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Sant Kabir Nagar News: शहरी बनने का टूटने लगा ख्वाब, नपा में शामिल होने की उम्मीद धूमिल

Mon, 16 Feb 2026 02:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Feb 2026 02:03 AM IST
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The dream of becoming a city dweller is shattered, the hope of joining the Municipal Corporation is fading.
संवाद न्यूज एजेंसी
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संतकबीरनगर। शहर के आसपास के 16 गांवों को नगर पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव शासन में लटका है। इसके कारण इन क्षेत्र के लोगों का शहरी बनने का ख्वाब टूटने लगा है।
इधर पंचायत चुनाव भी नजदीक है, ऐसे में इस प्रस्ताव की मंजूरी मिलने की संभावनाएं धूमिल होता जा रही है। हालांकि इस प्रस्ताव को ध्यान में रखकर रिंग रोड की पहल की गई है, जिसमें से बालूशासन से चकदही तक के रिंग रोड की मंजूरी मिल चुकी है।
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शहर में जाम की समस्या न हो, इसके लिए प्रशासन ने खलीलाबाद से बस्ती राष्ट्रीय राजमार्ग पर भुवरिया से पायलपार तक रिंग रोड का निर्माण कराया है। करीब नौ किलोमीटर की सड़क का 29 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण का कार्य कराया गया है। इसके साथ ही बालूशासन से चकदही तक रिंग रोड बनाने की भी शासन से मंजूरी मिल चुकी है।
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पालिका प्रशासन ने रिंग रोड को शहर से जोड़ने के लिए करीब डेढ़ साल पहले पालिका के सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है।
इसमें पालिका क्षेत्र के आसपास के 16 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें धौरहरा, चकपिहानी, केरमुआ माफी, नगवा, गौरापार, चकदही आदि गांव शामिल हैं। इसकी मंजूरी मिल जाए, इसके लिए पालिका प्रशासन प्रयास कर रहा है, लेकिन अब पंचायत चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। ऐसे में लोगों को शहरी बनने का सपना टूटने लगा है।
यदि इन गांवों को शहर में शामिल कर लिया जाता तो न सिर्फ न क्षेत्र के लोगों को शहरी सुविधाएं मिलती, बल्कि विकास की गति भी तेज होती। साथ ही जलापूर्ति, सीसी रोड, इंटरलाॅकिंग, नाली और नालों का निर्माण, शहरी बिजली आपूर्ति, पथ प्रकाश व्यवस्था आदि की सुविधाएं मिलती, लेकिन प्रस्ताव लटक जाने से निराश होना पड़ रहा है।

चकदही निवासी उमेश कुमार, केरमुआ निवासी राकेश आदि ने कहा कि उम्मीद थी कि गांव शहर में शामिल होगा, लेकिन अभी तक मंजूरी न मिलने से उम्मीद टूटने लगी है।
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