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जेल में बंद क्षय रोगियों को भी मिलेगा निक्षय पोषण योजना का लाभ

Tue, 15 Feb 2022 10:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Feb 2022 10:21 PM IST
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three tb patient found
जिला जेल में कैदियों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए चिकित्सक।संवाद - फोटो : KHALILABAD
जेल में बंद क्षय रोगियों को भी मिलेगा निक्षय पोषण योजना का लाभ
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- इलाज के दौरान हर माह मिलेंगे 500 रुपये
- जिला कारागार में तीन में टीबी के मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला जेल में निरुद्ध क्षय रोग ग्रसित बंदियों को भी इलाज के दौरान हर महीने निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे। उनको जेल में पोषक डायट दी जाएगी। उन्हें अलग सुरक्षित बैरक में रखा जाएगा। जेल में स्थित अस्पताल के कर्मचारी ही उनको रोज क्षय रोग से संबंधित दवा अपने सामने खिलाएंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि जिला कारागार शिफ्ट होने के बाद हमारी टीम ने वहां पर कैंप लगाया। यहां पर 167 कैदियों की क्षय रोग तथा एचआईवी की जांच की गई। इस दौरान तीन कैदी क्षय रोग से पीड़ित मिले। कोई भी एचआईवी संक्रमित नहीं मिला। क्षय रोग के जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनंद के निर्देशन में उनके लिए उचित प्रबंध जेलर जे आर वर्मा से मिलकर कराया गया है।
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जिला जेल के कैदियों को जागरुक करने के लिए फार्मासिस्ट गिरिजेश, घनश्याम, सोनल श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव के साथ ही जेल के चिकित्सक डॉ. करुणेश दूबे ने विविध गतिविधियों के जरिए कैदियों को जागरुक किया।
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यह लक्षण दिखे तो जरूर कराए जांच
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि क्षय रोग के लक्षणों में दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना, खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना, रात में बेवजह पसीना आना और भूख कम लगना, वजन का घटना, बुखार व सीने में दर्द और शाम के समय हल्का बुखार होने जैसे लक्षण शामिल हैं।
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क्षय रोग और एचआईवी के प्रति किया जागरुक
कैदियों को एचआईवी की काउंसलर सोनल श्रीवास्तव ने एड्स के प्रति जागरुक किया। वहीं, कविता पाठक ने क्षय रोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दोनों ही रोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं। समय से इलाज न होने पर असाध्य भी हो जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि इन रोगों से बचा जाए।

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जिला जेल के चिकित्सक ने बतायी सावधानियां
जिला जेल के चिकित्सक डॉ. करुणेश दूबे ने बताया कि इन रोगों से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व लेने की आवश्यकता होती है। अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर न होने दें। शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होने से यह रोग गंभीर रूप ले लेते हैं। क्षय रोग संक्रमण से फैलता है। इसलिए यह जरूरी है कि क्षय रोगी कहीं इधर-उधर थूकने से बचें तथा खांसी आने पर अपने मुंह पर रुमाल रखें ताकि इसके जीवाणु इधर उधर न फैलें।
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