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Sant Kabir Nagar News: गांव में सादगी, ऑनलाइन दुनिया में करोड़ों के खेल का सरगना
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संतकबीरनगर। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना अशफाक अहमद की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव रमवापुर में रविवार को पूरे दिन इसी की चर्चा रही। शनिवार को पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही गांव के लोग स्तब्ध रह गए। जिन लोगों ने अशफाक को वर्षों से देखा था, उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि सामान्य जीवन जीने वाला युवक देश के बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
जानकारी के अनुसार अशफाक अहमद बखिरा थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव का निवासी है और शेयर ट्रेडिंग व इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का सरगना था। गिरोह के तार केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि दिल्ली, राजस्थान, नेपाल, कंबोडिया और दुबई तक फैले हुए हैं। पुलिस के अनुसार अशफाक के खिलाफ बखिरा में कोई मामला दर्ज नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि अशफाक गांव आने पर सामान्य लोगों की तरह रहता था। वह सभी से मेलजोल रखता था और अपने कामकाज की ज्यादा चर्चा नहीं करता था। गांव में उसका व्यवहार इतना सामान्य था कि किसी को अंदाजा नहीं था कि वह साइबर ठगी के इतने बड़े नेटवर्क से जुड़ा है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक अशफाक अक्सर गांव आता था और फिर बाहर चला जाता था। लोगों को यही जानकारी थी कि वह किसी निजी काम के सिलसिले में बाहर रहता है। उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद गांव में दिनभर लोग इसी मामले पर चर्चा करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि अशफाक इंटरमीडिएट पास ।
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मुंबई में रहता है भाई, पिता की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों के मुताबिक अशफाक का बड़ा भाई इंसाफ मुंबई में रहकर मेहनत मजदूरी करता है, जबकि दो वर्ष पूर्व उसके पिता असगर अली की मौत हो गई। गांव में एक सामान्य पक्के मकान में अकेली मां रहती है। पूरा परिवार सामान्य जीवन जीता है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो बीघा खेती परिवार के पास है। इसमें से कुछ हिस्सा अशफाक की मां अपनी देखरेख में खेती करवाती है। बाकी बटाई पर दे दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार अशफाक अहमद बखिरा थाना क्षेत्र के रमवापुर गांव का निवासी है और शेयर ट्रेडिंग व इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का सरगना था। गिरोह के तार केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि दिल्ली, राजस्थान, नेपाल, कंबोडिया और दुबई तक फैले हुए हैं। पुलिस के अनुसार अशफाक के खिलाफ बखिरा में कोई मामला दर्ज नहीं है।
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ग्रामीणों का कहना है कि अशफाक गांव आने पर सामान्य लोगों की तरह रहता था। वह सभी से मेलजोल रखता था और अपने कामकाज की ज्यादा चर्चा नहीं करता था। गांव में उसका व्यवहार इतना सामान्य था कि किसी को अंदाजा नहीं था कि वह साइबर ठगी के इतने बड़े नेटवर्क से जुड़ा है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक अशफाक अक्सर गांव आता था और फिर बाहर चला जाता था। लोगों को यही जानकारी थी कि वह किसी निजी काम के सिलसिले में बाहर रहता है। उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद गांव में दिनभर लोग इसी मामले पर चर्चा करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि अशफाक इंटरमीडिएट पास ।
मुंबई में रहता है भाई, पिता की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों के मुताबिक अशफाक का बड़ा भाई इंसाफ मुंबई में रहकर मेहनत मजदूरी करता है, जबकि दो वर्ष पूर्व उसके पिता असगर अली की मौत हो गई। गांव में एक सामान्य पक्के मकान में अकेली मां रहती है। पूरा परिवार सामान्य जीवन जीता है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो बीघा खेती परिवार के पास है। इसमें से कुछ हिस्सा अशफाक की मां अपनी देखरेख में खेती करवाती है। बाकी बटाई पर दे दिया गया है।