{"_id":"5b5617454f1c1b50748b6bbc","slug":"truck-operators-strike-is-not-effectable","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का मामूली असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का मामूली असर
santkabirnagar
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
हड़ताल पर ट्रक।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। आल इंडिया मोटर्स ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का असर जिले में अभी काफी कम है। वैसे रोजमर्रा की जरूरी सामान के दाम में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। इसमें फल और सब्जी शामिल हैं।
देशभर में ट्रक हड़ताल ही वजह से हो रही परेशानी के बावजूद राहत की बात यह है कि इससे महंगाई नहीं बढ़ी है। बीते चार दिन के दौरान रोजमर्रा के इस्तेमाल की अधिकतर चीजों के दाम या तो स्थिर हैं या फिर बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है। प्याज की कीमत 25 रुपये है, तो परवल की कीमत 40 रुपये बनी हुई है। बोड़ा मार्केट में 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। आलू की कीमत स्थिर है और वह 18 रुपये प्रति किलो बना हुुआ है। दुकानदारों का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का मामूली असर है। एक या दो रुपये से ज्यादा किसी सब्जी के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। माशाअल्लाह ने बताया कि अधिकतर सब्जियां गोरखपुर से आ रही हैं। अभी दाम या तो स्थिर है या फिर मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। यह दर पिछले सप्ताह की दर के बराबर ही है। उन्होंने कहा कि आगे अगर हड़ताल जारी रहती है तो दाम बढ़ने की आशंका है। किराना व्यवसायी महेश कुमार ने कहा कि अभी हड़ताल हुए चार दिन हुए हैं, ऐसे में अभी बाजार में सामान की पर्याप्त व्यवस्था है। प्रतिदिन की तरह ही खरीद और बिक्री हो रही है। फल विक्रेता दिलीप कुमार ने कहा कि अभी हड़ताल का असर नहीं है। क्योंकि जो फल पहले से ही बुक थे वे आ रहे हैं। ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि हड़ताल को ट्रक ऑपरेटरों का नैतिक समर्थन है, लेकिन हम लोग अपने वाहन बाहर भेज रहे हैं। बाजार से सामान लेकर वाहन आ भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से हड़ताल के साथ हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को समस्या न हो इसलिए निर्णय लिया गया है कि ट्रकों का पहिया न थमे।
विज्ञापन
देशभर में ट्रक हड़ताल ही वजह से हो रही परेशानी के बावजूद राहत की बात यह है कि इससे महंगाई नहीं बढ़ी है। बीते चार दिन के दौरान रोजमर्रा के इस्तेमाल की अधिकतर चीजों के दाम या तो स्थिर हैं या फिर बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है। प्याज की कीमत 25 रुपये है, तो परवल की कीमत 40 रुपये बनी हुई है। बोड़ा मार्केट में 30 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। आलू की कीमत स्थिर है और वह 18 रुपये प्रति किलो बना हुुआ है। दुकानदारों का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का मामूली असर है। एक या दो रुपये से ज्यादा किसी सब्जी के दाम में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। माशाअल्लाह ने बताया कि अधिकतर सब्जियां गोरखपुर से आ रही हैं। अभी दाम या तो स्थिर है या फिर मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। यह दर पिछले सप्ताह की दर के बराबर ही है। उन्होंने कहा कि आगे अगर हड़ताल जारी रहती है तो दाम बढ़ने की आशंका है। किराना व्यवसायी महेश कुमार ने कहा कि अभी हड़ताल हुए चार दिन हुए हैं, ऐसे में अभी बाजार में सामान की पर्याप्त व्यवस्था है। प्रतिदिन की तरह ही खरीद और बिक्री हो रही है। फल विक्रेता दिलीप कुमार ने कहा कि अभी हड़ताल का असर नहीं है। क्योंकि जो फल पहले से ही बुक थे वे आ रहे हैं। ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि हड़ताल को ट्रक ऑपरेटरों का नैतिक समर्थन है, लेकिन हम लोग अपने वाहन बाहर भेज रहे हैं। बाजार से सामान लेकर वाहन आ भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से हड़ताल के साथ हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को समस्या न हो इसलिए निर्णय लिया गया है कि ट्रकों का पहिया न थमे।
विज्ञापन