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Sant Kabir Nagar News: मगहर में बनेगा टेक्सटाइल पार्क, विकास को लगेंगे पंख, मिलेगा रोजगार
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मेंहदावल में लगी पावरलूम मशीन।
कताई मिल की भूमि पर विकसित होगा पार्क, तैयारी तेज
भूमि का रकबा और पानी के स्रोत के बारे में उपायुक्त उद्योग ने शासन को भेजी रिपोर्ट
संतकबीरनगर। जिले के मगहर में टेक्सटाइल पार्क बनाने की तैयारी चल रही है। बंद पड़ी कताई मिल मगहर में टेक्सटाइल पार्क बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने कताई मिल की भूमि की स्थिति और पानी के स्रोत के संबंध में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी, जो शासन को भेज दी गई है। इसके साथ ही उम्मीद है कि जल्द ही यह योजना अमल में आएगी। इससे मगहर के विकास को पंखे लगेंगे और लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
प्रदेश सरकार ने संतकबीरनगर में बंद पड़ी कताई मिल को टेक्सटाइल हब बनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 में होजरी उद्योग को एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है। जिले के खलीलाबाद, अमरडोभा, मुखलिसपुर, नाथनगर, कालीजगदीश, महुली, हरिहरपुर सहित कई स्थानों पर होजरी उद्योग संचालित हो रहे हैं। इस कारोबार से करीब ढाई हजार परिवार जुडे़ हैं। शासन की घोषणा के बाद हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने जमीन का सर्वे कराया है। इस बीच शासन के निर्देश पर उपायुक्त उद्योग ने जमीन और पानी के स्रोत के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी है।
इसमें बताया गया कि यहां कुल 47 एकड़ जमीन निष्प्रयोज्य जमीन पड़ी है।
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काॅमन फैसिलिटी सेंटर का भी होगा निर्माण
बंद पड़ी कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनने से यहां काॅमन फैसिलिटी सेंटर का भी निर्माण होगा। यहां बड़ी मशीन लगेंगी, इससे यहां उद्यमियों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मसलन कपड़े की कटाई से लेकर अन्य कार्य आसानी से मशीन से हो सकेंगे।
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कताई मिल बंद होने से छिन गई 1200 परिवारों की रोजी-रोटी
सात जनवरी 1977 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने संतकबीर सहकारी सूती कताई मिल की स्थापना की थी। इसका उद्घाटन संजय गांधी ने किया था। 1978 में सूती धागे का उत्पादन शुरू हो गया था और कम समय में ही बाजार में मजबूत पकड़ बन गई थी। बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने से सुलभता से सूत मिल जाया करता था। मिल चालू होने से क्षेत्र के अलावा हुनरमंद हाथों को काम मिल रहा था, मिल प्रबंधन और मजदूरों के बीच विवाद बढ़ने के चलते 1997 में यह मिल पूर्ण रूप से बंद हो गई। अब एक बार फिर इस क्षेत्र के गुलजार होने की उम्मीद जगी है।
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बंद पड़ी कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा से काफी उम्मीदें हैं। इसके लिए औद्योगिक एसोसिएशन ने भी कई बार शासन को पत्र भेजा था। अब शासन ने पहल की है, इससे यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा और मगहर के विकास को भी पंख लगेंगे।
-अरविंद पाठक, अध्यक्ष, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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मगहर में टेक्सटाइल पार्क बनने से न सिर्फ उद्यमियों को फायदा होगा, बल्कि आस- पास के लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही मगहर के विकास की गति भी तेज होगी।
-अवधेश सिंह, समाजसेवी
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बंद पड़ी मगहर कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए शासन ने जमीन की स्थिति और पानी के स्रोत के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी, जिसे भेज दिया गया है। आगे शासन से जैसा निर्देश प्राप्त होगा, उस आधार पर कदम उठाए जाएंगे।
-राजकुमार शर्मा, उपायुक्त, उद्योग
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भूमि का रकबा और पानी के स्रोत के बारे में उपायुक्त उद्योग ने शासन को भेजी रिपोर्ट
संतकबीरनगर। जिले के मगहर में टेक्सटाइल पार्क बनाने की तैयारी चल रही है। बंद पड़ी कताई मिल मगहर में टेक्सटाइल पार्क बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने कताई मिल की भूमि की स्थिति और पानी के स्रोत के संबंध में प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी, जो शासन को भेज दी गई है। इसके साथ ही उम्मीद है कि जल्द ही यह योजना अमल में आएगी। इससे मगहर के विकास को पंखे लगेंगे और लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
प्रदेश सरकार ने संतकबीरनगर में बंद पड़ी कताई मिल को टेक्सटाइल हब बनाने की घोषणा की है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 में होजरी उद्योग को एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है। जिले के खलीलाबाद, अमरडोभा, मुखलिसपुर, नाथनगर, कालीजगदीश, महुली, हरिहरपुर सहित कई स्थानों पर होजरी उद्योग संचालित हो रहे हैं। इस कारोबार से करीब ढाई हजार परिवार जुडे़ हैं। शासन की घोषणा के बाद हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने जमीन का सर्वे कराया है। इस बीच शासन के निर्देश पर उपायुक्त उद्योग ने जमीन और पानी के स्रोत के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी है।
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इसमें बताया गया कि यहां कुल 47 एकड़ जमीन निष्प्रयोज्य जमीन पड़ी है।
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काॅमन फैसिलिटी सेंटर का भी होगा निर्माण
बंद पड़ी कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनने से यहां काॅमन फैसिलिटी सेंटर का भी निर्माण होगा। यहां बड़ी मशीन लगेंगी, इससे यहां उद्यमियों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मसलन कपड़े की कटाई से लेकर अन्य कार्य आसानी से मशीन से हो सकेंगे।
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कताई मिल बंद होने से छिन गई 1200 परिवारों की रोजी-रोटी
सात जनवरी 1977 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने संतकबीर सहकारी सूती कताई मिल की स्थापना की थी। इसका उद्घाटन संजय गांधी ने किया था। 1978 में सूती धागे का उत्पादन शुरू हो गया था और कम समय में ही बाजार में मजबूत पकड़ बन गई थी। बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने से सुलभता से सूत मिल जाया करता था। मिल चालू होने से क्षेत्र के अलावा हुनरमंद हाथों को काम मिल रहा था, मिल प्रबंधन और मजदूरों के बीच विवाद बढ़ने के चलते 1997 में यह मिल पूर्ण रूप से बंद हो गई। अब एक बार फिर इस क्षेत्र के गुलजार होने की उम्मीद जगी है।
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बंद पड़ी कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा से काफी उम्मीदें हैं। इसके लिए औद्योगिक एसोसिएशन ने भी कई बार शासन को पत्र भेजा था। अब शासन ने पहल की है, इससे यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा और मगहर के विकास को भी पंख लगेंगे।
-अरविंद पाठक, अध्यक्ष, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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मगहर में टेक्सटाइल पार्क बनने से न सिर्फ उद्यमियों को फायदा होगा, बल्कि आस- पास के लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही मगहर के विकास की गति भी तेज होगी।
-अवधेश सिंह, समाजसेवी
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बंद पड़ी मगहर कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए शासन ने जमीन की स्थिति और पानी के स्रोत के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी, जिसे भेज दिया गया है। आगे शासन से जैसा निर्देश प्राप्त होगा, उस आधार पर कदम उठाए जाएंगे।
-राजकुमार शर्मा, उपायुक्त, उद्योग