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चार स्कूलों में घुसा घाघरा का पानी

Fri, 22 Jul 2016 11:25 PM IST
Updated Fri, 22 Jul 2016 11:25 PM IST
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The water entered in four schools
आगापुर गुलरिहा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में घाघरा का पानी आने से स्कूल बंद कर करना पड़ा। - फोटो : अमर उजाला
 घाघरा के उफान से दियारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दियारा क्षेत्र में चार स्कूल परिसरों में बाढ़ का पानी आने से यहां पढ़ाई ठप हो गई है। वहीं दो सौ एकत्र से अधिक फसल डूबने से किसान चिंतित हैं। आगापुर गुलरिहा, चकदहा, पटऊवा, ढोलबजा, गुनवतिया, गायघाट आदि गांवों में एक तरफ से बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे सहमे लोग अपना सामान सहेज कर अन्यत्र ठिकाना बनाने की तैयारी करने में जुट गए हैं। 
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आगापुर गुलरिहा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में घाघरा का पानी जाने से विद्यालय बंद कर दिया गया है। इस गांव में बाढ़ का पानी भी उत्तर और दक्षिण तरफ से घुसने लगा है। जिससे सहमे गांव के लोग अपना सामान सहेजना शुरू कर दिया है। प्रधान आनंद स्वरूप ने बताया कि साधु के पुरवा पर ज्यादा पानी होने से लोग कमर से अधिक तक पानी में आ जा रहे है। दियारा में बोई और रोपी गई धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है।
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इसी तरह गुनवतिया, चकदहा के प्राथमिक स्कूल परिसर में पानी आने से यहां भी पढ़ाई ठप है। वहीं भौवापार, गायघाट, कटहा, खैरगाड, पटऊआं समेत कई गांवों नदी का पानी घुस गया है। पटऊआं में स्थित प्राथमिक विद्यालय भी बाढ़ के पानी के कारण बंद है। चपरापूर्वी गांव के प्रधान हरीराम यादव, त्रिभवन, रामलाल, रामप्रीत का कहना है कि ओलावृष्टि से बर्बाद हुई गेहूं, सूखा से गायब हुई धान की फसल का मुआवजा आज तक नहीं मिला और तीसरी बार आफत आ गई। 
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गांव वालों का कहना है कि सबसे बडी समस्या पशुओं के चारा का हो गया। कहा से लाया जाए। किसानों का कहना था कि धान की बुआई और रोपाई इस वर्ष अभी तक किया जा रहा था। अब वह फसल पानी में डूब गई जिससे गल जाएगी। नदी का जल स्तर बढ़ता जा रहा है। दियारा के लोगो के लिए परेशानी भी उसी के बढ़ रही है। गांव वालो का कहना है कि जब तक संपर्क मार्ग पर कम पानी है और घर में पानी नही घुसा है तब तक गांव में रह रहे है। अब गांव में पानी घुस रहा है तो घर छोड़ने की नौबत भी आने लगी है। ड्रेनेेज खंड के एक्सइएन दिनेश तिवारी का कहना है कि नदी के बढ़ते जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही बाढ़ चौकिया और राहत शिविर को प्रभावी कर दिया गया है। 

 
घाघरा खतरे के निशान के पार ः बाढ़ कंट्रोल रूम के मुताबिक घाघरा का डेंजर प्वाइंट 92. 730 है। शुक्रवार सुबह नदी का जलस्तर 93.07 मीटर था, जबकि शाम चार बजे 93. 05 मीटर था। वहीं राप्ती की डेंजर लाइन 79.50 मीटर है। सुबह नदी का जलस्तर 77 . 23 मीटर और शाम चार बजे 77 .48 मीटर पहुंच गया था।

 
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