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जिले में फैलेगी काला नमक की महक, कृषि वैज्ञानिकों ने शुरू किया शोध
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जिले में फैलेगी काला नमक की महक, कृषि वैज्ञानिकों ने शुरू किया शोध
- सुरैना गांव में काला नमक की नर्सरी डलवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। काला नमक चावल की महक अब जिले में भी बिखरेगी। जिसका पहल कृषि विज्ञान केंद्र बगही के कृषि वैज्ञानिकों ने शुरू कर दिया है। शनिवार को क्षेत्र के सुरैना गांव में काला नमक बीज का नर्सरी डलवा कर वैज्ञानिकों ने शोधन कार्य शुरू किया।
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर वीवी सिंह ने बताया कि शोध में आनुवांशिक विकास उत्पादकता पर पड़ने वाले जैविक एवं अजैविक प्रभाव, सुगंध सरंक्षण एवं गुणात्मक पोषण वृद्धि के लिए शोध कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि काला नमक धान की गुणवत्ता एवं उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य गुणवत्तायुक्त प्रजातियों को विकसित करना, फसल की अवधि को कम करना, प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाना और मूल सुगंध को संरक्षित कर नई प्रजातियों को विकसित करना है। धान के मूल्यांकन के लिए 10 प्रजातियों का ट्रायल ग्राम सुरैना में किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर अरविंद सिंह ने कहा कि काला नमक धान की पैदावार अधिक से अधिक संतकबीनगर जिले की माटी से हो जिससे यहां की महक समूचे देश में फैलते हुए विदेशों तक जाए। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र बगही संतकबीनगर के कृषि वैज्ञानिक प्रयासरत हैं। इस मौके पर डॉक्टर संदीप सिंह कश्यप, इंजीनियर अमित अग्रवाल आदि लोग मौजूद रहे।
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- सुरैना गांव में काला नमक की नर्सरी डलवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। काला नमक चावल की महक अब जिले में भी बिखरेगी। जिसका पहल कृषि विज्ञान केंद्र बगही के कृषि वैज्ञानिकों ने शुरू कर दिया है। शनिवार को क्षेत्र के सुरैना गांव में काला नमक बीज का नर्सरी डलवा कर वैज्ञानिकों ने शोधन कार्य शुरू किया।
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर वीवी सिंह ने बताया कि शोध में आनुवांशिक विकास उत्पादकता पर पड़ने वाले जैविक एवं अजैविक प्रभाव, सुगंध सरंक्षण एवं गुणात्मक पोषण वृद्धि के लिए शोध कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि काला नमक धान की गुणवत्ता एवं उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य गुणवत्तायुक्त प्रजातियों को विकसित करना, फसल की अवधि को कम करना, प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाना और मूल सुगंध को संरक्षित कर नई प्रजातियों को विकसित करना है। धान के मूल्यांकन के लिए 10 प्रजातियों का ट्रायल ग्राम सुरैना में किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर अरविंद सिंह ने कहा कि काला नमक धान की पैदावार अधिक से अधिक संतकबीनगर जिले की माटी से हो जिससे यहां की महक समूचे देश में फैलते हुए विदेशों तक जाए। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र बगही संतकबीनगर के कृषि वैज्ञानिक प्रयासरत हैं। इस मौके पर डॉक्टर संदीप सिंह कश्यप, इंजीनियर अमित अग्रवाल आदि लोग मौजूद रहे।
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