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तस्करों ने बदला ट्रेंड, हाईवे के रास्ते बिहार ले जा रहे अवैध शराब
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तस्करों ने बदला ट्रेंड, हाईवे के रास्ते बिहार ले जा रहे अवैध शराब
- बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर और कुशीनगर की सीमा पार कर बिहार पहुंच रहा अवैध शराब
- आबकारी और पुलिस के कमजोर सूचनातंत्र का फायदा उठा रहे तस्कर
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। तूं डाल-डाल मै पात-पात की तर्ज पर अवैध शराब के तस्करों ने ट्रेंड बदल दिया है। ट्रकों में सामानों के बीच में छुपा कर अवैध शराब की खेप को हाईवे से होकर बिहार पहुंचाया जा रहा है। आलम यह है कि आबकारी और पुलिस की सुस्ती और कमजोर सूचना तंत्र का फायदा तस्कर उठा कर अपने मकसद में कायम हो रहे हैं। वैसे कभी- कभार छिटपुट बरामदगी भी होती है, लेकिन तस्कर बड़ी खेप आसानी से गंतव्य तक पहुंचा दे रहे हैं।
वैसे तो जनपद कच्ची शराब की बिक्री और निर्माण के लिए चर्चित है। बिहार में शराब बंदी की वजह से तस्कर ट्रेंड बदल कर अवैध शराब की खेप बिहार पहुंचा रहे है। बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर की सीमा से होकर हाईवे के रास्ते कुशीनगर जनपद से होकर तस्कर अवैध शराब गंतव्य तक पहुंचा रहे है। तीन महीने के भीतर कोतवाली खलीलाबाद की पुलिस ने तीन बार अवैध शराब की खेप बरामद की है। जिसमें दो बार तो हरियाणा के दो-दो तस्कर भी पकड़े गए थे। जबकि मगहर के पास अभी चार दिन पूर्व लग्जरी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई जिसमें अवैध शराब मिली थी। यह बरामदगी ही इस बात की तस्दीक कर रही है कि अवैध शराब की खेप हाईवे से होकर बिहार जा रही है। वैसे कुशीनगर जिले में सर्वाधिक अवैध शराब की बरामदगी होती है। वहां दो महीने के भीतर करीब डेढ़ करोड़ कीमत की अवैध शराब बरामद हुई थी। अवैध शराब के धंधे में पुलिस की संलिप्तता भी उजागर हुई थी। कसया के पूर्व एसओ की भाभी की गाड़ी से अवैध शराब मिली थी। जिसमें पूर्व एसओ के खिलाफ निलंबन और मुकदमा दर्ज कराया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि कुशीनगर तक अवैध शराब पहुंचने से पहले बस्ती, संतकबीरनगर और गोरखपुर जिले के भी कई थाने और चौकियां हाईवे पर स्थित है। आखिर अवैध शराब की गाडियां कैसे इन जिलों की पुलिस की निगाह से बच कर कुशीनगर तक पहुंच जा रही है। इसमें आबकारी और पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठना लाजमी है। जिला आबाकारी अधिकारी श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि अवैध शराब के संबंध में सूचनाएं जुटा कर कार्रवाई किए जाने को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। जब कोई सटीक सूचना मिलती है तो कार्रवाई जरूर की जाती है। जबकि एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि यह सच है कि अवैध शराब की खेप बिहार पहुंचाई जाती है, लेकिन सटीक सूचनाएं मिलने पर ही पुलिस अपना काम कर पाती है। मातहतों को निर्देश दिए गए है कि वें अपने सूचना तंत्र को विकसित करें और यदि अवैध शराब की गाडियां हाईवे से होकर गुजरे तो उनकी धरपकड़ करें। हाईवे के किनारे संचालित होटल, ढाबे पर भी नजर रखने का सुझाव दिया गया है, ताकि हरियाणा, पंजाब आदि जगहों से अवैध शराब लदी गाडियां पहुंच कर रुके तो उनके संबंध में सटीक सूचनाएं मिल सकें। अवैध शराब की बरामदगी और तस्करों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस तत्पर है।
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- बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर और कुशीनगर की सीमा पार कर बिहार पहुंच रहा अवैध शराब
- आबकारी और पुलिस के कमजोर सूचनातंत्र का फायदा उठा रहे तस्कर
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। तूं डाल-डाल मै पात-पात की तर्ज पर अवैध शराब के तस्करों ने ट्रेंड बदल दिया है। ट्रकों में सामानों के बीच में छुपा कर अवैध शराब की खेप को हाईवे से होकर बिहार पहुंचाया जा रहा है। आलम यह है कि आबकारी और पुलिस की सुस्ती और कमजोर सूचना तंत्र का फायदा तस्कर उठा कर अपने मकसद में कायम हो रहे हैं। वैसे कभी- कभार छिटपुट बरामदगी भी होती है, लेकिन तस्कर बड़ी खेप आसानी से गंतव्य तक पहुंचा दे रहे हैं।
वैसे तो जनपद कच्ची शराब की बिक्री और निर्माण के लिए चर्चित है। बिहार में शराब बंदी की वजह से तस्कर ट्रेंड बदल कर अवैध शराब की खेप बिहार पहुंचा रहे है। बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर की सीमा से होकर हाईवे के रास्ते कुशीनगर जनपद से होकर तस्कर अवैध शराब गंतव्य तक पहुंचा रहे है। तीन महीने के भीतर कोतवाली खलीलाबाद की पुलिस ने तीन बार अवैध शराब की खेप बरामद की है। जिसमें दो बार तो हरियाणा के दो-दो तस्कर भी पकड़े गए थे। जबकि मगहर के पास अभी चार दिन पूर्व लग्जरी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई जिसमें अवैध शराब मिली थी। यह बरामदगी ही इस बात की तस्दीक कर रही है कि अवैध शराब की खेप हाईवे से होकर बिहार जा रही है। वैसे कुशीनगर जिले में सर्वाधिक अवैध शराब की बरामदगी होती है। वहां दो महीने के भीतर करीब डेढ़ करोड़ कीमत की अवैध शराब बरामद हुई थी। अवैध शराब के धंधे में पुलिस की संलिप्तता भी उजागर हुई थी। कसया के पूर्व एसओ की भाभी की गाड़ी से अवैध शराब मिली थी। जिसमें पूर्व एसओ के खिलाफ निलंबन और मुकदमा दर्ज कराया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि कुशीनगर तक अवैध शराब पहुंचने से पहले बस्ती, संतकबीरनगर और गोरखपुर जिले के भी कई थाने और चौकियां हाईवे पर स्थित है। आखिर अवैध शराब की गाडियां कैसे इन जिलों की पुलिस की निगाह से बच कर कुशीनगर तक पहुंच जा रही है। इसमें आबकारी और पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठना लाजमी है। जिला आबाकारी अधिकारी श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि अवैध शराब के संबंध में सूचनाएं जुटा कर कार्रवाई किए जाने को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। जब कोई सटीक सूचना मिलती है तो कार्रवाई जरूर की जाती है। जबकि एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि यह सच है कि अवैध शराब की खेप बिहार पहुंचाई जाती है, लेकिन सटीक सूचनाएं मिलने पर ही पुलिस अपना काम कर पाती है। मातहतों को निर्देश दिए गए है कि वें अपने सूचना तंत्र को विकसित करें और यदि अवैध शराब की गाडियां हाईवे से होकर गुजरे तो उनकी धरपकड़ करें। हाईवे के किनारे संचालित होटल, ढाबे पर भी नजर रखने का सुझाव दिया गया है, ताकि हरियाणा, पंजाब आदि जगहों से अवैध शराब लदी गाडियां पहुंच कर रुके तो उनके संबंध में सटीक सूचनाएं मिल सकें। अवैध शराब की बरामदगी और तस्करों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस तत्पर है।
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