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Sant Kabir Nagar News: जांच टीम ने दोनों पक्षों का दर्ज किया बयान
Fri, 17 Jan 2025 12:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 17 Jan 2025 12:51 AM IST
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- नवजात शिशु की मौत और धनउगाही के आरोप का मामला
- पीड़ित परिवार ने डीएम को शिकायत पत्र देकर कारवाई की थी मांग
- सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व मे चार सदस्यीय टीम ने की जांच
सेमरियावां। दुधारा क्षेत्र के सीएचसी सेमरियावां में संचालित मातृ शिशु उप स्वास्थ्य केंद्र करही में नवजात शिशु की मौत के मामले में टीम ने जांच की। टीम ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीएमओ को देने की बात कही।
मालूम हो कि 15 जनवरी को करही गांव के शम्स तबरेज पुत्र अली हुसैन ने डीएम को शिकायत पत्र देकर बताया कि आठ जनवरी को छोटे भाई की पत्नी साजिदा खातून को प्रसव पीड़ा होने पर करही गांव के मातृ शिशु उप स्वास्थ्य केद्र ले गया। एएनएम ने बताया कि अभी समय है। दोपहर तीन बजे आना। साजिदा खातून को तीन बजे केंद्र में भर्ती कराया गया। उसके बाद एएनएम ने जेक्शन लगाना शुरू किया। कहती रही अभी डिलेवरी हो जाएगी। देर रात लगभग 11:30 बजे जब वहां पर मौजूद एएनएम प्रेमलता देवी से प्रसूता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मांगी गई तो वह भड़क गई और चिल्लाते हुए कहने लगी कि तुम अपने मरीज को यहां से लेकर जाओ, मैं प्रसव नहीं करा पाऊंगी।
उसके बाद अपने निजी वाहन से एक प्रसव केंद्र पर भिजवा दिया। प्रसव हुई लेकिन नवजात शिशु की हालत ठीक नहीं थी। जिसे लेकर कैली अस्पताल बस्ती ले गया, फिर वहां से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया। प्रसूता की जान तो बच सकी लेकिन नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में डीएम महेंद्र सिंह तंवर से जांचकर कार्रवाई की मांग की है। बृहस्पतिवार को सीएचसी अधीक्षक डाॅक्टर सुरेश चंद्र, डाॅक्टर हरप्रीत जोगिंदर पाल, बीपीएम राजेश पाण्डेय और आईओ कौसर खान ने मामले की जांच की। दोनों पक्षों का बयान दर्ज किया। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीएमओ को देने की बात कही। सीएचसी अधीक्षक डाॅक्टर सुरेश चंद् ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। सीएमओ को सौंप दी जाएगी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सारे आरोप निराधार हैं। यहां नवजात शिशु की मृत्यु नहीं हुई है। प्रसव के लिए प्रसूता को बाघनगर स्थित प्रसव केंद्र पर भर्ती कराया गया था। नवजात शिशु की मृत्यु मेडिकल काॅलेज गोरखपुर में हुई है। कुछ लोग जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं।
- प्रेमलता देवी, एएनएम, मातृ शिशु उप स्वास्थ्य केंद्र करही
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- पीड़ित परिवार ने डीएम को शिकायत पत्र देकर कारवाई की थी मांग
- सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व मे चार सदस्यीय टीम ने की जांच
सेमरियावां। दुधारा क्षेत्र के सीएचसी सेमरियावां में संचालित मातृ शिशु उप स्वास्थ्य केंद्र करही में नवजात शिशु की मौत के मामले में टीम ने जांच की। टीम ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीएमओ को देने की बात कही।
मालूम हो कि 15 जनवरी को करही गांव के शम्स तबरेज पुत्र अली हुसैन ने डीएम को शिकायत पत्र देकर बताया कि आठ जनवरी को छोटे भाई की पत्नी साजिदा खातून को प्रसव पीड़ा होने पर करही गांव के मातृ शिशु उप स्वास्थ्य केद्र ले गया। एएनएम ने बताया कि अभी समय है। दोपहर तीन बजे आना। साजिदा खातून को तीन बजे केंद्र में भर्ती कराया गया। उसके बाद एएनएम ने जेक्शन लगाना शुरू किया। कहती रही अभी डिलेवरी हो जाएगी। देर रात लगभग 11:30 बजे जब वहां पर मौजूद एएनएम प्रेमलता देवी से प्रसूता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मांगी गई तो वह भड़क गई और चिल्लाते हुए कहने लगी कि तुम अपने मरीज को यहां से लेकर जाओ, मैं प्रसव नहीं करा पाऊंगी।
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उसके बाद अपने निजी वाहन से एक प्रसव केंद्र पर भिजवा दिया। प्रसव हुई लेकिन नवजात शिशु की हालत ठीक नहीं थी। जिसे लेकर कैली अस्पताल बस्ती ले गया, फिर वहां से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया। प्रसूता की जान तो बच सकी लेकिन नवजात शिशु की मृत्यु हो गई। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में डीएम महेंद्र सिंह तंवर से जांचकर कार्रवाई की मांग की है। बृहस्पतिवार को सीएचसी अधीक्षक डाॅक्टर सुरेश चंद्र, डाॅक्टर हरप्रीत जोगिंदर पाल, बीपीएम राजेश पाण्डेय और आईओ कौसर खान ने मामले की जांच की। दोनों पक्षों का बयान दर्ज किया। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीएमओ को देने की बात कही। सीएचसी अधीक्षक डाॅक्टर सुरेश चंद् ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। सीएमओ को सौंप दी जाएगी। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सारे आरोप निराधार हैं। यहां नवजात शिशु की मृत्यु नहीं हुई है। प्रसव के लिए प्रसूता को बाघनगर स्थित प्रसव केंद्र पर भर्ती कराया गया था। नवजात शिशु की मृत्यु मेडिकल काॅलेज गोरखपुर में हुई है। कुछ लोग जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं।
- प्रेमलता देवी, एएनएम, मातृ शिशु उप स्वास्थ्य केंद्र करही