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राप्ती के जलस्तर में उछाल, तटबंध पर बढ़ा दबाव

Fri, 20 Aug 2021 11:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:48 PM IST
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rapti water lavel increasing
मेंहदावल के करमैनी बेलौली में राप्ती का जलस्तर बढ़ा।संवाद - फोटो : KHALILABAD
राप्ती के जलस्तर में उछाल, तटबंध पर बढ़ा दबाव
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मेंहदावल में राप्ती खतरे के निशान 79.50 मीटर से पांच सेमी नीचे
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी के जलस्तर में जबरदस्त उछाल आ गया हैं। खतरे के निशान 79.50 मीटर से नदी मात्र पांच सेंटीमीटर नीचे बह रही है। बढ़ते जलस्तर को लेकर ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी तटबंध को सुरक्षित करने में लगे हैं। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
19.200 किलो मीटर लंबे तटबंध पर राप्ती नदी का बढ़ता जलस्तर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। जहां एक दिन पूर्व नदी का जलस्तर 79.20 मीटर था, वहीं बृहस्पतिवार को शाम चार बजे नदी का जलस्तर 79.35 मीटर मापा गया। शुक्रवार की दोपहर 12 बजे नदी के जलस्तर की माप 79.45 मीटर पर पहुंच गई। खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर नीचे राप्ती बह रही है। तटबंध की बदहाली व खस्ताहाली किसी से छिपी नहीं है। अति संवेदनशील पांच कटान स्थलों के लिए ड्रेनेज खंड द्वितीय ने स्पर व बोल्डर पिचिंग समेत अन्य कामों का एस्टीमेट जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजा था, लेकिन शासन स्तर पर करमैनी बेलौली तटबंध को सुरक्षित करने वालें योजनाओं में से मात्र एक परियोजना को हरी झंडी मिली। जबकि नौगो, जोरवा, विशुनपुर, खैरा मंदिर, बेलौली व थरौली में राप्ती का जलस्तर तटबंध को प्रभावित कर रहा हैं। जलस्तर का दबाव तटबंध पर लगातार बना हुआ है। नदी के जलस्तर को देख कर लोग भयभीत हैं और बाढ़ की चिंताएं सता रही हैं। ड्रेनेज खंड के जरिए जलस्तर की निगरानी के साथ ही तटबंध के कटान को रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। ड्रेनेज खंड सहायक अभियंता रामउजागीर लाल ने बताया कि राप्ती का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दोपहर 12 बजे जलस्तर 79.45 मीटर मापा गया। जलस्तर का बांध पर कहीं-कहीं दबाव है, लेकिन तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है।
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कोट
करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर में वृद्धि के कारण तटबंध पर दबाव जरूर है। कहीं से भी बांध असुरक्षित नहीं है। आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य के द्वारा बांध को सुरक्षित किया जा रहा है।
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-डीके सहाय अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड द्वितीय
फोटो है
घाघरा का जल स्तर घटा, पर समस्या बरकरार
पानी कम होने से गांव वालों की बढ़ीं दुश्वारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। घाघरा नदी का जल स्तर तेजी के साथ घटते हुए 79.15 पर शुक्रवार को पहुंच गया। इससे जिन गांवों में नावें लगाई गई थीं वहां पानी कम होने के कारण नावों को हटाना पड़ा, लेकिन गांव वालों की समस्या घटने की जगह बढ़ गई। अब उन्हें पानी में घुसकर अपने घरों को आना-जाना पड़ रहा है।

घाघरा नदी के उफान से धनघटा तहसील के एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे 38 गांव चारों तरफ से पानी से घिर गए थे। इन गांवों के लोग नाव से अपने गंतव्य को आ जा रहे थे। बृहस्पतिवार से नदी के जल स्तर में गिरावट होनी शुरू हुई तो बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने राहत की सांस जरूर ली, लेकिन रास्तों पर पानी व कीचड़ होने से उनकी समस्या आने-जाने में बढ़ गई। पार्वती, सावित्री, दुखना, कबूतरा देवी आदि महिलाओं का कहना है कि बाढ़ ऐसे समय आई जब भाई बहन का पर्व रक्षा बंधन सामने है। भाई को राखी बांधने के लिए यदि मायके जाना पड़ा तो कपड़ा रास्ते में ही कीचड़ युक्त हो जाएगा। यदि भाई राखी बंधवाने उनके घर आता है तो उसे भी पैदल कीचड़ में ही चलकर आना पड़ेगा, लेकिन कीचड़ हो या पानी भाई की कलाई में रखी अवश्य बांधा जाएगा। इसके लिए परेशानी भी उठा लेंगी। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि नदी का जल स्तर तेजी के साथ घट रहा है। बृहस्पतिवार की शाम से शुक्रवार की सुबह तक जल स्तर में 20 सेंटीमीटर गिरावट दर्ज की गई।
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