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Sant Kabir Nagar News: बारिश से फसलों को फायदा, गर्मी से भी मिली राहत
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संतकबीरनगर/ हरिहरपुर। जिले में शनिवार को ग्रामीण क्षेत्र में बारिश हुई। वहीं जिला मुख्यालय सहित कई जगहों पर उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। सुबह से ही बादल छाए थे। दोपहर करीब एक बजे धनघटा, महुली और मेंहदावल सहित कई इलाकों में बारिश हुई। इसके बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश होने के बाद मौसम सुहाना हो गया।
शनिवार को अधिकतम तापमान 32 और 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से सूख रही धान की फसलों को संजीवनी मिल गई। धान के खेतों में पानी भर जाने से किसानों की खुशी बढ़ गई। बीते दस दिनों से महुली, हरिहरपुर और नाथनगर क्षेत्र में बारिश न होने से धान की फसलें प्रभावित हो रही थी।
क्षेत्र के किसान टकटकी लगाए बादलों की ओर निहार रहे थे। कुछ किसान धान के फसल की सिंचाई भी शुरू कर दिए थे लेकिन शनिवार दोपहर बाद एक घंटे से अधिक हुई बारिश से धान के खेतों में पानी भर गया।
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किसान हनुमान पटेल, अशोक कुमार, दीपेंद्र पटेल, रघुपति यादव ने बताया कि धान की फसल में लागत लगा चुके किसान खेत की नमी सूखने के चलते काफी चिंतित थे। धान की फसल के सहारे परिवार के भरण-पोषण का सपना संजोए किसान बारिश न होने से पैदावार को लेकर परेशान थे।
किसानों ने बताया कि पंपिंग सेट से एक एकड़ धान के फसल की सिंचाई करने के लिए 12 लीटर डीजल की जरूरत पड़ती है। मजदूरी और डीजल का खर्च मिलाकर कुल करीब 16 सौ रुपये प्रति एकड़ खर्च आता है ऐसे में हुई बारिश से किसानों को काफी सहूलियत मिल है।
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लोहरैया में भी हुई बारिश
लोहरैया। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए शनिवार की शाम हुई झमाझम बारिश से राहत मिली। खेतों में नमी कम होने और पानी की जरूरत बढ़ने से किसान चिंतित थे। धान की फसल में बाली निकलने का समय नजदीक आने के कारण किसानों की चिंता और बढ़ गई थी। शनिवार की शाम हुई झमाझम बारिश से खेतों में पानी लग गया। जिगिना निवासी किसान देवेंद्र शुक्ला ने कहा कि धान की फसल को पानी की सख्त जरूरत थी। बारिश न होने से किसान बेहद परेशान थे। फसल में बाली निकलने वाली है और पानी की कमी से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका सता रही थी लेकिन शनिवार की बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है और धान की फसल में फिर से रौनक लौट आई है।
वहीं बारीडीहा निवासी किसान नागेंद्र पाल ने कहा कि क्षेत्र में हुई यह बारिश धान की फसल के लिए काफी लाभप्रद है।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 32 और 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से सूख रही धान की फसलों को संजीवनी मिल गई। धान के खेतों में पानी भर जाने से किसानों की खुशी बढ़ गई। बीते दस दिनों से महुली, हरिहरपुर और नाथनगर क्षेत्र में बारिश न होने से धान की फसलें प्रभावित हो रही थी।
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क्षेत्र के किसान टकटकी लगाए बादलों की ओर निहार रहे थे। कुछ किसान धान के फसल की सिंचाई भी शुरू कर दिए थे लेकिन शनिवार दोपहर बाद एक घंटे से अधिक हुई बारिश से धान के खेतों में पानी भर गया।
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किसान हनुमान पटेल, अशोक कुमार, दीपेंद्र पटेल, रघुपति यादव ने बताया कि धान की फसल में लागत लगा चुके किसान खेत की नमी सूखने के चलते काफी चिंतित थे। धान की फसल के सहारे परिवार के भरण-पोषण का सपना संजोए किसान बारिश न होने से पैदावार को लेकर परेशान थे।
किसानों ने बताया कि पंपिंग सेट से एक एकड़ धान के फसल की सिंचाई करने के लिए 12 लीटर डीजल की जरूरत पड़ती है। मजदूरी और डीजल का खर्च मिलाकर कुल करीब 16 सौ रुपये प्रति एकड़ खर्च आता है ऐसे में हुई बारिश से किसानों को काफी सहूलियत मिल है।
लोहरैया में भी हुई बारिश
लोहरैया। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए शनिवार की शाम हुई झमाझम बारिश से राहत मिली। खेतों में नमी कम होने और पानी की जरूरत बढ़ने से किसान चिंतित थे। धान की फसल में बाली निकलने का समय नजदीक आने के कारण किसानों की चिंता और बढ़ गई थी। शनिवार की शाम हुई झमाझम बारिश से खेतों में पानी लग गया। जिगिना निवासी किसान देवेंद्र शुक्ला ने कहा कि धान की फसल को पानी की सख्त जरूरत थी। बारिश न होने से किसान बेहद परेशान थे। फसल में बाली निकलने वाली है और पानी की कमी से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका सता रही थी लेकिन शनिवार की बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है और धान की फसल में फिर से रौनक लौट आई है।
वहीं बारीडीहा निवासी किसान नागेंद्र पाल ने कहा कि क्षेत्र में हुई यह बारिश धान की फसल के लिए काफी लाभप्रद है।