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Sant Kabir Nagar News: पंचायत भवनों पर नहीं, ब्लॉक मुख्यालय पर बैठते हैं सचिव
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रोसयाबाजार। गांवों में ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए पंचायत भवन अब सचिवों के नियमित बैठने के इंतजार में हैं।
आरोप है कि कई पंचायतों में सचिव पंचायत भवन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बजाय ब्लॉक मुख्यालय में दरबार लगा रहे हैं और वहीं से कामकाज निपटा रहे हैं।
इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए भी ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवनों को लाखों रुपये खर्च कर सुविधाओं से लैस किया गया है लेकिन जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी न होने से इनका उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, पेंशन, आवास समेत पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए ग्रामीण पंचायत भवन पहुंचते हैं लेकिन सचिव के न मिलने पर उन्हें पस लौटना पड़ता है।
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ग्रामीणों में रामकेश, परशुराम, मनीराम, भोला, सुग्रीव आदि का कहना है कि सचिवों के पंचायत भवन पर बैठने का कोई निश्चित समय नहीं है। संवाद
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आरोप है कि कई पंचायतों में सचिव पंचायत भवन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बजाय ब्लॉक मुख्यालय में दरबार लगा रहे हैं और वहीं से कामकाज निपटा रहे हैं।
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इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए भी ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवनों को लाखों रुपये खर्च कर सुविधाओं से लैस किया गया है लेकिन जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित मौजूदगी न होने से इनका उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, पेंशन, आवास समेत पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए ग्रामीण पंचायत भवन पहुंचते हैं लेकिन सचिव के न मिलने पर उन्हें पस लौटना पड़ता है।
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ग्रामीणों में रामकेश, परशुराम, मनीराम, भोला, सुग्रीव आदि का कहना है कि सचिवों के पंचायत भवन पर बैठने का कोई निश्चित समय नहीं है। संवाद