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सांसत : ज्यादा और कम बिजली बिल के फेर में उलझे लोग
Thu, 17 Oct 2024 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 17 Oct 2024 11:41 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में बिजली निगम के नए कारनामे देखने को मिल रहे हैं। एक माह का बिजली का बिज पांच से छह हजार रुपये भेजा जा रहा है, जबकि हर माह यही बिल एक से दो हजार रुपये आता था। सुधार के नाम पर लोग निगम का चक्कर काट रहे हैं। अगर बिल जमा कर देते हैं तो अगली बार फिर वह बिल बढ़कर आ जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली बिल की समस्या का सुधार नही हो पा रहा है। तमाम उपभोक्ता गलत बिल लेकर कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी बिल सही करने का आश्वासन देकर उनको भेजते हैं, लेकिन अगले माह के बिल में कमी दूर न होकर बढ़ा हुआ बिल जुड़कर एक साथ आ जा रहा है। जिसकी वजह से उपभोक्ता को जेई व एसडीओ के कार्यालय का दौड़ लगाना पड़ रहा है। मीटर रीडर भी कर दे रहे हैं खेल : कई स्थानों पर मीटर रीडर भी खेल कर दे रहे हैं। लोगों के घरों तक रीडर न जाकर मनमाने ढंग से रीडिंग भरकर बिल बना देते हैं। जिसके बाद लोग बढ़ा हुआ बिल देखकर हैरान व परेशान होकर चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
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संतकबीरनगर। जिले में बिजली निगम के नए कारनामे देखने को मिल रहे हैं। एक माह का बिजली का बिज पांच से छह हजार रुपये भेजा जा रहा है, जबकि हर माह यही बिल एक से दो हजार रुपये आता था। सुधार के नाम पर लोग निगम का चक्कर काट रहे हैं। अगर बिल जमा कर देते हैं तो अगली बार फिर वह बिल बढ़कर आ जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली बिल की समस्या का सुधार नही हो पा रहा है। तमाम उपभोक्ता गलत बिल लेकर कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी बिल सही करने का आश्वासन देकर उनको भेजते हैं, लेकिन अगले माह के बिल में कमी दूर न होकर बढ़ा हुआ बिल जुड़कर एक साथ आ जा रहा है। जिसकी वजह से उपभोक्ता को जेई व एसडीओ के कार्यालय का दौड़ लगाना पड़ रहा है। मीटर रीडर भी कर दे रहे हैं खेल : कई स्थानों पर मीटर रीडर भी खेल कर दे रहे हैं। लोगों के घरों तक रीडर न जाकर मनमाने ढंग से रीडिंग भरकर बिल बना देते हैं। जिसके बाद लोग बढ़ा हुआ बिल देखकर हैरान व परेशान होकर चक्कर लगाने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
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