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UP: ब्रिटिश मौलाना के मदरसे का बैंक खाता आजमगढ़ के पते पर, कतर-दोहा से आई फंडिंग; 22 बैंक खाते फ्रीज
Tue, 14 Jul 2026 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीर नगर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 11:34 PM IST
सार
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खाता आजमगढ़ से ही क्यों संचालित किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। विदेशी फंडिंग की जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी दस्तावेज, धन भेजने वालों की पहचान और धन के उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
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मौलाना शमशुल हुदा खान की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा खान के खलीलाबाद शहर के मोतीनगर स्थित कुल्लियातुल बनातिर रजविया (मदरसा) में विदेशी फंडिंग के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि मदरसे का बैंक खाता संतकबीरनगर के बजाय आजमगढ़ के एक पते पर खुलवाया गया था।
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इसी में दोहा (कतर) सहित कई खाड़ी देशों से विदेशी धनराशि भेजी जाती थी। वहीं जिला अस्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के द्वारा दर्ज कराए गए विदेशी फंडिंग के मामले में पुलिस की तरफ से विवेचना पूर्ण करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है।
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जांच टीम के अनुसार खाते में विदेश से आने वाली रकम को मदरसे के संचालन और अन्य गतिविधियों के नाम पर प्राप्त किया जाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कतर की राजधानी दोहा के अलावा सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत और अन्य खाड़ी देशों के साथ ही आस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, इग्लैंड आदि देशों से भी कई बार धनराशि भेजी गई।
रकम के बारे में जांच एजेंसियां ब्यौरा एकत्रित करने में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक बैंक खाते के दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया है कि खाता खोलने के लिए आजमगढ़ का पता और उससे संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, जबकि मदरसा संतकबीरनगर में संचालित हो रहा था।
रकम के बारे में जांच एजेंसियां ब्यौरा एकत्रित करने में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक बैंक खाते के दस्तावेजों की जांच में यह भी सामने आया है कि खाता खोलने के लिए आजमगढ़ का पता और उससे संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, जबकि मदरसा संतकबीरनगर में संचालित हो रहा था।
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पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खाता आजमगढ़ से ही क्यों संचालित किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। विदेशी फंडिंग की जांच के दौरान बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी दस्तावेज, धन भेजने वालों की पहचान और धन के उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों में हुआ या उसका इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए भी किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों में हुआ या उसका इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए भी किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं।
संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी साझा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद विदेशी अंशदान से जुड़े कानूनों और अन्य धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चार और बैंक खातों के बारे में मिली पुलिस को जानकारी
मौलाना शमशुल हुदा खान एवं उसके परिवार के विदेशी लेन-देन में 22 बैंक खातों की जानकारी पुलिस को हुई है। पहले पुलिस को 18 बैंक खाता के बारे में जानकारी थी, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपये पुलिस ने फ्रीज कराए थे।
चार और बैंक खातों के बारे में मिली पुलिस को जानकारी
मौलाना शमशुल हुदा खान एवं उसके परिवार के विदेशी लेन-देन में 22 बैंक खातों की जानकारी पुलिस को हुई है। पहले पुलिस को 18 बैंक खाता के बारे में जानकारी थी, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपये पुलिस ने फ्रीज कराए थे।
पुलिस जांच में चार अन्य बैंक खाताें का पता चला है। पुलिस ने सभी में वित्तीय लेन-देन पर रोक लगा दी है। जांच टीम की मानें तो सभी खातों का संचालन मौलाना शमशुल हुदा खान का बेटा तौसीफ रजा खान करता था।
संपत्ति व विदेशी फंडिग की जांच कर रही ईडी व एनआईए
मौलाना शमशुल हुदा खान व उसके परिजनों की संपत्ति व विदेशी फंडिंग की जांच ईडी व एनआईए कर रही हैं। 11 फरवरी को मौलाना के बेटे तौसीफ रजा खान के खलीलाबाद शहर स्थित मोतीनगर मोहल्ला स्थित आवास व आजमगढ़ स्थित आवासीय परिसर पर ईडी ने एक साथ छापा मारा था। जहां से उनके हाथ काफी महत्वपूर्ण अभिलेख लगे थे। जिन्हें टीम जब्त कर साथ ले गई थी।
संपत्ति व विदेशी फंडिग की जांच कर रही ईडी व एनआईए
मौलाना शमशुल हुदा खान व उसके परिजनों की संपत्ति व विदेशी फंडिंग की जांच ईडी व एनआईए कर रही हैं। 11 फरवरी को मौलाना के बेटे तौसीफ रजा खान के खलीलाबाद शहर स्थित मोतीनगर मोहल्ला स्थित आवास व आजमगढ़ स्थित आवासीय परिसर पर ईडी ने एक साथ छापा मारा था। जहां से उनके हाथ काफी महत्वपूर्ण अभिलेख लगे थे। जिन्हें टीम जब्त कर साथ ले गई थी।
एसआई जांच व पुलिस की विवेचना पूर्ण हो चुकी है। आरोप पत्र न्यायालय भेजा जा रहा है। विदेशी फंडिंग के मामले में मौलाना शमशुल हुदा खान के बेटे तौसीफ रजा की संलिप्तता पाई गई है। इसकी वजह से उसका भी नाम विवेचना में शामिल किया गया है। जांच के दौरान कई देशों से फंडिंग की पुष्टि हुई है। विदेश से आए धन का निजी उपयोग में किया जाना पाया गया है: सुशील कुमार सिंह, एएसपी