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ट्रेन की चपेट से चचेरे भाइयों की मौत
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पोस्ट मार्टम हाउस पर गमगीन खड़े मृतको के परिजन।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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ट्रेन की चपेट से चचेरे भाइयों की मौत
- रसूलपुर और मोहनबरा गांव के बीच की घटना
- नित्य क्रिया के लिए सुबह निकले थे घर से
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर/संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर और मोहनबरा गांव के बीच ट्रेन की चपेट में आने से चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों का शव देख कर आसपास के लोग जुट गए। बताया जा रहा है कि दोनों भाई नित्य क्रिया के लिए सुबह घर से निकले थे।
बयारा गांव निवासी सिकंदर गौतम पुत्र सोमई ने बताया कि उसका 19 वर्षीय भाई संतोष गौतम अपने हमउम्र चचेरे भाई प्रमोद पुत्र दूधनाथ के साथ शनिवार को सुबह पांच बजे घर से नित्य क्रिया के लिए निकला था। ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। खेत में काम करने गए कुछ लोगों ने रेलवे ट्रैक पर शवों को देखकर शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। बाद में आरपीएफ, जीआरपी और मगहर चौकी के पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। पीड़ित परिजन भी मौके पर पहुंच गए और शवों की शिनाख्त की। पीड़ित बड़े भाई सिकंदर ने बताया कि संतोष तीन भाईयों में सबसे छोटा था। जबकि चचेरा भाई प्रमोद दो भाई और तीन बहनों में सबसे बड़ा था।
एक दिन पहले ही मुंबई से घर लौटा था संतोष
परिजनों ने बताया कि संतोष शुक्रवार को ही मुंबई से घर लौटा था। संतोष तीन भाई में सबसे छोटा है। पिता सोमई और बड़े भाई सिकंदर राजगीर हैं। जबकि चचेरा भाई प्रमोद दो भाई और तीन बहनों में बड़ा था। प्रमोद कक्षा नौ में मगहर में पढ़ता था। उसके पिता दूधनाथ मजदूरी करते हैं। चचेरे भाई संतोष और प्रमोद गहरे दोस्त थे। दोनों साथ-साथ रहते थे।
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- रसूलपुर और मोहनबरा गांव के बीच की घटना
- नित्य क्रिया के लिए सुबह निकले थे घर से
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर/संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के रसूलपुर और मोहनबरा गांव के बीच ट्रेन की चपेट में आने से चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों का शव देख कर आसपास के लोग जुट गए। बताया जा रहा है कि दोनों भाई नित्य क्रिया के लिए सुबह घर से निकले थे।
बयारा गांव निवासी सिकंदर गौतम पुत्र सोमई ने बताया कि उसका 19 वर्षीय भाई संतोष गौतम अपने हमउम्र चचेरे भाई प्रमोद पुत्र दूधनाथ के साथ शनिवार को सुबह पांच बजे घर से नित्य क्रिया के लिए निकला था। ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई। खेत में काम करने गए कुछ लोगों ने रेलवे ट्रैक पर शवों को देखकर शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए। बाद में आरपीएफ, जीआरपी और मगहर चौकी के पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। पीड़ित परिजन भी मौके पर पहुंच गए और शवों की शिनाख्त की। पीड़ित बड़े भाई सिकंदर ने बताया कि संतोष तीन भाईयों में सबसे छोटा था। जबकि चचेरा भाई प्रमोद दो भाई और तीन बहनों में सबसे बड़ा था।
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एक दिन पहले ही मुंबई से घर लौटा था संतोष
परिजनों ने बताया कि संतोष शुक्रवार को ही मुंबई से घर लौटा था। संतोष तीन भाई में सबसे छोटा है। पिता सोमई और बड़े भाई सिकंदर राजगीर हैं। जबकि चचेरा भाई प्रमोद दो भाई और तीन बहनों में बड़ा था। प्रमोद कक्षा नौ में मगहर में पढ़ता था। उसके पिता दूधनाथ मजदूरी करते हैं। चचेरे भाई संतोष और प्रमोद गहरे दोस्त थे। दोनों साथ-साथ रहते थे।
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