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तामेश्वरनाथ धाम : बदहाल सड़कें लेंगी कांवड़ियों की आस्था की परीक्षा
Tue, 08 Jul 2025 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 08 Jul 2025 11:49 PM IST
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तामेश्वरनाथ से गड़सरपार होते हुए मंझरिया में हाईवे से मिलने वाली सड़क का हाल
हरिहरपुर। महाभारतकालीन तामेश्वरनाथ धाम जलाभिषेक करने जाने वाले कांवड़ियों की परीक्षा धाम के आसपास की सड़कें लेंगी। टूटी सड़क और बड़े-बड़े गड्ढे परेशानी बढ़ाएंगे।मुख्य मार्ग से तामेश्वरनाथ धाम को जोड़ने वाला मार्ग बदहाल है, वहीं बस्ती की तरफ से लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। हाईवे से सीधे तामेश्वरनाथ धाम आने वाला रास्ता भी जर्जर है।
तामेश्वरनाथ धाम पर जलाभिषेक के लिए प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। 11 जुलाई से शुरु होने वाले तामेश्वरनाथ धाम पर जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवड़ियों खलीलाबाद से आंबेडकरनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित बिड़हरघाट से सरयू का पवित्र जल भरते हैं। अंबेडकरनगर से खलीलाबाद का मार्ग पूरी तरह से दुरुस्त है। बाकी तीन मार्गों की हालत खस्ता है।
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खलीलाबाद-धनघटा मार्ग सबसेे अधिक जर्जर
कांवड़िए किसी भी रास्ते से आते हैं जो वह खलीलाबाद-धनघटा मार्ग पर मुख्य द्वार से होकर ही जाते हैं। इस मार्ग की स्थिति यह है कि यह मार्ग चार मीटर चौड़ा है। इस चौड़ाई में भी बड़े-बड़े गड्ढे तथा उखड़ी हुई गिट्टियां हैं। बेलवनिया से आए रामसूरत मौर्या कहते हैं कि यह तो मार्ग मुख्यमंत्री के आने पर थोड़ा मरम्मत हो गया, नहीं तो और भी जर्जर हो जाता। इस मार्ग पर कांवड़ियों की भीड़ को काफी परेशानी होगी। तामेश्वरनाथ धाम की तरफ जाने के लिए निकलेंगे तो तकरीबन एक किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग पूरी तरह से बदहाल है। मुख्य गेट से तामेश्वरनाथ धाम की तरफ जाएंगे तो रास्ते पूरी तरह से टूटे हुए मिलेंगे। संकरे रास्ते से होकर तामेश्वरनाथ धाम को जाना होगा। इसी मार्ग पर दुकानें लगती हैं।
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गोरखपुर से सीधे आने की राह नहीं आसान
तामेश्वरनाथ धाम पर आने वाले कांवड़िए जो सीधे गोरखपुर की तरफ से आते हैं तो खलीलाबाद के जाम से बचने के लिए सीधे राजमार्ग संख्या 28 से मंझरिया के पास से निकलकर गिरधरपुर होते हुए तामेश्वरनाथ आने वाला मार्ग भी पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इस मार्ग पर हल्की सी बरसात हो जाने के बाद बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है। गड़सरपार के अरुण सिंह उर्फ गोगा सिंह कहते हैं कि यह रास्ता बहुत ही अच्छा था। खलीलाबाद जाना ही नहीं पड़ता था। सीधे गोरखपुर चले जाते थे, लेकिन अब काफी खराब हो गया है। जिससे आना जाना दूभर हो जाता है।
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तामेश्वरनाथ-कटका मार्ग के रास्ते जाने में छूटते हैं पसीने
तामेश्वरनाथ धाम से कटका होते हुए टुंगपार-मैनसिर मार्ग पर जाते हैं। यहां से कांवड़िए बस्ती और गोरखपुर की तरफ भी जाते हैं। तामेश्वरनाथ-कटका को जाने वाला मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गया है। इस मार्ग पर कोई काम ही नहीं हुआ है। कटका के अवनीश बताते हैं कि नहर का पुल पार करते ही स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है, इस बात की जानकारी नहीं हो पाती है। मैनसिर से मोलनापुर होते हुए तामेश्वरनाथ धाम जाने वाली सड़क को बनाया जा रहा है। इस सड़क पर गिट्टियां पड़ी हुई हैं।
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धाम की चारों तरफ की सड़कें खराब
तामेश्वरनाथ धाम के चारों तरफ की सड़कें खराब हैं। स्थिति यह है कि धाम के चारों तरफ सड़कों पर हल्की सी बरसात में कीचड़ और गंदगी का अंबार लग जाता है। नागेन्द्र भारती कहते हैं कि कॉरिडोर बनने तक यहां की स्थिति इसी तरह से खराब रहेगी। मुख्यमंत्री के आने के दौरान पूरब तरफ की सड़क बन गई, इसका लाभ मिलेगा। लेकिन अन्य किसी भी सड़क पर कोई काम नहीं हुआ है।
कोट
जलाभिषेक पर चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था के लिए सभी जिम्मेदार अधिकारियों साफ-सफाई, सुरक्षा व रास्ते को बेहतर करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सभी को कांवड़ यात्रा से पहले वहां पर बेहतर प्रबंध करने को कहा गया है। ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानियाें का सामना न करना पड़े। इसके लिए बैठक भी हो चुकी है।
-आलोक कुमार, जिलाधिकारी
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तामेश्वरनाथ धाम पर जलाभिषेक के लिए प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। 11 जुलाई से शुरु होने वाले तामेश्वरनाथ धाम पर जलाभिषेक के लिए आने वाले कांवड़ियों खलीलाबाद से आंबेडकरनगर जाने वाले मार्ग पर स्थित बिड़हरघाट से सरयू का पवित्र जल भरते हैं। अंबेडकरनगर से खलीलाबाद का मार्ग पूरी तरह से दुरुस्त है। बाकी तीन मार्गों की हालत खस्ता है।
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खलीलाबाद-धनघटा मार्ग सबसेे अधिक जर्जर
कांवड़िए किसी भी रास्ते से आते हैं जो वह खलीलाबाद-धनघटा मार्ग पर मुख्य द्वार से होकर ही जाते हैं। इस मार्ग की स्थिति यह है कि यह मार्ग चार मीटर चौड़ा है। इस चौड़ाई में भी बड़े-बड़े गड्ढे तथा उखड़ी हुई गिट्टियां हैं। बेलवनिया से आए रामसूरत मौर्या कहते हैं कि यह तो मार्ग मुख्यमंत्री के आने पर थोड़ा मरम्मत हो गया, नहीं तो और भी जर्जर हो जाता। इस मार्ग पर कांवड़ियों की भीड़ को काफी परेशानी होगी। तामेश्वरनाथ धाम की तरफ जाने के लिए निकलेंगे तो तकरीबन एक किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग पूरी तरह से बदहाल है। मुख्य गेट से तामेश्वरनाथ धाम की तरफ जाएंगे तो रास्ते पूरी तरह से टूटे हुए मिलेंगे। संकरे रास्ते से होकर तामेश्वरनाथ धाम को जाना होगा। इसी मार्ग पर दुकानें लगती हैं।
गोरखपुर से सीधे आने की राह नहीं आसान
तामेश्वरनाथ धाम पर आने वाले कांवड़िए जो सीधे गोरखपुर की तरफ से आते हैं तो खलीलाबाद के जाम से बचने के लिए सीधे राजमार्ग संख्या 28 से मंझरिया के पास से निकलकर गिरधरपुर होते हुए तामेश्वरनाथ आने वाला मार्ग भी पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इस मार्ग पर हल्की सी बरसात हो जाने के बाद बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाता है। गड़सरपार के अरुण सिंह उर्फ गोगा सिंह कहते हैं कि यह रास्ता बहुत ही अच्छा था। खलीलाबाद जाना ही नहीं पड़ता था। सीधे गोरखपुर चले जाते थे, लेकिन अब काफी खराब हो गया है। जिससे आना जाना दूभर हो जाता है।
तामेश्वरनाथ-कटका मार्ग के रास्ते जाने में छूटते हैं पसीने
तामेश्वरनाथ धाम से कटका होते हुए टुंगपार-मैनसिर मार्ग पर जाते हैं। यहां से कांवड़िए बस्ती और गोरखपुर की तरफ भी जाते हैं। तामेश्वरनाथ-कटका को जाने वाला मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गया है। इस मार्ग पर कोई काम ही नहीं हुआ है। कटका के अवनीश बताते हैं कि नहर का पुल पार करते ही स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है, इस बात की जानकारी नहीं हो पाती है। मैनसिर से मोलनापुर होते हुए तामेश्वरनाथ धाम जाने वाली सड़क को बनाया जा रहा है। इस सड़क पर गिट्टियां पड़ी हुई हैं।
धाम की चारों तरफ की सड़कें खराब
तामेश्वरनाथ धाम के चारों तरफ की सड़कें खराब हैं। स्थिति यह है कि धाम के चारों तरफ सड़कों पर हल्की सी बरसात में कीचड़ और गंदगी का अंबार लग जाता है। नागेन्द्र भारती कहते हैं कि कॉरिडोर बनने तक यहां की स्थिति इसी तरह से खराब रहेगी। मुख्यमंत्री के आने के दौरान पूरब तरफ की सड़क बन गई, इसका लाभ मिलेगा। लेकिन अन्य किसी भी सड़क पर कोई काम नहीं हुआ है।
कोट
जलाभिषेक पर चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था के लिए सभी जिम्मेदार अधिकारियों साफ-सफाई, सुरक्षा व रास्ते को बेहतर करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सभी को कांवड़ यात्रा से पहले वहां पर बेहतर प्रबंध करने को कहा गया है। ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानियाें का सामना न करना पड़े। इसके लिए बैठक भी हो चुकी है।
-आलोक कुमार, जिलाधिकारी