Sant Kabir Nagar: पासपोर्ट सत्यापन में की गई रुपयों की वसूली, आरोपी एलआईयू के दीवान समेत दो गिरफ्तार
एसपी के पास पासपोर्ट सत्यापन में अनियमितता की शिकायतें लगातार मिल रही थी। एसपी ने इसकी जांच सीओ सदर अंशुमान मिश्र से कराई। सीओ की जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 में 101 पासपोर्ट के मामले में अनियमितता बरती गई है।
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संतकबीरनगर में पासपोर्ट सत्यापन में अनियमितता बरतने की हुई शिकायत पर कराई गई जांच में बड़ी गड़बडी सामने आई। इसमें कुछ बाहर रहने वाले लोगों का और कुछ दर्ज आपराधिक मुकदमें वाले आवेदकों का भी पासपोर्ट सत्यापित कर दिया गया। इतना ही नहीं पासपोर्ट सत्यापन के एवज में प्रति आवेदक तीन- तीन हजार रुपये की वसूली की गई। एसपी ने इस मामले में पासपोर्ट सेल के दरोगा, एलआईयू के दीवान और एक बाहरी व्यक्ति के खिलाफ भ्रष्ट्राचार,जालसाजी,आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया। इसके साथ ही आरोपी दीवान और बाहरी व्यक्ति को गिरफ्तार करा लिया।
एसपी के पास पासपोर्ट सत्यापन में अनियमितता की शिकायतें लगातार मिल रही थी। एसपी ने इसकी जांच सीओ सदर अंशुमान मिश्र से कराई। सीओ की जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 में 101 पासपोर्ट के मामले में अनियमितता बरती गई है। पासपोर्ट सेल में तैनात एसआई कामेश्वर मिश्रा और एलआईयू के मुख्य आरक्षी मनोज पटेल ने मिलकर वीरेंद्र यादव नाम बाहरी व्यक्ति को पासपोर्ट सत्यापन के लिए सहयोग में रखा गया।
एलआईयू ऑफिस में तैनात मुख्य आरक्षी मनोज पटेल पूर्व में पासपोर्ट सेल का कार्य देखते थे,लेकिन मेंहदावल बीट में नियुक्त होने के बाद भी पोसपोर्ट सेल में लगातार आते-जाते रहते थे। इनके जरिए एसआई कामेश्वर मिश्रा से जनपदीय पासपोर्ट आईडी एवं पासवर्ड मालूम कर थाने की आईडी से प्राप्त पासपोर्ट सत्यापन रिपोर्ट में बदलाव कर दिया जाता था।
इन लोगों ने 101 पासपोर्ट के आवेदनों में से 95 ऐसे आवेदकों का पासपोर्ट सत्यापित कर दिया,जो लोग अपने निवास स्थान पर रहते हीं नहीं है। जबकि छह ऐसे आवेदकों का पासपोर्ट सत्यापित किया,जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमें दर्ज है। जांच में यह भी बात सामने आई कि प्रत्येक आवेदकों से पासपोर्ट सत्यापन के नाम पर तीन-तीन हजार रुपये की अवैध वसूली की गई। सीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने पासपोर्ट सेल में तैनात एसआई कामेश्वर मिश्रा और एलआईयू के मुख्य आरक्षी मनोज पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सीओ सदर की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी एसआई कामेश्वर मिश्रा और मुख्य आरक्षी मनोज पटेल व वीरेंद्र यादव निवासी घोरखल के खिलाफ जालसाजी, भ्रष्ट्राचार, आईटी एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी मुख्य आरक्षी मनोज पटेल और वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि फरार आरोपी एसआई कामेश्वर मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए कोतवाल और एसओजी की अलग-अलग टीम गठित कर दी गई है। टीम को निर्देश दिया गया है कि अविलंब आरोपी दरोगा को गिरफ्तार करें।
पासपोर्ट सत्यापन में गडबड़ी करने वाले आरोपी दरोगा कामेश्वर मिश्रा और एलआईयू के मुख्य आरक्षी मनोज पटेल के खिलाफ विभागीय जांच एएसपी संतोष कुमार सिंह को सौंपी गई है। एएसपी की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद संबंधित दोनों पुलिस कर्मियों को दीर्घ दंड दिया जाएगा। इसमें दोनों पुलिस कर्मियों की सेवा तक समाप्त की जा सकती है। शासन और पुलिस मुख्यालय की मंशा के अनुरुप ही पुलिस कर्मी कार्य करें,अन्यथा की दशा में कार्रवाई तय है।