{"_id":"7bb395e3637690e8163522f75e3e5ad4","slug":"threats-by-the-name-of-sandalwood-on-the-lamp-case-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंदन के नाम से धमकी में दीपक पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंदन के नाम से धमकी में दीपक पर केस
अमर उजाला/संतकबीरनगर
Updated Fri, 05 Feb 2016 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर। लखनऊ जेल से अदालत में पेशी के लिए मंगलवार को खलीलाबाद लाए गए
विज्ञापन
विज्ञापन
चंदन सिंह की तरफ से फोन पर संतकबीरनगर जेल का निर्माण करा रही कंपनी के
लोगों को धमकाकर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने उसी दीपक पाल को
अभियुक्त बनाया है, जिसका फोन धमकी में इस्तेमाल हुआ था।
जिसे गायघाट के प्रधान अजीत सिंह, सीताराम सिंह के साथ पुलिस ने कचहरी में चंदन से पेशी के दौरान मुलाकात की कोशिश में असलहे सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल निर्माण करा रही कंपनी के साइट इंचार्ज आजमगढ़ निवासी विशाल राय की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था। पुलिस की जांच में रंगदारी की मांग और धमकी के लिए दीपक पाल का फोन इस्तेमाल होने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक कॉल और मैसेज डिटेल की गहन पड़ताल की जा रही है।
प्रमाणिक जानकारी मिलने पर चंदन सिंह तथा अन्य लोगों को भी अभियुक्त बनाया जा सकता है। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि चंदन के साथियों की गतिविधियों की पड़ताल के लिए स्वाट टीम को एसटीएफ से भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
जिसे गायघाट के प्रधान अजीत सिंह, सीताराम सिंह के साथ पुलिस ने कचहरी में चंदन से पेशी के दौरान मुलाकात की कोशिश में असलहे सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल निर्माण करा रही कंपनी के साइट इंचार्ज आजमगढ़ निवासी विशाल राय की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था। पुलिस की जांच में रंगदारी की मांग और धमकी के लिए दीपक पाल का फोन इस्तेमाल होने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक कॉल और मैसेज डिटेल की गहन पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन
प्रमाणिक जानकारी मिलने पर चंदन सिंह तथा अन्य लोगों को भी अभियुक्त बनाया जा सकता है। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि चंदन के साथियों की गतिविधियों की पड़ताल के लिए स्वाट टीम को एसटीएफ से भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन