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हम भी रखते हैं मोर्चा संभालने का दम
Wed, 27 Feb 2019 11:15 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 27 Feb 2019 11:15 PM IST
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म भी रखते हैं मोर्चा संभालने का दम
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात देख पूर्व सैनिक भी जोश में हैं। पूर्व सैनिकों का कहना है कि भारतीय सेना पाकिस्तान को चार बार हरा चुकी है। पांचवीं बार युद्ध हुआ तो पाकिस्तान का वजूद मिट जाएगा। जरूरत पड़ी तो वे लोग सीमा पर मोर्चा संभालने का दमखम रखते हैं।
भारतीय सेना में लांस नायक पद से दो महीना पहले ही रिटायर हुए विजय कुमार जायसवाल का कहना है कि हर फौजी को युद्ध में अपना शौर्य दिखाने का इंतजार रहता है। भारतीय सेना दुनिया के किसी भी देश का जवाब देने में सक्षम है। पाकिस्तान से युद्ध् हुआ तो हमारे पास पर्याप्त सैनिक हैं। फिर भी अगर जरूरत पड़ी तो वे तुरंत मोर्चा संभालने जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपनी आैकात पता है। फिर भी गिदड़ भ्ापकी दे रहा है। नायब सूबेदार पद से रिटायर हुए शिवराम मिश्र का कहना है कि वरिष्ठ अफसरों का आदेश मिलते ही हर सैनिक तत्काल मोर्चा संभाल लेता है। देश की रक्षा के लिए युद्ध करने का अवसर मिलना हर सैनिक के लिए परम सौभाग्य की बात होती है। जरूरत पड़ने पर वे तत्काल युद्ध लड़ने सीमा पर पहुंच सकते हैं। पाकिस्तान को अपनी औकात पता है। रिटायर सूबेदार आरपी त्रिपाठी का कहना है कि इस बार भारतीय सेना पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाएगी। पाकिस्तान आमने-सामने के युद्ध् में चार बार हार चुका है। अगर युद्घ हुआ तो इस बार भी उसे करारी शिकस्त झेलनी पड़ेगी। हमारे जवान असलहों के साथ-साथ् हौशलों से भी जंग लड़ते हैं। हर सैनिक युद्घ के लिए तैयार है। नायक पद से रिटायर पूर्व सैनिक सिद्धनाथ शुक्ला वर्तमान हालात पर नजर रखे हुए हैं। इनका कहना है कि वर्तमान सैनिक ही पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पर्याप्त हैं। हमारा हर सैनिक पाकिस्तानी आर्मी पर भारी पड़ता है। ऐसा सौभाग्य शायद ही मिले जब पूर्व सैनिकों को युद्घ के लिए जाना पड़े।
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भारतीय सेना में लांस नायक पद से दो महीना पहले ही रिटायर हुए विजय कुमार जायसवाल का कहना है कि हर फौजी को युद्ध में अपना शौर्य दिखाने का इंतजार रहता है। भारतीय सेना दुनिया के किसी भी देश का जवाब देने में सक्षम है। पाकिस्तान से युद्ध् हुआ तो हमारे पास पर्याप्त सैनिक हैं। फिर भी अगर जरूरत पड़ी तो वे तुरंत मोर्चा संभालने जाएंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपनी आैकात पता है। फिर भी गिदड़ भ्ापकी दे रहा है। नायब सूबेदार पद से रिटायर हुए शिवराम मिश्र का कहना है कि वरिष्ठ अफसरों का आदेश मिलते ही हर सैनिक तत्काल मोर्चा संभाल लेता है। देश की रक्षा के लिए युद्ध करने का अवसर मिलना हर सैनिक के लिए परम सौभाग्य की बात होती है। जरूरत पड़ने पर वे तत्काल युद्ध लड़ने सीमा पर पहुंच सकते हैं। पाकिस्तान को अपनी औकात पता है। रिटायर सूबेदार आरपी त्रिपाठी का कहना है कि इस बार भारतीय सेना पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाएगी। पाकिस्तान आमने-सामने के युद्ध् में चार बार हार चुका है। अगर युद्घ हुआ तो इस बार भी उसे करारी शिकस्त झेलनी पड़ेगी। हमारे जवान असलहों के साथ-साथ् हौशलों से भी जंग लड़ते हैं। हर सैनिक युद्घ के लिए तैयार है। नायक पद से रिटायर पूर्व सैनिक सिद्धनाथ शुक्ला वर्तमान हालात पर नजर रखे हुए हैं। इनका कहना है कि वर्तमान सैनिक ही पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पर्याप्त हैं। हमारा हर सैनिक पाकिस्तानी आर्मी पर भारी पड़ता है। ऐसा सौभाग्य शायद ही मिले जब पूर्व सैनिकों को युद्घ के लिए जाना पड़े।
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