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Exclusive: सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की रफ्तार तेज तो संतकबीरनगर में सुस्त, अब DM प्रेमरंजन देंगे गति
Thu, 10 Nov 2022 05:19 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
शोभित कुमार पांडेय, संतकबीरनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Nov 2022 05:19 PM IST
सार
संतकबीरनगर में 54 गांव, सिद्धार्थनगर में 93 गांव, बलरामपुर में 65 गांव, श्रावस्ती में 30 और बहराइच में 19 गांवों से होकर नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जबकि बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में अभी सर्वे कार्य हो रहा है।
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नई रेल लाइन बिछाई जाने को लेकर कलेक्ट्रेट में डीएम से वार्ता करते रेलवे अधिकारी।
- फोटो : KHALILABAD
विस्तार
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के लिए दो जिलों में भूमि अधिग्रहण की प्रकिया चल रही है। जबकि तीन जिले में अभी सर्वे कार्य हो रहा है। सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की गति तेज है, जबकि संतकबीरनगर में सुस्त गति से कार्य हो रहा है। पहले चरण में वर्ष 2024 के अंत तक खलीलाबाद से बांसी तक ही नई रेल लाइन बिछाए जाने का कार्य पूर्ण होना प्रस्तावित है। यदि कार्य की यहीं गति रहीं तो तय समय में काम होने में संशय है। खलीलाबाद से बहराइच तक कुल छोटे- बड़े 32 रेलवे स्टेशन व हॉल्ट बनाए जाएंगे।
खलीलाबाद से बांसी -बलरामपुर- श्रावस्ती से होकर बहराइच तक नई रेल लाइन बिछाए जाने की स्वीकृति वर्ष 2017 में मिली थी। खलीलाबाद से बहराइच तक करीब 240 किलोमीटर दूरी तक नई रेल लाइन बिछाई जानी है।
इसमें संतकबीरनगर में 54 गांव, सिद्धार्थनगर में 93 गांव, बलरामपुर में 65 गांव, श्रावस्ती में 30 और बहराइच में 19 गांवों से होकर नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जबकि बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में अभी सर्वे कार्य हो रहा है। प्रथम चरण में खलीलाबाद से लेकर लेकर बांसी तक 54 किलोमीटर दूरी तक कार्य कराया जाना है।
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इसमें संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 29 गांवों के किसानों की 75 .128 हेक्टेयर जमीन और मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 25 गांवों की 66 .862 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है। इस प्रकार कुल 54 गांवों की 142 हेक्टेयर जमीन ली जानी प्रस्तावित थी। पूर्व में चीफ सेक्रेटरी रेलवे बोर्ड आए थे। उन्होंने किसानों और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से वार्ता भी की थी।
आलम यह है कि सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज है और सेक्शन 19 तक कार्य पहुंच गया है। जबकि संतकबीरनगर में प्रगति सुस्त है। इसके पीछे जो वजह बताई गई कि प्रशासन और रेलेव के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी है। वैसे नवागत डीएम प्रेम रंजन सिंह और एडीएम मनोज कुमार सिंह ने इसमें रुचि दिखाई है। रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर के साथ बैठक की और प्रगति तेज किए जाने पर जोर दिया।
रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर रवींद्र मेहता ने बताया कि सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज है। संतकबीरनगर में समन्वय स्थापित करके गति बढ़ाई जा रही है। खलीलाबाद में एचआरपीजी कॉलेज से आगे सरैया गांव के पश्चिम से रेलवे लाइन बनेगी और बघौली होते हुए बखिरा, मेंहदावल, पसाई, खेसरहा से बांसी तक जाएगी। इसमें दो जगह हॉल्ट बखिरा और पसाई में बनेगा। जबकि बघौली, मेंहदावल, खेसरहा और बांसी में स्टेशन होगा। उम्मीद है कि 2024 तक नई रेल लाइन बिछा दी जाएगी।
खलीलाबाद- बहराइच नए रेल मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर के साथ बैठक की जा चुकी है। संतकबीरनगर जिले के कुल 54 गांवों से होकर नई रेल लाइन गुजरेगी। इन्हीं गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। मुआवजे के लिए 110 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। निश्चित तौर पर प्रक्रिया की रफ्तार बढ़ेगी और तय समय में काम पूरा होगा। इसमें प्रशासन की ओर से रेलवे को पूरा सहयोग दिया जाएगा। -- प्रेम रंजन सिंह, डीएम संतकबीरनगर
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खलीलाबाद से बांसी -बलरामपुर- श्रावस्ती से होकर बहराइच तक नई रेल लाइन बिछाए जाने की स्वीकृति वर्ष 2017 में मिली थी। खलीलाबाद से बहराइच तक करीब 240 किलोमीटर दूरी तक नई रेल लाइन बिछाई जानी है।
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इसमें संतकबीरनगर में 54 गांव, सिद्धार्थनगर में 93 गांव, बलरामपुर में 65 गांव, श्रावस्ती में 30 और बहराइच में 19 गांवों से होकर नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जबकि बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में अभी सर्वे कार्य हो रहा है। प्रथम चरण में खलीलाबाद से लेकर लेकर बांसी तक 54 किलोमीटर दूरी तक कार्य कराया जाना है।
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इसमें संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 29 गांवों के किसानों की 75 .128 हेक्टेयर जमीन और मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 25 गांवों की 66 .862 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है। इस प्रकार कुल 54 गांवों की 142 हेक्टेयर जमीन ली जानी प्रस्तावित थी। पूर्व में चीफ सेक्रेटरी रेलवे बोर्ड आए थे। उन्होंने किसानों और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों से वार्ता भी की थी।
आलम यह है कि सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज है और सेक्शन 19 तक कार्य पहुंच गया है। जबकि संतकबीरनगर में प्रगति सुस्त है। इसके पीछे जो वजह बताई गई कि प्रशासन और रेलेव के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी है। वैसे नवागत डीएम प्रेम रंजन सिंह और एडीएम मनोज कुमार सिंह ने इसमें रुचि दिखाई है। रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर के साथ बैठक की और प्रगति तेज किए जाने पर जोर दिया।
रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर रवींद्र मेहता ने बताया कि सिद्धार्थनगर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज है। संतकबीरनगर में समन्वय स्थापित करके गति बढ़ाई जा रही है। खलीलाबाद में एचआरपीजी कॉलेज से आगे सरैया गांव के पश्चिम से रेलवे लाइन बनेगी और बघौली होते हुए बखिरा, मेंहदावल, पसाई, खेसरहा से बांसी तक जाएगी। इसमें दो जगह हॉल्ट बखिरा और पसाई में बनेगा। जबकि बघौली, मेंहदावल, खेसरहा और बांसी में स्टेशन होगा। उम्मीद है कि 2024 तक नई रेल लाइन बिछा दी जाएगी।
खलीलाबाद- बहराइच नए रेल मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। रेलवे के उप मुख्य इंजीनियर के साथ बैठक की जा चुकी है। संतकबीरनगर जिले के कुल 54 गांवों से होकर नई रेल लाइन गुजरेगी। इन्हीं गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। मुआवजे के लिए 110 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। निश्चित तौर पर प्रक्रिया की रफ्तार बढ़ेगी और तय समय में काम पूरा होगा। इसमें प्रशासन की ओर से रेलवे को पूरा सहयोग दिया जाएगा। -- प्रेम रंजन सिंह, डीएम संतकबीरनगर