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डीपीओ से क्षुब्ध सुपरवाइजरों ने किया कार्य बहिष्कार
Updated Wed, 28 Jun 2017 06:39 PM IST
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शाहजहांपुर। बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी के अभद्र व्यवहार से क्षुब्ध होकर उन्हें हटाने की मांग पर अड़ी परियोजना सुपरवाइजरों ने बुधवार को एक घंटे कार्य बहिष्कार कर कलक्ट्रेट में धरना दिया। उन्हाेंने सिर पर काले फीते बांधकर नारेबाजी की और डीएम के नाम ज्ञापन देकर डीपीओ का तबादला होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया।
निगोही थाने में गत 17 जून को डीएम की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के तमाम बच्चों को प्रोटीन आहार के डिब्बे नहीं मिल पाने पर डीपीओ विजयाश्री ने सुपरवाइजर गीता द्विवेदी और रेखा चौधरी से अभद्र व्यवहार किया था। डीपीओ के स्तर से अभद्रता के आरोप खारिज कर दिए जाने के बावजूद सुपरवाइजरों के आक्रामक तेवर बुधवार को भी बरकरार रहे।
इस मामले में दो बार कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम के नाम ज्ञापन देने के बावजूद डीपीओ के विरुद्ध अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सुपरवाइजर बेहद नाराज हैं। सुपरवाइजर एसोसिएशन की बीते दिन हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप मुख्य सेविकाओं ने सिर पर काली पट्टियां बांधकर कार्य बहिष्कार किया और कलक्ट्रेट में धरना देकर अपनी मांग पर प्रशासन का ध्यान दिलाया।
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इस मौके पर संगठन की प्रांतीय कोषाध्यक्ष सुधा सिंह ने कहा कि सुपरवाइजर संवर्ग डीपीओ द्वारा आर्थिक, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किए जाने से सड़क पर उतरने को बाध्य है, लेकिन डीपीओ आरोपों के बारे में अनभिज्ञता जताकर न केवल जांच एजेंसियों को गुमराह कर रही हैं, उनकी तानाशाही मानसिकता भी उजागर हो गई है। जिलाध्यक्ष सुषम रानी सक्सेना ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बावजूद सुपरवाइजर्स शासकीय कार्य करके अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
जिला सचिव आदर्श मिश्रा ने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी के क्रियाकलापों की उच्च स्तरीय जांच करके उनका तबादला किया जाए, अन्यथा दो जुलाई से संगठन स्तर से आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। धरना-प्रदर्शन में अरुण राठौर, बिंदेश्वरी, हरिओेम सिंह चौहान, लज्जावती, कुसुम सरन, शौक जहां, रेखा चौधरी, जगदंबा, सरस्वती, स्नेेहलता, ऊषा श्रीवास्तव, राजकुमारी आदि मुख्य सेविकाएं शामिल रहीं।
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निगोही थाने में गत 17 जून को डीएम की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के तमाम बच्चों को प्रोटीन आहार के डिब्बे नहीं मिल पाने पर डीपीओ विजयाश्री ने सुपरवाइजर गीता द्विवेदी और रेखा चौधरी से अभद्र व्यवहार किया था। डीपीओ के स्तर से अभद्रता के आरोप खारिज कर दिए जाने के बावजूद सुपरवाइजरों के आक्रामक तेवर बुधवार को भी बरकरार रहे।
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इस मामले में दो बार कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम के नाम ज्ञापन देने के बावजूद डीपीओ के विरुद्ध अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सुपरवाइजर बेहद नाराज हैं। सुपरवाइजर एसोसिएशन की बीते दिन हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप मुख्य सेविकाओं ने सिर पर काली पट्टियां बांधकर कार्य बहिष्कार किया और कलक्ट्रेट में धरना देकर अपनी मांग पर प्रशासन का ध्यान दिलाया।
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इस मौके पर संगठन की प्रांतीय कोषाध्यक्ष सुधा सिंह ने कहा कि सुपरवाइजर संवर्ग डीपीओ द्वारा आर्थिक, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किए जाने से सड़क पर उतरने को बाध्य है, लेकिन डीपीओ आरोपों के बारे में अनभिज्ञता जताकर न केवल जांच एजेंसियों को गुमराह कर रही हैं, उनकी तानाशाही मानसिकता भी उजागर हो गई है। जिलाध्यक्ष सुषम रानी सक्सेना ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बावजूद सुपरवाइजर्स शासकीय कार्य करके अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
जिला सचिव आदर्श मिश्रा ने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी के क्रियाकलापों की उच्च स्तरीय जांच करके उनका तबादला किया जाए, अन्यथा दो जुलाई से संगठन स्तर से आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। धरना-प्रदर्शन में अरुण राठौर, बिंदेश्वरी, हरिओेम सिंह चौहान, लज्जावती, कुसुम सरन, शौक जहां, रेखा चौधरी, जगदंबा, सरस्वती, स्नेेहलता, ऊषा श्रीवास्तव, राजकुमारी आदि मुख्य सेविकाएं शामिल रहीं।