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Sant Kabir Nagar News: सरयू का जलस्तर घटा...दुश्वारियांं बरकरार
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घट रहा सरयू नदी का जलस्तर।
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धनघटा। अयोध्या में सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर घटा है। जलस्तर घटकर 92. 470 मीटर पर पहुंच गया। जबकि इसके पहले नदी का जलस्तर 92. 540 मीटर पर पहुंच गया था। नदी के घटते हुए जलस्तर का असर धनघटा तहसील क्षेत्र में दिखाई देने लगा।
एक सप्ताह पहले सरयू नदी में आई बाढ़ के कारण धनघटा तहसील क्षेत्र के 18 गांव प्रभावित हो गए थे। नदी का जलस्तर घटा तो बाढ़ का पानी भी हट गया। लोग धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं, लेकिन आई बाढ़ के कारण लोगों को आज भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों का कहना है कि जमीन पर कीचड़ होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा का छिड़काव जरूर किया लेकिन उससे मच्छरों का प्रकोप नहीं गया। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे का है। बाढ़ के कारण निचले भाग में बोई गई फसल बर्बाद हो गई है। राम दरस, सजन लाल, राम भवन, दीनदयाल, बांकेलाल आदि का कहना है कि बाढ़ से घर में रखा सामान नष्ट होने के कगार पर पहुंच गया है। जहां पर भूसा रखा गया था नमी के कारण भूसा बर्बाद हो गया है। गेहूं भी खराब हो गया है। लेकिन बाढ़ का दंश यहां के लोग प्रतिवर्ष झेलते हैं। बाढ़ के कारण छप्पर भी गिर गए हैं। अब जब नदी के दोबारा बढ़ने की जानकारी हुई तो रहने खाने को लेकर चिंता सताने लगी थी। लेकिन सोमवार को नदी के पानी में गिरावट को देखकर कुछ राहत जरूर मिला है।
राप्ती का भी जलस्तर आया नीचे
मेंहदावल। राप्ती नदी का जलस्तर जहां रविवार को बढ़ा हुआ था। वहीं सोमवार को जलस्तर शाम पांच बजे तक घटने का क्रम जारी था। 24 घंटे में करीब 13 सेंटीमीटर जलस्तर नीचे आया। फिलहाल विभागीय अधिकारी अभी तटबंध पर रहकर जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं। सहायक अभियंता मनीष राय ने बताया कि सोमवार को नदी के जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की कमी आई है। मौके पर विभागीय अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी करने के साथ ही आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य करा रहे हैं।
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एक सप्ताह पहले सरयू नदी में आई बाढ़ के कारण धनघटा तहसील क्षेत्र के 18 गांव प्रभावित हो गए थे। नदी का जलस्तर घटा तो बाढ़ का पानी भी हट गया। लोग धीरे-धीरे अपनी दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं, लेकिन आई बाढ़ के कारण लोगों को आज भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों का कहना है कि जमीन पर कीचड़ होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा का छिड़काव जरूर किया लेकिन उससे मच्छरों का प्रकोप नहीं गया। सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे का है। बाढ़ के कारण निचले भाग में बोई गई फसल बर्बाद हो गई है। राम दरस, सजन लाल, राम भवन, दीनदयाल, बांकेलाल आदि का कहना है कि बाढ़ से घर में रखा सामान नष्ट होने के कगार पर पहुंच गया है। जहां पर भूसा रखा गया था नमी के कारण भूसा बर्बाद हो गया है। गेहूं भी खराब हो गया है। लेकिन बाढ़ का दंश यहां के लोग प्रतिवर्ष झेलते हैं। बाढ़ के कारण छप्पर भी गिर गए हैं। अब जब नदी के दोबारा बढ़ने की जानकारी हुई तो रहने खाने को लेकर चिंता सताने लगी थी। लेकिन सोमवार को नदी के पानी में गिरावट को देखकर कुछ राहत जरूर मिला है।
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राप्ती का भी जलस्तर आया नीचे
मेंहदावल। राप्ती नदी का जलस्तर जहां रविवार को बढ़ा हुआ था। वहीं सोमवार को जलस्तर शाम पांच बजे तक घटने का क्रम जारी था। 24 घंटे में करीब 13 सेंटीमीटर जलस्तर नीचे आया। फिलहाल विभागीय अधिकारी अभी तटबंध पर रहकर जल स्तर की निगरानी कर रहे हैं। सहायक अभियंता मनीष राय ने बताया कि सोमवार को नदी के जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की कमी आई है। मौके पर विभागीय अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी करने के साथ ही आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य करा रहे हैं।
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