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Sant Kabir Nagar News: श्रीराम कथा सिर्फ कहानी नहीं है. मानव जीवन जीने की कला है
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बाबा कंकणेश्वर नाथ परिसर में कथा कहते आलोकानंद-संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोसयाबाजार। महाशिवरात्रि पर राम जानकी मार्ग पौली में स्थिति बाबा कंकणेश्वर नाथ परिसर में आयोजित श्री गायत्री महायज्ञ व मानस प्रवचन में सोमवार को वृंदावन से आए कथा वाचक आलोकानंद ने कहा कि श्रीराम कथा एक कहानी नहीं है, अपितु मानव जीवन जीने की कला सिखाती है। श्रीराम कथा से मानव जीवन में धर्म, सत्य, धैर्य, और मर्यादा का मार्ग दिखाती है। यदि हम भगवान श्रीराम के जीवन के संघर्षों से प्रेरणा लेकर उस पर चलना शुरू कर दें, तो अपनी कठिनाइयों में भी अडिग रहते हुए जीवन में सही दिशा पाने में सफल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बाल्यकाल से भगवान श्रीराम सुबह उठते ही माता-पिता गुरु का चरण स्पर्श करते थे। सभी भाइयों और मित्रों के साथ भोजन करते थे। महाराज दशरथ के मरने, सीता हरण जैसे दुखों के पड़ने पर भी भगवान श्रीराम ने धैर्य और साहस नहीं छोड़ा। श्रीराम कथा हमें जीवन के हर मोड़ पर सही निर्णय लेने और सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन करती है।
कथा में चंद्रप्रकाश तिवारी, राम अधीन पाण्डेय, परमात्मा तिवारी, टिल्लू बाबा, लाल साहब सिंह, उमेश सिंह, सतीश सिंह, रमेश चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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रोसयाबाजार। महाशिवरात्रि पर राम जानकी मार्ग पौली में स्थिति बाबा कंकणेश्वर नाथ परिसर में आयोजित श्री गायत्री महायज्ञ व मानस प्रवचन में सोमवार को वृंदावन से आए कथा वाचक आलोकानंद ने कहा कि श्रीराम कथा एक कहानी नहीं है, अपितु मानव जीवन जीने की कला सिखाती है। श्रीराम कथा से मानव जीवन में धर्म, सत्य, धैर्य, और मर्यादा का मार्ग दिखाती है। यदि हम भगवान श्रीराम के जीवन के संघर्षों से प्रेरणा लेकर उस पर चलना शुरू कर दें, तो अपनी कठिनाइयों में भी अडिग रहते हुए जीवन में सही दिशा पाने में सफल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बाल्यकाल से भगवान श्रीराम सुबह उठते ही माता-पिता गुरु का चरण स्पर्श करते थे। सभी भाइयों और मित्रों के साथ भोजन करते थे। महाराज दशरथ के मरने, सीता हरण जैसे दुखों के पड़ने पर भी भगवान श्रीराम ने धैर्य और साहस नहीं छोड़ा। श्रीराम कथा हमें जीवन के हर मोड़ पर सही निर्णय लेने और सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन करती है।
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कथा में चंद्रप्रकाश तिवारी, राम अधीन पाण्डेय, परमात्मा तिवारी, टिल्लू बाबा, लाल साहब सिंह, उमेश सिंह, सतीश सिंह, रमेश चौरसिया आदि मौजूद रहे।