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Sant Kabir Nagar News: वक्त की बदली है रफ्तार, खुदा खैर करें...
Mon, 26 Feb 2024 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 26 Feb 2024 12:46 AM IST
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खलीलाबाद पब्लिक स्कूल में आयोजित जन साहित्यिक मंच के काव्य गोष्ठी में काव्य पाठ करते कवि।
संतकबीरनगर। जन साहित्यिक मंच के तत्वावधान में रविवार को खलीलाबाद पब्लिक स्कूल के सभागार में कवि गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि वरिष्ठ शायर एहसास मगहरी ने अपनी रचना वक्त की बदली है रफ्तार, खुदा खैर करें, गुल भी बनने लगे अब खार, खुदा खैर करें। सुनाकर वाहवाही लूटी। राधेश्याम मिश्र श्याम ने जोर वालों से जोर दिखलाओं, नातवां से तो सरकशी कर ली। सुनाकर गरीबों पर अन्याय पर अपील की।
युवा शायर पवन सबा ने अपनी आंखों में तेरा अक्स छुपा रहा है, गम के तूफां से तुझे मैने बचा रखा है। सुनाया जिसे सराहा गया। वरिष्ठ रचनाकार सूरज कुंवर सरस ने यस उज्जर बग्गर धाम बसें, ऋतुराज निकुंजन ते विहरै। सुनाकर बसंत ऋुत के सौंदर्य को बताया। ओम प्रकाश गौतम ने जा रहे हैं कहां से कहां आज कल, मेरे खेमे के ये नव जवां आज कल। सुनाकर युवाओं को जागरूक करने की अपील की। रचनाकार छविराज राज ने आवत ही मधुमास सुधारस कोयलिया बरसावन लागी। सुनाकर बसंत ऋतु की महिमा वर्णन किया। सिबगतुल्लाह शाद नंदौरी ने भीड़ लगी रहती दुकान पर मछली मीट, तरकारी की बहुत देर में आ पाती अपनी बारी की नौबत। सुनाकर वाहवाही लूटी।
अध्यक्षता कर रहे सरदार हरिभजन सिंह भजन ने कवि ने कलम को कलम कर डाला कलयुग में, कलम सच्चाई लिखने से अस्मर्थ हो गई। सुनाकर कलम की मर्यादा बचाने का आह्वान किया। कवि गोष्ठी में शिवा पांडेय, सुरेश यादव, अवनीश कुमार, विकास नारायण, राम मूरत आदि ने भी अपनी रचना सुनाई।
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युवा शायर पवन सबा ने अपनी आंखों में तेरा अक्स छुपा रहा है, गम के तूफां से तुझे मैने बचा रखा है। सुनाया जिसे सराहा गया। वरिष्ठ रचनाकार सूरज कुंवर सरस ने यस उज्जर बग्गर धाम बसें, ऋतुराज निकुंजन ते विहरै। सुनाकर बसंत ऋुत के सौंदर्य को बताया। ओम प्रकाश गौतम ने जा रहे हैं कहां से कहां आज कल, मेरे खेमे के ये नव जवां आज कल। सुनाकर युवाओं को जागरूक करने की अपील की। रचनाकार छविराज राज ने आवत ही मधुमास सुधारस कोयलिया बरसावन लागी। सुनाकर बसंत ऋतु की महिमा वर्णन किया। सिबगतुल्लाह शाद नंदौरी ने भीड़ लगी रहती दुकान पर मछली मीट, तरकारी की बहुत देर में आ पाती अपनी बारी की नौबत। सुनाकर वाहवाही लूटी।
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अध्यक्षता कर रहे सरदार हरिभजन सिंह भजन ने कवि ने कलम को कलम कर डाला कलयुग में, कलम सच्चाई लिखने से अस्मर्थ हो गई। सुनाकर कलम की मर्यादा बचाने का आह्वान किया। कवि गोष्ठी में शिवा पांडेय, सुरेश यादव, अवनीश कुमार, विकास नारायण, राम मूरत आदि ने भी अपनी रचना सुनाई।
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