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शहर में बढ़ा पानी का संकट
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शहर में बढ़ा पानी का संकट
सिर्फ एक टंकी के भरोसे हो रही पूरे शहर में जलापूर्ति, गर्मी में पानी के लिए शहरवासी हो रहे परेशान
पचीस वार्डों में लगे 215 इंडिया मार्का हैंडपंप में कई खराब पड़े हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहरवासियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद अब तक असफल है। लोग गर्मी में जहां परेशान हैं, वहीं पानी का संकट नागरिकों के लिए मुसीबत बन गया है। एक तो सभी घरों तक पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है तो दूसरी तरफ जहां आपूर्ति हो रही है, वहां भी अक्सर पानी स्वच्छ नहीं आ रहा है। फिर भी नगर पालिका दावा कर रही है कि पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था चाक चौबंद है।
नगर पालिका परिषद की कुल आबादी करीब 60 हजार है, जो पचीस वार्डों में बंटी है। पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए नगर पालिका ने 22 सौ किलोलीटर की क्षमता का ओवरहेड टैंक बनवाया है। इसके साथ ही चार नलकूप बनवाए गए हैं, ताकि शहरवासियों को पानी की आपूर्ति प्रतिदिन की जा सके। पर यह व्यवस्था नाकाफी है। नगर पालिका का ही मानना है कि प्रति व्यक्ति औसतन 135 लीटर पानी की जरूरत रहती है, लेकिन जो व्यवस्था है, उसमें भेली मंडी में स्थापित एक नलकूप कई साल से खराब पड़ा है। जहां तक लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की बात है तो अभी मड़या, औद्योगिक आस्थान, बगहिया आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन ही नहीं डाली गई है। वैसे विभिन्न वार्डों में कुल 215 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से भी कई हैंडपंप या तो खराब हैं या फिर दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में यह पानी पीने के काम नहीं आ रहा है। शहर के निवासी सुनील कुमार, आरिफ, इमरान, दिलीप कुमार आदि ने कहा कि पानी का संकट बना हुआ है। बिजली गुल होने के बाद अक्सर आपूर्ति नहीं होती है। पानी की आपूर्ति के दौरान अक्सर गंदा पानी आता है। कुछ स्थानों पर वाटर पोस्ट बनाए गए हैं, लेकिन उसका उपयोग लोग नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें ढूंढने में परेशानी होती है।
इंसेट-
स्वयंसेवी संगठन भी नहीं हैं गंभीर
स्वयं सेवा के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाले संगठन भी गर्मी में पानी की समस्या को दूर करने को लेकर गंभीर नहीं हैं। स्थिति यह है कि शहर में प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जो लोग बाहर से शहर में आते हैं, उन्हें पानी के लिए या तो भटकना पड़ रहा है या फिर अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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वाटर एटीएम भी नहीं दे पा रहे राहत
शहर के तीन स्थानों पर वाटर एटीएम लगाया गया है। इसमें डाक बंगला के सामने लगा वाटर एटीएम चालू हैं, लेकिन इसका पानी भी ठंडा नहीं है, जबकि समय माता मंदिर के पास लगा वाटर कूलर अतिक्रमण के चलते दिखाई नहीं दे रहा है, जबकि मुखलिसपुर तिराहे के पास काम ही पूरा नहीं हुआ है।
नागरिकों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मड़या व बगहिया में पेयजल आपूर्ति के लिए काम कराए गए हैं। जल्द ही कार्य योजना तैयार कर समूचे क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था कराई जाएगी।
सुरेश मौर्य -अधिशासी अधिकारी
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सिर्फ एक टंकी के भरोसे हो रही पूरे शहर में जलापूर्ति, गर्मी में पानी के लिए शहरवासी हो रहे परेशान
पचीस वार्डों में लगे 215 इंडिया मार्का हैंडपंप में कई खराब पड़े हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहरवासियों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने में नगर पालिका परिषद खलीलाबाद अब तक असफल है। लोग गर्मी में जहां परेशान हैं, वहीं पानी का संकट नागरिकों के लिए मुसीबत बन गया है। एक तो सभी घरों तक पानी की आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है तो दूसरी तरफ जहां आपूर्ति हो रही है, वहां भी अक्सर पानी स्वच्छ नहीं आ रहा है। फिर भी नगर पालिका दावा कर रही है कि पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था चाक चौबंद है।
नगर पालिका परिषद की कुल आबादी करीब 60 हजार है, जो पचीस वार्डों में बंटी है। पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए नगर पालिका ने 22 सौ किलोलीटर की क्षमता का ओवरहेड टैंक बनवाया है। इसके साथ ही चार नलकूप बनवाए गए हैं, ताकि शहरवासियों को पानी की आपूर्ति प्रतिदिन की जा सके। पर यह व्यवस्था नाकाफी है। नगर पालिका का ही मानना है कि प्रति व्यक्ति औसतन 135 लीटर पानी की जरूरत रहती है, लेकिन जो व्यवस्था है, उसमें भेली मंडी में स्थापित एक नलकूप कई साल से खराब पड़ा है। जहां तक लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की बात है तो अभी मड़या, औद्योगिक आस्थान, बगहिया आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए पाइप लाइन ही नहीं डाली गई है। वैसे विभिन्न वार्डों में कुल 215 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से भी कई हैंडपंप या तो खराब हैं या फिर दूषित पानी दे रहे हैं। ऐसे में यह पानी पीने के काम नहीं आ रहा है। शहर के निवासी सुनील कुमार, आरिफ, इमरान, दिलीप कुमार आदि ने कहा कि पानी का संकट बना हुआ है। बिजली गुल होने के बाद अक्सर आपूर्ति नहीं होती है। पानी की आपूर्ति के दौरान अक्सर गंदा पानी आता है। कुछ स्थानों पर वाटर पोस्ट बनाए गए हैं, लेकिन उसका उपयोग लोग नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें ढूंढने में परेशानी होती है।
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स्वयंसेवी संगठन भी नहीं हैं गंभीर
स्वयं सेवा के नाम पर बड़े-बड़े दावे करने वाले संगठन भी गर्मी में पानी की समस्या को दूर करने को लेकर गंभीर नहीं हैं। स्थिति यह है कि शहर में प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में जो लोग बाहर से शहर में आते हैं, उन्हें पानी के लिए या तो भटकना पड़ रहा है या फिर अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
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वाटर एटीएम भी नहीं दे पा रहे राहत
शहर के तीन स्थानों पर वाटर एटीएम लगाया गया है। इसमें डाक बंगला के सामने लगा वाटर एटीएम चालू हैं, लेकिन इसका पानी भी ठंडा नहीं है, जबकि समय माता मंदिर के पास लगा वाटर कूलर अतिक्रमण के चलते दिखाई नहीं दे रहा है, जबकि मुखलिसपुर तिराहे के पास काम ही पूरा नहीं हुआ है।
नागरिकों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मड़या व बगहिया में पेयजल आपूर्ति के लिए काम कराए गए हैं। जल्द ही कार्य योजना तैयार कर समूचे क्षेत्र में जलापूर्ति की व्यवस्था कराई जाएगी।
सुरेश मौर्य -अधिशासी अधिकारी