 को लाइसेंस फीस आदि के लिए तीन लाख रुपये जमा कराए गए थे। 30 मार्च 2023 को उनको मोबाइल पर डीलरशिप मिल जाने की सूचना देकर सिक्योरिटी के रूप में सात लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया। छह अप्रैल को उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से सात लाख रुपये कंपनी को दे दिए, लेकिन चार माह बाद भी व्यावसायिक गतिविधि शुरू न होने पर वह लखनऊ जाकर इंचार्ज से मिले तो साढ़े 12 लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा गया।
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उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया, इसके बाद कई बार संपर्क करने के बाद भी सुनवाई नहीं की गई। 20 फरवरी 2024 को इंचार्ज ने उनसे कहा कि रुपये नहीं जमा करने हैं तो डीलरशिप निरस्त कर रुपये वापस ले लो। उन्होंने डीलरशिप निरस्त कर दी। इसके बाद उनसे कह दिया गया कि उन्होंने एक वर्ष के अंदर डीलरशिप निरस्त कर दी है। इस कारण कोई राशि वापस नहीं मिलेगी।
इंचार्ज ने उनसे गाली-गलौज कर धमकी दी कि सिलिंडर से घर उड़वा दिया जाएगा। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इंचार्ज और कंपनी पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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साहिल ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर गैस सिलिंडर की एजेंसी के लिए विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर कंपनी के लखनऊ कार्यालय में बुलाया गया। वहां मिले एक व्यक्ति ने डीलरशिप के लिए ढाई लाख रुपये और आवेदन पत्र जमा करा लिया।
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27 मार्च 2023 को लाइसेंस फीस आदि के लिए तीन लाख रुपये जमा कराए गए थे। 30 मार्च 2023 को उनको मोबाइल पर डीलरशिप मिल जाने की सूचना देकर सिक्योरिटी के रूप में सात लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया। छह अप्रैल को उन्होंने आरटीजीएस के माध्यम से सात लाख रुपये कंपनी को दे दिए, लेकिन चार माह बाद भी व्यावसायिक गतिविधि शुरू न होने पर वह लखनऊ जाकर इंचार्ज से मिले तो साढ़े 12 लाख रुपये और जमा करने के लिए कहा गया।
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उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया, इसके बाद कई बार संपर्क करने के बाद भी सुनवाई नहीं की गई। 20 फरवरी 2024 को इंचार्ज ने उनसे कहा कि रुपये नहीं जमा करने हैं तो डीलरशिप निरस्त कर रुपये वापस ले लो। उन्होंने डीलरशिप निरस्त कर दी। इसके बाद उनसे कह दिया गया कि उन्होंने एक वर्ष के अंदर डीलरशिप निरस्त कर दी है। इस कारण कोई राशि वापस नहीं मिलेगी।
इंचार्ज ने उनसे गाली-गलौज कर धमकी दी कि सिलिंडर से घर उड़वा दिया जाएगा। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इंचार्ज और कंपनी पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।