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उन्नतशील खेती कर किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनें सुरेंद्र राय

Sat, 22 Jan 2022 11:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 11:21 PM IST
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surendra became inspiration
उन्नतशील खेती कर किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनें सुरेंद्र राय
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- सरसों की फसल में सर्वाधिक उत्पादन करने की वजह से हो चुके हैं सम्मानित
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। सेमरियावां ब्लॉक क्षेत्र के उमिला गांव निवासी किसान सुरेंद्र राय तिलहन की खेती कर अधिक उत्पादन करने का जिले में रिकॉर्ड बना चुके हैं। परंपरागत खेती के साथ उनका रुझान व्यावसायिक खेती ओर भी है। वे गन्ना, गेहूं, दलहल, तिलहन के साथ ही सब्जी की खेती कर अच्छा लाभ कमा रहे हैं। क्षेत्र के किसानों के लिए वे प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
उमिला गांव निवासी 62 वर्षीय सुरेंद्र राय बताते हैं कि उनके पास 15 एकड़ खेत है। वह प्रत्येक वर्ष कम से कम एक एकड़ में सरसों की खेती करते हैं। रबी वर्ष 2020-21 में वे सरसों प्रो एग्रो 5222 वैरायटी की बुवाई की थी। प्रति हेक्टेयर 37.80 कुंतल उत्पादन हुआ था, जो जिले में सरसों का सर्वाधिक उत्पादन था। इसके लिए उन्हें 23 दिसंबर 2021 को किसान दिवस पर सम्मानित किया गया था। वह अगैती आलू, मटर, गोभी, टमाटर, करेला, लौकी आदि की खेती भी करते हैं। वह कृषि वैज्ञानिकों के संपर्क में नियमित रहते हैं। कम लागत में अधिक उपज करने के तौर-तरीके को जानने की कोशिश करते हैं। सुरेंद्र बताते हैं कि खेत से पुआल नहीं निकालते हैं और जलाते भी नहीं है। वह वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग करते हैं। बिना जुताई के ही फसलों की बुवाई भी करते हैं। इससे करीब 2000 रुपये प्रति एकड़ लागत कम आती है। वह वर्ष 2017 से धान की सीधी बुवाई कर रहेे हैं। उनके खेत में मटर आदि सब्जी की फसल तैयार हो चुकी है और सीधे खेत से बिक जा रही है। उनका कहना है कि यदि उन्नतशील तरीके से खेती की जाए तो अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। प्रत्येक वर्ष वह खेती से 10 से 12 लाख रुपये की आमदनी कर लेते हैं।
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कुशीनगर के किसान से प्रेरित होकर शुरू की स्ट्राबेरी की खेती
सुरेंद्र राय बताते है कि उन्होंने कुशीनगर के दुमही के किसान लालजी कुशवाहा से प्रेरित होकर स्ट्राबेरी की खेती शुरू की है। नवंबर में हरियाणा से ऑनलाइन 24 हजार स्ट्राबेरी के पौधे मंगाए थे। करीब एक एकड़ में स्ट्राबेरी के पौधे लगाए हैं। 40-45 दिन बाद अब स्ट्राबेरी के पौधे में फल लगना शुरू हो गया है। खलीलाबाद में ही स्ट्राबेरी के फल बेचने की व्यवस्था बन गई है। यदि इस खेती में मुनाफा हुआ तो अगले सत्र से इसका रकबा बढ़ाएंगे।
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छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए लगाई है झटका मशीन
किसान सुरेंद्र राय बताते हैं कि छुट्टा पशुओं से फसलों की सुरक्षा चुनौती बन गई थी। आजिज आकर उन्होंने जयपुर से सोलर फिनिंसिंग अर्थात झटका मशीन मंगाई है। इसमें करीब 25 हजार रुपये का खर्च आया, लेकिन छुट्टा पशुओं का संकट समाप्त हो गया। वह बताते हैं कि रेनगन मशीन भी रखते हैं। इससे फसलों की सिंचाई में काफी सहूलियत होती है।

उमिला गांव के रहने वाले सुरेंद्र राय प्रगतिशील किसान हैं। वह सरसों की खेती में सर्वाधिक उत्पादन करने के लिए पुरस्कृत भी किए जा चुके हैं। वे परंपरागत खेती के साथ ही व्यावसायिकखेती और पशु पालन भी करते हैं। जिले के किसानों के लिए वे प्रेरणास्रोत हैं।
- पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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