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Sant Kabir Nagar News: गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को संरक्षण दे रहे मान्यता प्राप्त स्कूल, जांच में खुली पोल
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लोहरैया। माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव भगवती सिंह के निर्देश पर गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का आंकड़ा जुटाने, ऐसे विद्यालय अपने विद्यार्थियों का पंजीकरण किन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में करा रहे हैं। इसकी जांच के आदेश जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए गए हैं। शुक्रवार को धनघटा तहसील क्षेत्र के हैंसर विकासखंड में गठित जांच टीम ने क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। जांच में कई विद्यालय नियमों के विपरीत संचालित होते पाए गए।
निरीक्षण के दौरान तहसील मुख्यालय स्थित रामअवध चिल्ड्रन एकेडमी में कक्षा-आठ तक की मान्यता होने के बावजूद 12वीं तक कक्षाएं संचालित होती मिली। जांच में पता चला कि विद्यालय के विद्यार्थियों का संबद्ध गोरखपुर के एक विद्यालय से कराया जा रहा है। इसी प्रकार बाल विद्यालय प्रसादपुर धनघटा में भी केवल आठवीं तक मान्यता होने के बावजूद 12 वीं तक पढ़ाई कराई जा रही थी।
निरीक्षण टीम के पहुंचने पर विद्यालय स्टाफ और छात्र संबद्ध विद्यालय का नाम बताने से बचते नजर आए। फ्यूचर जोन यूनिक फाउंडेशन, धनघटा में आठवीं तक मान्यता के बावजूद 10 वीं तक कक्षाएं संचालित होती मिलीं। यहां के विद्यार्थियों का पंजीकरण शिवशंकर बालिका इंटर कॉलेज रानीपुर से कराया जाता है। जय हिंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय मलौली में भी आठवीं तक मान्यता के बावजूद 10 वीं तक की पढ़ाई कराई जा रही थी। यहां के बच्चों के बोर्ड फॉर्म महर्षि वाल्मीकि विद्यापीठ इंटर कॉलेज से भराए जाने की जानकारी मिली। धनघटा तहसील मुख्यालय स्थित न्यू एसएस सीपीटी ग्रुप ऑफ प्राइवेट लिमिटेड नामक कोचिंग संस्थान में फाउंडेशन कोर्स के नाम पर कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई विद्यालय समयावधि में संचालित पाई गई। यह विद्यार्थियों का बोर्ड फार्म अन्य विद्यालयों से भराते हैं। संबंधित विद्यालय का नाम पूछने पर वहां के स्टाफ ने मना कर दिया। फूला देवी राम प्रसाद यादव पब्लिक स्कूल दौलतपुर में आठवीं तक मान्यता होने के बावजूद 10 वीं तक संचालन किया जा रहा था। यहां के विद्यार्थियों का पंजीकरण संत रतन शंकर शिक्षण संस्थान बगही में कराया जाता है।
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श्रीमती ईशरावती देवी शिक्षा निकेतन छपरा पूर्वी में भी आठवीं तक मान्यता के बावजूद 10 वीं तक की कक्षाएं संचालित होती मिलीं। इस विद्यालय के विद्यार्थियों के बोर्ड फॉर्म भी संत रतन शंकर शिक्षण संस्थान बगही से भराए जाते हैं। संठी में स्थित एलडी कॉन्वेंट एकेडमी में आठवीं तक मान्यता के बावजूद 12वीं तक संचालन पाया गया। यहां के विद्यार्थियों के फॉर्म गोरखपुर के चंद्रा देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज मनिकापार से भराए जाने की जानकारी मिली। वहीं बीडीएस नेशनल एकेडमी मनिकापार में पांचवीं तक मान्यता होने के बावजूद 10 वीं तक कक्षाएं संचालित पाई गईं। यहां के विद्यार्थियों के बोर्ड फॉर्म बाबा राम आधार इंटर कॉलेज संठी से भराए जाते हैं।
जांच टीम में द्वाबा विकास इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेंद्र पटेल तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रमजंगला के प्रधानाचार्य विपुल कुमार मौर्य शामिल रहे। जांच के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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निरीक्षण के दौरान तहसील मुख्यालय स्थित रामअवध चिल्ड्रन एकेडमी में कक्षा-आठ तक की मान्यता होने के बावजूद 12वीं तक कक्षाएं संचालित होती मिली। जांच में पता चला कि विद्यालय के विद्यार्थियों का संबद्ध गोरखपुर के एक विद्यालय से कराया जा रहा है। इसी प्रकार बाल विद्यालय प्रसादपुर धनघटा में भी केवल आठवीं तक मान्यता होने के बावजूद 12 वीं तक पढ़ाई कराई जा रही थी।
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निरीक्षण टीम के पहुंचने पर विद्यालय स्टाफ और छात्र संबद्ध विद्यालय का नाम बताने से बचते नजर आए। फ्यूचर जोन यूनिक फाउंडेशन, धनघटा में आठवीं तक मान्यता के बावजूद 10 वीं तक कक्षाएं संचालित होती मिलीं। यहां के विद्यार्थियों का पंजीकरण शिवशंकर बालिका इंटर कॉलेज रानीपुर से कराया जाता है। जय हिंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय मलौली में भी आठवीं तक मान्यता के बावजूद 10 वीं तक की पढ़ाई कराई जा रही थी। यहां के बच्चों के बोर्ड फॉर्म महर्षि वाल्मीकि विद्यापीठ इंटर कॉलेज से भराए जाने की जानकारी मिली। धनघटा तहसील मुख्यालय स्थित न्यू एसएस सीपीटी ग्रुप ऑफ प्राइवेट लिमिटेड नामक कोचिंग संस्थान में फाउंडेशन कोर्स के नाम पर कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई विद्यालय समयावधि में संचालित पाई गई। यह विद्यार्थियों का बोर्ड फार्म अन्य विद्यालयों से भराते हैं। संबंधित विद्यालय का नाम पूछने पर वहां के स्टाफ ने मना कर दिया। फूला देवी राम प्रसाद यादव पब्लिक स्कूल दौलतपुर में आठवीं तक मान्यता होने के बावजूद 10 वीं तक संचालन किया जा रहा था। यहां के विद्यार्थियों का पंजीकरण संत रतन शंकर शिक्षण संस्थान बगही में कराया जाता है।
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श्रीमती ईशरावती देवी शिक्षा निकेतन छपरा पूर्वी में भी आठवीं तक मान्यता के बावजूद 10 वीं तक की कक्षाएं संचालित होती मिलीं। इस विद्यालय के विद्यार्थियों के बोर्ड फॉर्म भी संत रतन शंकर शिक्षण संस्थान बगही से भराए जाते हैं। संठी में स्थित एलडी कॉन्वेंट एकेडमी में आठवीं तक मान्यता के बावजूद 12वीं तक संचालन पाया गया। यहां के विद्यार्थियों के फॉर्म गोरखपुर के चंद्रा देवी मेमोरियल इंटर कॉलेज मनिकापार से भराए जाने की जानकारी मिली। वहीं बीडीएस नेशनल एकेडमी मनिकापार में पांचवीं तक मान्यता होने के बावजूद 10 वीं तक कक्षाएं संचालित पाई गईं। यहां के विद्यार्थियों के बोर्ड फॉर्म बाबा राम आधार इंटर कॉलेज संठी से भराए जाते हैं।
जांच टीम में द्वाबा विकास इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेंद्र पटेल तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रमजंगला के प्रधानाचार्य विपुल कुमार मौर्य शामिल रहे। जांच के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।