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उर्स में उमड़े जायरीन
अमर उजाला/संतकबीरनगर
Updated Wed, 10 Feb 2016 12:00 AM IST
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सेमरियावां। प्रसिद्ध बुजुर्ग हजरत सूफी निजामुद्दीन साहब का सालाना उर्स
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सेमरियावां ब्लॉक के ग्राम अगया स्थित उनकी मजार पर मंगलवार को शुरू हुआ।
इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी किया। इस दौरान नातिया मुशायरे का भी आयोजन हुआ। जिसमें कई प्रसिद्ध शायरों ने अपने कलाम पेश किए।
हर वर्ष की भांति हजरत सूफी निजामुद्दीन साहब के उर्स शुरूआत धूमधाम से हुई। इसमें महाराष्ट्र, गोवा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लोग उर्स में शामिल होने पहुंचे।
सुबह फज्र की नमाज के बाद हजरत सूफी साहब की मजार पर फातेहा ख्वानी के बाद उर्स के कार्यक्रम का आगाज हुआ। सुबह नौ बजे से नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया।
जोहर की नमाज के बाद सज्जादानशीन ने मजार पर चादरपोशी की। इस दौरान मुरीदों के साथ उन्होंने मजार पर फातेहा पेश पढ़ा। साथ ही देश में अमन और खुशहाली की दुआ की गई।
इसके बाद चादर पोशी का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। रात में इशा की नमाज के बाद तकरीरी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें देश के कई प्रसिद्ध उलेमा पहुंचे। उलेमा ने हजरत सूफी निजामुद्दीन साहब की जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी और गुलपोशी किया। इस दौरान नातिया मुशायरे का भी आयोजन हुआ। जिसमें कई प्रसिद्ध शायरों ने अपने कलाम पेश किए।
हर वर्ष की भांति हजरत सूफी निजामुद्दीन साहब के उर्स शुरूआत धूमधाम से हुई। इसमें महाराष्ट्र, गोवा, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लोग उर्स में शामिल होने पहुंचे।
सुबह फज्र की नमाज के बाद हजरत सूफी साहब की मजार पर फातेहा ख्वानी के बाद उर्स के कार्यक्रम का आगाज हुआ। सुबह नौ बजे से नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया।
जोहर की नमाज के बाद सज्जादानशीन ने मजार पर चादरपोशी की। इस दौरान मुरीदों के साथ उन्होंने मजार पर फातेहा पेश पढ़ा। साथ ही देश में अमन और खुशहाली की दुआ की गई।
इसके बाद चादर पोशी का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। रात में इशा की नमाज के बाद तकरीरी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें देश के कई प्रसिद्ध उलेमा पहुंचे। उलेमा ने हजरत सूफी निजामुद्दीन साहब की जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।