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Sant Kabir Nagar News: अमेरिका से आए दल ने कबीर समाधि व मजार के किए दर्शन
Tue, 11 Nov 2025 02:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 11 Nov 2025 02:05 AM IST
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मगहर। सदगुरु कबीर को जानने और मानने वाले देश ही नहीं, विदेशों में भी हैं। कबीर के वाणी आज भी प्रासंगिक हैं। कबीर ने पूरे जीवन भर कुरीतियों, बाहरी आडंबरों का विरोध किया था। अमेरिका के एलाना जैक्स शहर से आए दार्शनिक कांति भाई ने सोमवार को कबीर समाधि व मजार का दर्शन करने के बाद ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि कबीर की समाधि के दर्शन से अपने हृदय रूप में एक नई ऊर्जा की छाया महसूस की। वह अद्वितीय शक्ति मिलने जैसा महसूस कर रहे हैं। कबीर की साखी के गहन अध्ययन की भी जिज्ञासा व्यक्त की। उनके साथ सात अन्य लोग भी कबीर का दर्शन करने आए थे।
कबीर मठ के महंत विचार दास से कबीर के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। कहा कि कबीर जैसे महापुरुष संत का दर्शन कर उनके विचारों को समाज और देश को प्रगति पथ पर लाया जा सकता है।
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इस दौरान अमेरिका की रेणु बी करुणेश, चौधरी इक्वाडोर, विशाल, ज्योति, भूषण, ईश्वर ठकराल, सुनील, नीता पंड्या, जुगनतीलाल, मृबुलबास पुरोहित, मनसुतलाल, हर्षित, पुजारी राम शरण दास, शांति दास आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि कबीर की समाधि के दर्शन से अपने हृदय रूप में एक नई ऊर्जा की छाया महसूस की। वह अद्वितीय शक्ति मिलने जैसा महसूस कर रहे हैं। कबीर की साखी के गहन अध्ययन की भी जिज्ञासा व्यक्त की। उनके साथ सात अन्य लोग भी कबीर का दर्शन करने आए थे।
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कबीर मठ के महंत विचार दास से कबीर के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। कहा कि कबीर जैसे महापुरुष संत का दर्शन कर उनके विचारों को समाज और देश को प्रगति पथ पर लाया जा सकता है।
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इस दौरान अमेरिका की रेणु बी करुणेश, चौधरी इक्वाडोर, विशाल, ज्योति, भूषण, ईश्वर ठकराल, सुनील, नीता पंड्या, जुगनतीलाल, मृबुलबास पुरोहित, मनसुतलाल, हर्षित, पुजारी राम शरण दास, शांति दास आदि मौजूद रहे।