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Sant Kabir Nagar News: धड़ल्ले से बन रहे रेस्टोरेंट, ढाबा व मकान, हरियाली का पता नहीं

Tue, 27 Feb 2024 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Tue, 27 Feb 2024 01:04 AM IST
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Restaurants, dhabas and houses are being built indiscriminately, there is no trace of greenery.
नेदुला के पास ग्रीन लैड में हाईवे के किनारे बने मकान और होटल।
संतकबीरनगर। शहर में सरैया नवीन मंडी से मगहर तक हाइवे के दोनों किनारे ग्रीन बेल्ट के रूप में चिह्नित है। इसके तहत सड़क के दोनों तरफ 110 फिट तक बिना नक्शा पास कराए निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। इसके बाद भी धड़ल्ले से निर्माण कार्य हो रहे हैं। इस पर प्रशासन की नजर नहीं है। जिसके कारण हरियाली गायब हो गई है। पेड़ पौधों की जगह मकान, दुकान रेस्टोरेंट व अस्पतालों ने ले ली है।
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हरियाली बढ़ाने और उसे बचाने को लेकर शासन की तरफ से भले ही अभियान चलाए जा रहे हो, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी कोई चिंता नहीं है। शहर के ग्रीन बेल्ट में ही हरियाली का नामोनिशान नहीं है। जहां पर पेड़-पौधे लगाए जाने हैं, वहां मकान, दुकान, रेस्टोरेंट, ढाबा गए हैं। वैसे विनियमित क्षेत्र के रिकार्ड के मुताबिक सरैया की नवीन मंडी से लेकर मगहर दुर्गा मंदिर तक हाइवे के किनारे दोनों तरफ 110-110 फीट ग्रीन बेल्ट के नाम पर दर्ज है। नियम के तहत ग्रीन बेल्ट में आवासीय या व्यवसायिक भवन नहीं बनाए जा सकते हैं। इसके बाद भी भूस्वामियां ने मकान-दुकान बनवा लिए हैं। अब भी लोग जमीन खरीद कर निर्माण करा रहे हैं। नियम यह भी है कि ग्रीन बेल्ट में आवासीय या व्यवसायिक भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकता है। इस मामले में पूर्व में एक जेई को निलंबित किया गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। इसके साथ ही 50 से अधिक लोगों को नोटिस भी दी गई थी, फिर भी निर्माण कार्य चल रहे हैं।
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सरैया से लेकर मगहर तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी तक ग्रीन बेल्ट है। सरैया, मड़या, नेदुला, छोटी सरौली, मेंहदावल बाईपास, डीघा, बंगलाताल, धौरहरा, भैसहिया, सेमरा, मगहर ग्रीन बेल्ट में 400 से अधिक दुकानें, ढ़ाबा व रेस्टारेंट के साथ ही मकान बनाए गए हैं।
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एनजीटी का यह है निर्देश
राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी का निर्देश है कि राज्य हो या कोई निजी मालिक ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण की इजाजत नहीं दी जा सकती है। ऐसे स्थानों को व्यवसायिक इलाकों में तब्दील नहीं किया जा सकता। हरित पट्टी में कोई भी निर्माण अवैध है। किसी भी ग्रीन बेल्ट में घर बनाने के लिए प्लांट न खरीदें, उक्त निर्माण का बाद में हरित न्यायालय की ओर से निरस्त करने का आदेश दिया जा सकता है।
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ग्रीन बेल्ट में किसी प्रकार का निर्माण न हो, इसके लिए संबंधित को निर्देश दिए गए हैं। जो भी ऐसा करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
महेंद्र सिंह तंवर- डीएम
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