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संत कबीर जीवन जीने की सिखाते हैं कला
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‘संत कबीर जीवन जीने की सिखाते हैं कला’
मगहर। मगहर महोत्सव का मकसद कबीर की वाणी को जन-जन तक पहुंचाना है। इस अवसर पर कबीर पंथी साधु एवं अनुयायी आते हैं। शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने कबीर स्थली पर कबीर दर्शन को आए अनुयायी और संतों से कबीर के बारे में मन की बात की।
उत्तराखंड के अंग्रेजी के असिस्टेंट प्रोफेसर वीरू राज मगहा पिछले कई सालों से आते हैं। वह कबीर पर शोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कबीर जीवन जीने की कला सिखाते हैं। भारत के किसी जगह संघर्ष दिखाई देता है तो कबीर दिखाई देते हैं।
कबीर सेवा समिति बहादुरगढ़ हरियाणा के महंत सज्जन दास ने कहा कि वे 21 वर्ष से यहां आकर मेले में भंडारा करते हैं। कबीर की वाणी के मकसद से महोत्सव के आयोजन पर उन्होंने बताया कि यह अच्छा प्रयास है। इसे और अच्छे ढंग से आयोजित करने की जरूरत है।
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गुरुग्राम निवासी राजबाला ने बताया कि वे 25 वर्षों से कबीर की सेवा में लगी हैं। छुट्टी वाले दिन सब लोग साथ रहकर सद्गुरु वाणी को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती हैं। लोगों को कबीर पर विश्वास ही है कि अधिक से अधिक लोग जुड़ रहे हैं। दिल्ली के सरणवीर सिंह उर्फ टोनी शाही ने कहा कि कबीर की वाणी ने हमारे सारे अंधकार दूर कर दिए हैं।
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मगहर। मगहर महोत्सव का मकसद कबीर की वाणी को जन-जन तक पहुंचाना है। इस अवसर पर कबीर पंथी साधु एवं अनुयायी आते हैं। शनिवार को ‘अमर उजाला’ ने कबीर स्थली पर कबीर दर्शन को आए अनुयायी और संतों से कबीर के बारे में मन की बात की।
उत्तराखंड के अंग्रेजी के असिस्टेंट प्रोफेसर वीरू राज मगहा पिछले कई सालों से आते हैं। वह कबीर पर शोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कबीर जीवन जीने की कला सिखाते हैं। भारत के किसी जगह संघर्ष दिखाई देता है तो कबीर दिखाई देते हैं।
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कबीर सेवा समिति बहादुरगढ़ हरियाणा के महंत सज्जन दास ने कहा कि वे 21 वर्ष से यहां आकर मेले में भंडारा करते हैं। कबीर की वाणी के मकसद से महोत्सव के आयोजन पर उन्होंने बताया कि यह अच्छा प्रयास है। इसे और अच्छे ढंग से आयोजित करने की जरूरत है।
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गुरुग्राम निवासी राजबाला ने बताया कि वे 25 वर्षों से कबीर की सेवा में लगी हैं। छुट्टी वाले दिन सब लोग साथ रहकर सद्गुरु वाणी को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती हैं। लोगों को कबीर पर विश्वास ही है कि अधिक से अधिक लोग जुड़ रहे हैं। दिल्ली के सरणवीर सिंह उर्फ टोनी शाही ने कहा कि कबीर की वाणी ने हमारे सारे अंधकार दूर कर दिए हैं।