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बारिश से खपरैल के मकान ढहे
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बारिश से खपरैल के मकान ढहे
- छितरापार गांव में दो दिन में तीन घर गिरे, बेघर हुए परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदौर/मेंहदावल (संतकबीरनगर)। तहसील के बेलहर ब्लॉक के छितरापार गाव में दो दिनों के भीतर ही लगातार हो रही बारिश से दो खपरैल का मकान भरभराकर गिर गया। इनमें जीवनयापन करने वाले परिवार के सामने रहने के लिए समस्या उत्पन्न हो गई है।
गांव में परिवार के साथ जीवन गुजर बसर करने वाले रामदेव यादव पुत्र बदरी व विद्यावती पत्नी स्व. महादेव अपने पुश्तैनी खपरैल के मकान में रहते थे। उनका पुश्तैनी मकान पहले से ही जर्जर था। दो दिनों पहले लगातार हुई भारी बारिश की मार उन दोनों का मकान नहीं झेल पाया। उन्होंने कहा कि
शनिवार को अब्दुल कलाम पुत्र सफात का भी मकान भी भारी बारिश से भरभराकर
ढह गया था। इसके बाद उन लोगों को भी अपने मकान के गिरने की आशंका होने लगी। शनिवार को सायंकाल को उनका भी मकान ढह गया। जिससे उसमें रखे सामान व अनाज बर्बाद हो गए। इस घटना से किसी प्रकार की जनहानि नही हुई। उन्होंने कहा कि बारिश में काम नहीं मिलने के कारण वह परिवार का भरणपोषण सही ढंग नहीं कर पा रहे हैं। लोगों ने तहसील प्रशासन को मकान गिरने की सूचना दे दी है। लोगों ने प्रशासन से हलका लेखपाल को मौके पर भेजकर नुकसान
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का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवार को भरण-पोषण के लिए सहायता दिलाने की मांग की है।
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- छितरापार गांव में दो दिन में तीन घर गिरे, बेघर हुए परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदौर/मेंहदावल (संतकबीरनगर)। तहसील के बेलहर ब्लॉक के छितरापार गाव में दो दिनों के भीतर ही लगातार हो रही बारिश से दो खपरैल का मकान भरभराकर गिर गया। इनमें जीवनयापन करने वाले परिवार के सामने रहने के लिए समस्या उत्पन्न हो गई है।
गांव में परिवार के साथ जीवन गुजर बसर करने वाले रामदेव यादव पुत्र बदरी व विद्यावती पत्नी स्व. महादेव अपने पुश्तैनी खपरैल के मकान में रहते थे। उनका पुश्तैनी मकान पहले से ही जर्जर था। दो दिनों पहले लगातार हुई भारी बारिश की मार उन दोनों का मकान नहीं झेल पाया। उन्होंने कहा कि
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शनिवार को अब्दुल कलाम पुत्र सफात का भी मकान भी भारी बारिश से भरभराकर
ढह गया था। इसके बाद उन लोगों को भी अपने मकान के गिरने की आशंका होने लगी। शनिवार को सायंकाल को उनका भी मकान ढह गया। जिससे उसमें रखे सामान व अनाज बर्बाद हो गए। इस घटना से किसी प्रकार की जनहानि नही हुई। उन्होंने कहा कि बारिश में काम नहीं मिलने के कारण वह परिवार का भरणपोषण सही ढंग नहीं कर पा रहे हैं। लोगों ने तहसील प्रशासन को मकान गिरने की सूचना दे दी है। लोगों ने प्रशासन से हलका लेखपाल को मौके पर भेजकर नुकसान
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का जायजा लेते हुए पीड़ित परिवार को भरण-पोषण के लिए सहायता दिलाने की मांग की है।