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दहेज हत्या में पति को उम्रकैद, सास-ससुर को दस-दस साल की सजा
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दहेज हत्या में पति को उम्रकैद, सास-ससुर को दस-दस साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश काशिफ शेख ने दहेज हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास और सास- ससुर को दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत मिश्र ने बताया कि बखिरा थाने में 17 अक्तूबर 2018 को छपवा निवासी नीरेशजा पति त्रिपाठी ने प्रार्थना पत्र दिया कि उनकी बहन संगीता की शादी सिकोहरा में फणींद्र पाठक के साथ हुई थी। रात में बहन ने उनकी मोबाइल फोन पर मैसेज किया कि उसकी मदद करों। उसके बाद बहन की मोबाइल पर फोन किया लेकिन बात नहीं हो पाई। सुबह उसके घर पहुंचने पर पता चला कि बहन संगीता की मृत्यु हो गई है। संगीता के घर वाले बार-बार दो लाख रुपये मांग रहे थे। रुपये न देने पर प्रताड़ित करते थे। मामले में पति व सास-ससुर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ। अभियोजन की तरफ से गवाहों की गवाही कराई गई। जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी पति फणींद्र पाठक को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि ससुर बंधू प्रसाद पाठक व सास बेंजना देवी को दस-दस वर्ष कठोर करावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश काशिफ शेख ने दहेज हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास और सास- ससुर को दस-दस वर्ष की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत मिश्र ने बताया कि बखिरा थाने में 17 अक्तूबर 2018 को छपवा निवासी नीरेशजा पति त्रिपाठी ने प्रार्थना पत्र दिया कि उनकी बहन संगीता की शादी सिकोहरा में फणींद्र पाठक के साथ हुई थी। रात में बहन ने उनकी मोबाइल फोन पर मैसेज किया कि उसकी मदद करों। उसके बाद बहन की मोबाइल पर फोन किया लेकिन बात नहीं हो पाई। सुबह उसके घर पहुंचने पर पता चला कि बहन संगीता की मृत्यु हो गई है। संगीता के घर वाले बार-बार दो लाख रुपये मांग रहे थे। रुपये न देने पर प्रताड़ित करते थे। मामले में पति व सास-ससुर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ। अभियोजन की तरफ से गवाहों की गवाही कराई गई। जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी पति फणींद्र पाठक को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि ससुर बंधू प्रसाद पाठक व सास बेंजना देवी को दस-दस वर्ष कठोर करावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।