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Sant Kabir Nagar News: आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का आरटीई के तहत प्रवेश आवेदन शुरू
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- तीन चरणों में गरीब बच्चों को आवेदन के लिए मिलेगा अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के सत्र 2026-27 के लिए दो फरवरी से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई।
निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा-एक में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के प्रवेश के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित होती हैं। सरकार की तरफ से सत्र 2026-27 में बच्चों के प्रवेश के लिए दो फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया। पहले का चरण का ऑनलाइन आवेदन 16 फरवरी तक होगा।
नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के तहत हर साल गरीब बच्चों का प्री प्राइमरी से आठवीं तक निशुल्क शिक्षा मुहैया कराई जाती है। आरटीई के तहत जिले के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश के लिए शासन की तरफ से लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रवेश तीन चरणों में होगा। प्रथम चरण में निजी स्कूलों में प्रवेश दो फरवरी से शुरू हो गया है।
प्रथम चरण के आवेदन 16 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण की आवेदन तिथियां भी निर्धारित की गई हैं। इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब अभिभावक अपने आधार कार्ड के माध्यम से ही आवेदन कर सकेंगे। पहले बच्चों का आधार कार्ड लगाना अनिवार्य था। इसके साथ ही अभिभावक का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य कर दिया गया है।
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बता दें कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफार्म, कापी, किताब समेत अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए पांच हजार रुपये अभिभावकों के बैंक खातों में दिया जाता है।
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आवेदन को संबंधित बीईओ करेंगे जांच
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के तहत प्री-प्राइमरी से एक कक्षा एक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन होने के बाद संबंधित बीईओ आवेदनों की जांच कर बीएसए कार्यालय को देंगे। इसके बाद पात्र बच्चों का नामांकन के लिए चयन किया जाएंगे। बीएसए अमित कुमार सिंह के अनुसार निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार के तहत वर्ष छह से 14 साल के सभी बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के सत्र 2026-27 के लिए दो फरवरी से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई।
निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा-एक में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के प्रवेश के लिए 25 फीसदी सीटें आरक्षित होती हैं। सरकार की तरफ से सत्र 2026-27 में बच्चों के प्रवेश के लिए दो फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया। पहले का चरण का ऑनलाइन आवेदन 16 फरवरी तक होगा।
नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के तहत हर साल गरीब बच्चों का प्री प्राइमरी से आठवीं तक निशुल्क शिक्षा मुहैया कराई जाती है। आरटीई के तहत जिले के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश के लिए शासन की तरफ से लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रवेश तीन चरणों में होगा। प्रथम चरण में निजी स्कूलों में प्रवेश दो फरवरी से शुरू हो गया है।
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प्रथम चरण के आवेदन 16 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद दूसरे और तीसरे चरण की आवेदन तिथियां भी निर्धारित की गई हैं। इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब अभिभावक अपने आधार कार्ड के माध्यम से ही आवेदन कर सकेंगे। पहले बच्चों का आधार कार्ड लगाना अनिवार्य था। इसके साथ ही अभिभावक का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य कर दिया गया है।
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बता दें कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफार्म, कापी, किताब समेत अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए पांच हजार रुपये अभिभावकों के बैंक खातों में दिया जाता है।
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आवेदन को संबंधित बीईओ करेंगे जांच
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के तहत प्री-प्राइमरी से एक कक्षा एक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन होने के बाद संबंधित बीईओ आवेदनों की जांच कर बीएसए कार्यालय को देंगे। इसके बाद पात्र बच्चों का नामांकन के लिए चयन किया जाएंगे। बीएसए अमित कुमार सिंह के अनुसार निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार के तहत वर्ष छह से 14 साल के सभी बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है।