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Sant Kabir Nagar News: बेसिक स्कूलों में सत्र परीक्षा 19 से, तैयारी तेज
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संतकबीरनगर/ मेंहदावल। बेसिक शिक्षा परिषद संचालित परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा-एक से आठ तक शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्रथम सत्र परीक्षा 19 से 25 अगस्त के बीच होगी। इस संबंध में बीएसए अमित कुमार सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जुलाई तक पूर्ण कराए गए पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्नों को कक्षावार प्रधानाध्यापक द्वारा तैयार कराया जाएगा। परीक्षा के बाद निर्धारित तिथि पर अभिभावकों को विद्यालय में बुलाकर बच्चों की प्रगति साझा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही परीक्षा में अपेक्षित स्तर प्राप्त न करने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनके पढ़ाई के स्तर में सुधार के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों से कक्षा में चिह्नित कर विषय-वस्तु की तैयारी और पुनरावृत्ति कराई जाएगी। कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के मूल्यांकन के लिए परीक्षा व्यवस्था और व्यापक मूल्यांकन पर बल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि हर शैक्षणिक सत्र दो सत्रीय परीक्षाएं अगस्त और दिसंबर में होती हैं। इसके अलावा अर्द्धवार्षिक परीक्षा अक्टूबर और वार्षिक परीक्षा मार्च में आयोजित की होगी। इस तरह शैक्षिक सत्र में कुल चार बार छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन किया जाता है। इन परीक्षाओं में लिखित के साथ-साथ विषयवार मौखिक परीक्षा को भी स्थान दिया जाता है। परीक्षा का आयोजन विद्यालय स्तर पर होगा। परीक्षा का मूल्यांकन कक्षा शिक्षक या विषय शिक्षक करेंगे। परीक्षा पर होने वाले आवश्यक व्यय का वहन विद्यालय में उपलब्ध कंपोजिट ग्रांट से होगा।
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सत्र परीक्षा में अध्यापक ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखेंगे, जिसका उत्तर छात्र-छात्राएं अपनी कापी में लिखेंगे। परीक्षा के अनुश्रवण और सफल क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की होगी और विकासखंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे।
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उन्होंने बताया कि इसके साथ ही परीक्षा में अपेक्षित स्तर प्राप्त न करने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनके पढ़ाई के स्तर में सुधार के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों से कक्षा में चिह्नित कर विषय-वस्तु की तैयारी और पुनरावृत्ति कराई जाएगी। कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के मूल्यांकन के लिए परीक्षा व्यवस्था और व्यापक मूल्यांकन पर बल दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि हर शैक्षणिक सत्र दो सत्रीय परीक्षाएं अगस्त और दिसंबर में होती हैं। इसके अलावा अर्द्धवार्षिक परीक्षा अक्टूबर और वार्षिक परीक्षा मार्च में आयोजित की होगी। इस तरह शैक्षिक सत्र में कुल चार बार छात्र-छात्राओं का मूल्यांकन किया जाता है। इन परीक्षाओं में लिखित के साथ-साथ विषयवार मौखिक परीक्षा को भी स्थान दिया जाता है। परीक्षा का आयोजन विद्यालय स्तर पर होगा। परीक्षा का मूल्यांकन कक्षा शिक्षक या विषय शिक्षक करेंगे। परीक्षा पर होने वाले आवश्यक व्यय का वहन विद्यालय में उपलब्ध कंपोजिट ग्रांट से होगा।
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सत्र परीक्षा में अध्यापक ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखेंगे, जिसका उत्तर छात्र-छात्राएं अपनी कापी में लिखेंगे। परीक्षा के अनुश्रवण और सफल क्रियान्वयन की पूरी जिम्मेदारी विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की होगी और विकासखंड स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार रहेंगे।