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ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रोका, प्रदर्शन किया
Fri, 01 Feb 2019 11:46 PM IST
राकेश पांडेय
संतकबीरनगर
संतकबीरनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Fri, 01 Feb 2019 11:46 PM IST
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ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रोका, प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
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धनघटा(संतकबीरनगर)। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुडियारी में एक करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से बन रहे पानी की टंकी और स्टॉफ क्वॉर्टर के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शुक्रवार को मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्य को रोक दिया। जल निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
मुडियारी गांव निवासी पारस नाथ पांडेय, कन्हैया यादव, बेचन यादव, योगेंद्र यादव, शिव प्रकाश, कपिल देव यादव, राम किशुन, अर्जुन, सिकंदर, अशोक आदि ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में 1.59 करोड की लागत से बन रहे वाटर सप्लाई की टंकी ऑर स्टॉफ क्वॉर्टर के निर्माण में दोयम दर्जे के ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का आक्रोश तब और बढ़ गया जब शुक्रवार की सुबह निर्माण कार्य के लिए मानक विहीन ईंटों से पुन: निर्माण कराया जाने लगा। इसी बीच ग्रामीण मौके पर पहुंच कर काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मानक के अनुरूप निर्माण कार्य कराने की मांग की। इस संबंध में जब जल निगम के जेई मनोज पाल से फोन पर वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि वह अवकाश पर हैं। मामले की जांच करेंगे। यदि निर्माण मानक के अनुरूप नहीं पाया गया तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुडियारी गांव निवासी पारस नाथ पांडेय, कन्हैया यादव, बेचन यादव, योगेंद्र यादव, शिव प्रकाश, कपिल देव यादव, राम किशुन, अर्जुन, सिकंदर, अशोक आदि ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में 1.59 करोड की लागत से बन रहे वाटर सप्लाई की टंकी ऑर स्टॉफ क्वॉर्टर के निर्माण में दोयम दर्जे के ईंट का प्रयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का आक्रोश तब और बढ़ गया जब शुक्रवार की सुबह निर्माण कार्य के लिए मानक विहीन ईंटों से पुन: निर्माण कराया जाने लगा। इसी बीच ग्रामीण मौके पर पहुंच कर काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मानक के अनुरूप निर्माण कार्य कराने की मांग की। इस संबंध में जब जल निगम के जेई मनोज पाल से फोन पर वार्ता की गई तो उन्होंने कहा कि वह अवकाश पर हैं। मामले की जांच करेंगे। यदि निर्माण मानक के अनुरूप नहीं पाया गया तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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