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Sant Kabir Nagar News: मानव शरीर धारण कर धरा को पापमुक्त करते हैं प्रभु
Sun, 08 Feb 2026 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:03 AM IST
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हरिहरपुर। नाथनगर ब्लाक के बरौली में बाबा हरदेव नाथ स्थान पर आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ में चल रहे श्रीराम कथा के पहले दिन कथा व्यास आचार्य अजय कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम के जन्म की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि भगवान विप्र, गाय, देवता और साधु-संतो के कल्याण के लिए ही पृथ्वी पर जन्म लेते हैं। प्रभु अपनी इच्छा से शरीर धारण कर धरा को पाप से मुक्ति दिलाते हैं। जन्म से पहले भगवान राम ने माता कौशिल्या को अपना विराट रूप दिखाया। भगवान राम के अलौकिक दिव्य स्वरूप का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि श्रीराम का सांवला रंग, बड़े-बड़े नेत्र, गले में मणियों की माला सुशोभित हो रही है। शरीर में पूरा ब्रह्मांड समाया हुआ है उनके रोम रोम से वेदों के मंत्र का उच्चारण हो रहा है। भगवान का यह स्वरूप देखकर माता कौशिल्या डर जाती हैं और भगवान से बाल लीला करने की स्तुति करती हैं। जिससे मातृ सुख प्राप्त हो। माता कौशिल्या की बात सुनकर भगवान सुंदर बालक का रूप धारण कर रोने लगते हैं। अयोध्या में राम जन्म की खुशियां मनाई जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि भगवान विप्र, गाय, देवता और साधु-संतो के कल्याण के लिए ही पृथ्वी पर जन्म लेते हैं। प्रभु अपनी इच्छा से शरीर धारण कर धरा को पाप से मुक्ति दिलाते हैं। जन्म से पहले भगवान राम ने माता कौशिल्या को अपना विराट रूप दिखाया। भगवान राम के अलौकिक दिव्य स्वरूप का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि श्रीराम का सांवला रंग, बड़े-बड़े नेत्र, गले में मणियों की माला सुशोभित हो रही है। शरीर में पूरा ब्रह्मांड समाया हुआ है उनके रोम रोम से वेदों के मंत्र का उच्चारण हो रहा है। भगवान का यह स्वरूप देखकर माता कौशिल्या डर जाती हैं और भगवान से बाल लीला करने की स्तुति करती हैं। जिससे मातृ सुख प्राप्त हो। माता कौशिल्या की बात सुनकर भगवान सुंदर बालक का रूप धारण कर रोने लगते हैं। अयोध्या में राम जन्म की खुशियां मनाई जाती हैं।
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