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Sant Kabir Nagar News: घटने लगा घाघरा नदी का जलस्तर, कटान शुरू
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गायघाट दक्षिणी गांव के पास कटान करती घाघरा नदी।संवाद
गायघाट दक्षिणी गांव के पास नदी कर रही कटान, ग्रामीणों के होश उड़े
संवाद न्यूज़ एजेंसी
धनघटा। बृहस्पतिवार को खतरे के निशान के करीब पहुंची घाघरा नदी शुक्रवार को घटना शुरू हो गई है। नदी के घटते जलस्तर को देखकर गांव के लोगों ने जहां राहत की सांस ली, वहीं गायघाट दक्षिणी गांव के पास शुरू हुई कटान को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं।
तीन दिनों तक लगातार वृद्धि के बाद घाघरा का जलस्तर 79.250 मीटर पर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 79.400 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर कम है। शुक्रवार दोपहर बाद नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हुई तो नदी पांच सेमी कम होकर 79.200 मीटर पर पहुंच गई। तुर्कवलिया नायक गांव के पास एमबीडी बांध के करीब होने वाली कटान भी रुकी हुई है, लेकिन पूर्वी क्षेत्र गायघाट दक्षिणी गांव पर एक बार फिर कटान का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण लालचंद, शंभू, ईशदत, सुरेश कुमार, राजाराम, रामप्रवेश आदि का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बाद नदी गांव के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी थी। यदि पांच सेमी नदी का पानी और बढ़ा होता तो नदी का पानी गांव में घुस जाता। गांव वालों का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने से बाढ़ का खतरा तो टल गया है, लेकिन कटान का खतरा बढ़ गया है। राजीव कुमार, फूलचंद, मनोहर लाल, रामप्रसाद, राम बुझारत, सुखदेव, जयशंकर समेत 25 लोगों के घरों से 20 से 25 मीटर की दूरी पर नदी कटान कर रही है। कटान यदि जारी रहा तो लोगों का मकान नदी की धारा में समाहित हो सकता है। गांववालों का कहना है कि कटान को रोके जाने की मांग लगातार कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका नतीजा है कि पिछले दो वर्षों में 46 लोगों का मकान कटान के कारण नदी की धारा में विलीन हो गया। लोगों को दो साल बाद बसने के लिए जिगिना गांव के पास इस साल जमीन आवंटित की गई। लेकिन आर्थिक कमजोरी के कारण अभी कोई भी अपने मकान का निर्माण शुरू नहीं करा सका। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद ने बताया कि घाघरा का जलस्तर शुक्रवार को पांच सेंटीमीटर घटा है। उम्मीद है कि नदी का पानी अब निरंतर घटता जाएगा।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
धनघटा। बृहस्पतिवार को खतरे के निशान के करीब पहुंची घाघरा नदी शुक्रवार को घटना शुरू हो गई है। नदी के घटते जलस्तर को देखकर गांव के लोगों ने जहां राहत की सांस ली, वहीं गायघाट दक्षिणी गांव के पास शुरू हुई कटान को देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं।
तीन दिनों तक लगातार वृद्धि के बाद घाघरा का जलस्तर 79.250 मीटर पर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 79.400 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर कम है। शुक्रवार दोपहर बाद नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू हुई तो नदी पांच सेमी कम होकर 79.200 मीटर पर पहुंच गई। तुर्कवलिया नायक गांव के पास एमबीडी बांध के करीब होने वाली कटान भी रुकी हुई है, लेकिन पूर्वी क्षेत्र गायघाट दक्षिणी गांव पर एक बार फिर कटान का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण लालचंद, शंभू, ईशदत, सुरेश कुमार, राजाराम, रामप्रवेश आदि का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बाद नदी गांव के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी थी। यदि पांच सेमी नदी का पानी और बढ़ा होता तो नदी का पानी गांव में घुस जाता। गांव वालों का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने से बाढ़ का खतरा तो टल गया है, लेकिन कटान का खतरा बढ़ गया है। राजीव कुमार, फूलचंद, मनोहर लाल, रामप्रसाद, राम बुझारत, सुखदेव, जयशंकर समेत 25 लोगों के घरों से 20 से 25 मीटर की दूरी पर नदी कटान कर रही है। कटान यदि जारी रहा तो लोगों का मकान नदी की धारा में समाहित हो सकता है। गांववालों का कहना है कि कटान को रोके जाने की मांग लगातार कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका नतीजा है कि पिछले दो वर्षों में 46 लोगों का मकान कटान के कारण नदी की धारा में विलीन हो गया। लोगों को दो साल बाद बसने के लिए जिगिना गांव के पास इस साल जमीन आवंटित की गई। लेकिन आर्थिक कमजोरी के कारण अभी कोई भी अपने मकान का निर्माण शुरू नहीं करा सका। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद ने बताया कि घाघरा का जलस्तर शुक्रवार को पांच सेंटीमीटर घटा है। उम्मीद है कि नदी का पानी अब निरंतर घटता जाएगा।
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