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Sant Kabir Nagar News: आयुष अस्पताल में संसाधन भरपूर, पर दवा नहीं
Sat, 19 Aug 2023 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 19 Aug 2023 11:45 PM IST
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विकास खंड खलीलाबाद के मंझरिया गांव के पास बना 50 वेड का शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय ।
- फिजियोथेरेपी, घुटने के दर्द से राहत देने के लिए लगी हैं मशीनें
- प्रतिदिन 150 के करीब मरीज ओपीडी में कराते हैं इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। प्रदेश के 11 अस्पतालों में शामिल 50 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सालय में संसाधन तो भरपूर हैं, पर जरूरत की दवाएं नहीं हैं। पिछले तीन माह पहले जहां मरीजों की संख्या 500 से 600 के करीब हुआ करती थीं, वहीं अब यह संख्या 150 से करीब पहुच गई है। इसकी वजह अस्पताल में पर्याप्त दवाएं न होना है। जो मरीज अस्पताल आते हैं उन्हें चिकित्सक तीन तरह की दवा लिखते हैं। उसमे से मात्र एक ही दवा मिल पाती है। अन्य दवाएं बाहर से लेनी पड़ती है जो काफी महंगी साबित होती है।
खलीलाबाद के देवरिया गंगा में वर्ष 2017 में 50 शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय बन कर तैयार हुआ। इसमें आयुर्वेद के तीन, यूनानी के एक और होम्योपैथ के दो चिकित्सक तैनात हैं। साथ ही करीब चार फार्मासिस्ट भी हैं। शनिवार को इलाज कराने आए भरपुरवा निवासी राममिलन, मंझरिया निवासी कमलावती ने बताया कि उनके घुटने में हमेशा दर्द बना रहता था। करीब पांच माह से इलाज करा रहे हैं, दवा से राहत है, पर अब दवा नहीं मिल रही है। बाहर यह दवा काफी महंगी मिलती है। मरीजों ने अस्पताल में दवा उपलब्ध कराने की मांग की। इसी अस्पताल में होम्योपैथ का भी संचालन होता है। उसमे भी दवाओं का टोटा है।
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अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, इधर कुछ दिनों से महत्वपूर्ण दवाएं खत्म हो गई हैं, कुछ दवाएं हैं जो मरीजों को दी जा रही हैं, दवा की डिमांड शासन स्तर से की गई हैं, उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल को दवा मिल जाएंगी। जिससे दिक्कत समाप्त हो जाएगी।
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- डॉ दिनेश चंद्रा, अधीक्षक, आयुष चिकित्सालय
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- प्रतिदिन 150 के करीब मरीज ओपीडी में कराते हैं इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। प्रदेश के 11 अस्पतालों में शामिल 50 शैय्या वाले एकीकृत आयुष चिकित्सालय में संसाधन तो भरपूर हैं, पर जरूरत की दवाएं नहीं हैं। पिछले तीन माह पहले जहां मरीजों की संख्या 500 से 600 के करीब हुआ करती थीं, वहीं अब यह संख्या 150 से करीब पहुच गई है। इसकी वजह अस्पताल में पर्याप्त दवाएं न होना है। जो मरीज अस्पताल आते हैं उन्हें चिकित्सक तीन तरह की दवा लिखते हैं। उसमे से मात्र एक ही दवा मिल पाती है। अन्य दवाएं बाहर से लेनी पड़ती है जो काफी महंगी साबित होती है।
खलीलाबाद के देवरिया गंगा में वर्ष 2017 में 50 शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय बन कर तैयार हुआ। इसमें आयुर्वेद के तीन, यूनानी के एक और होम्योपैथ के दो चिकित्सक तैनात हैं। साथ ही करीब चार फार्मासिस्ट भी हैं। शनिवार को इलाज कराने आए भरपुरवा निवासी राममिलन, मंझरिया निवासी कमलावती ने बताया कि उनके घुटने में हमेशा दर्द बना रहता था। करीब पांच माह से इलाज करा रहे हैं, दवा से राहत है, पर अब दवा नहीं मिल रही है। बाहर यह दवा काफी महंगी मिलती है। मरीजों ने अस्पताल में दवा उपलब्ध कराने की मांग की। इसी अस्पताल में होम्योपैथ का भी संचालन होता है। उसमे भी दवाओं का टोटा है।
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अस्पताल में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, इधर कुछ दिनों से महत्वपूर्ण दवाएं खत्म हो गई हैं, कुछ दवाएं हैं जो मरीजों को दी जा रही हैं, दवा की डिमांड शासन स्तर से की गई हैं, उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल को दवा मिल जाएंगी। जिससे दिक्कत समाप्त हो जाएगी।
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- डॉ दिनेश चंद्रा, अधीक्षक, आयुष चिकित्सालय