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Sant Kabir Nagar News: राप्ती और घाघरा नदियां उफनाईं, बंधे पर डेरा जमाए हैं अधिकारी
Thu, 11 Jul 2024 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 11 Jul 2024 12:38 AM IST
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- लाल निशान से महज 53 सेमी नीचे बह रही राप्ती, जलस्तर 78.90 मीटर पर पहुंचा
- बाढ़ की आशंका से प्रशासन सतर्क, 300 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल/धनघटा। जिले में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक तरफ राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से महज 53 सेमी नीचे है वहीं घाघरा नदी के जलस्तर में भी 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। तटबंध से सटे 300 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। बाढ़ खंड के अधिकारी बंधे पर डेरा जमाए हुए हैं।
राप्ती नदी उफनाई हुई है। मंगलवार को राप्ती नदी का जलस्तर 78.90 मीटर पर पहुंच गया था, जो लाल निशान से मात्र 60 सेंटीमीटर नीचे था, वहीं बुधवार को जलस्तर बढ़कर 78.97 मीटर पर पहुंच गया। वर्तमान में राप्ती लाल निशान से महज 53 सेंमी नीचे बह रही है। कई जगह बंधों पर जलस्तर का दबाव बना हुआ है। ऐसे में लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।
राप्ती का जलस्तर बढ़ने से नौगो, विशुनपुर, वागर, बेलौली, बढ़या, में जल स्तर का दबाव तटबंध पर पड़ना शुरू हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन भी बाढ़ की आशंका से सतर्क हो गया है। सहायक अभियंता के नेतृत्व में अवर अभियंताओं की टीम तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। साथ ही आवश्यकता के मुताबिक बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
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हालत यह है कि बढ़ते जलस्तर को लेकर तटबंध से सटे गांवों में दहशत है। बांध पर मौजूद सहायक अभियंता राम उजागिर लाल का कहना है कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध को कोई नुकसान नहीं होगा।
घाघरा नदी 10 सेंटीमीटर बढ़ी, समीपवर्ती गांवों के करीब पहुंचा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बुधवार को घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है लेकिन नदी का पानी समीपवर्ती गांवों के करीब पहुंचने लगा है। मंगलवार की शाम घाघरा नदी का जलस्तर 78.800 मीटर पर था तो बुधवार को शाम चार बजे तक 78.900 मीटर पर पहुंच गया। यानि 10 सेंटीमीटर बढ़ोतरी हुई है।
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से एमबीडी बांध और नदी के मध्य बसे धनघटा तहसील क्षेत्र के 36 गांवों पर बाढ़ का संकट मडराने लगा है। बुधवार को नदी का पानी पश्चिम में नारायणपुर गांव के करीब पहुंच गया तो पूर्वी हिस्से में गायघाट दक्षिणी के करीब पहुंचने के लिए आतुर था। आषाढ़ माह में जब किसान धान की रोपाई कर रहे हैं तो इसी समय बाढ़ के कारण फसलों पर संकट आ जाने से किसानों के सामने बहुत बड़ी चुनौती उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीण लालचंद, रामप्रवेश, छोटेलाल, राघव, राजाराम, अनिल चौधरी, राम सरीक यादव आदि का कहना है कि घाघरा नदी आषाढ़ माह में ही विकराल रूप धारण करने लगी है, जिससे फसलों के नष्ट होने की संभावना प्रबल हो गई है। नरायणपुर गांव के पास बने रिंग बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। गांववालों का कहना है की यदि इसी तरह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो रिंग बांध कभी भी धराशायी हो सकता है। जिससे बाढ़ का पानी गांव में घुस जाएगा।
नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन कहीं पर कोई परेशानी नहीं है। एहतियात के तौर पर बाढ़ शरणालय पर प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं। नाव मालिकों से संपर्क कर लिया गया है। जहां जरूरत पड़ेगी वहां पर नाव लगाई जाएगी। सामग्री के लिए जिला स्तर पर निविदा प्रकाशित करा दी गई है।
- योगेंद्र पांडेय, तहसीलदार
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- बाढ़ की आशंका से प्रशासन सतर्क, 300 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल/धनघटा। जिले में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक तरफ राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से महज 53 सेमी नीचे है वहीं घाघरा नदी के जलस्तर में भी 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। तटबंध से सटे 300 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। वहीं बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। बाढ़ खंड के अधिकारी बंधे पर डेरा जमाए हुए हैं।
राप्ती नदी उफनाई हुई है। मंगलवार को राप्ती नदी का जलस्तर 78.90 मीटर पर पहुंच गया था, जो लाल निशान से मात्र 60 सेंटीमीटर नीचे था, वहीं बुधवार को जलस्तर बढ़कर 78.97 मीटर पर पहुंच गया। वर्तमान में राप्ती लाल निशान से महज 53 सेंमी नीचे बह रही है। कई जगह बंधों पर जलस्तर का दबाव बना हुआ है। ऐसे में लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।
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राप्ती का जलस्तर बढ़ने से नौगो, विशुनपुर, वागर, बेलौली, बढ़या, में जल स्तर का दबाव तटबंध पर पड़ना शुरू हो गया है। इसे देखते हुए प्रशासन भी बाढ़ की आशंका से सतर्क हो गया है। सहायक अभियंता के नेतृत्व में अवर अभियंताओं की टीम तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। साथ ही आवश्यकता के मुताबिक बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
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हालत यह है कि बढ़ते जलस्तर को लेकर तटबंध से सटे गांवों में दहशत है। बांध पर मौजूद सहायक अभियंता राम उजागिर लाल का कहना है कि करमैनी-बेलौली तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है। बांध को कोई नुकसान नहीं होगा।
घाघरा नदी 10 सेंटीमीटर बढ़ी, समीपवर्ती गांवों के करीब पहुंचा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बुधवार को घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है लेकिन नदी का पानी समीपवर्ती गांवों के करीब पहुंचने लगा है। मंगलवार की शाम घाघरा नदी का जलस्तर 78.800 मीटर पर था तो बुधवार को शाम चार बजे तक 78.900 मीटर पर पहुंच गया। यानि 10 सेंटीमीटर बढ़ोतरी हुई है।
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से एमबीडी बांध और नदी के मध्य बसे धनघटा तहसील क्षेत्र के 36 गांवों पर बाढ़ का संकट मडराने लगा है। बुधवार को नदी का पानी पश्चिम में नारायणपुर गांव के करीब पहुंच गया तो पूर्वी हिस्से में गायघाट दक्षिणी के करीब पहुंचने के लिए आतुर था। आषाढ़ माह में जब किसान धान की रोपाई कर रहे हैं तो इसी समय बाढ़ के कारण फसलों पर संकट आ जाने से किसानों के सामने बहुत बड़ी चुनौती उत्पन्न हो गई है।
ग्रामीण लालचंद, रामप्रवेश, छोटेलाल, राघव, राजाराम, अनिल चौधरी, राम सरीक यादव आदि का कहना है कि घाघरा नदी आषाढ़ माह में ही विकराल रूप धारण करने लगी है, जिससे फसलों के नष्ट होने की संभावना प्रबल हो गई है। नरायणपुर गांव के पास बने रिंग बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। गांववालों का कहना है की यदि इसी तरह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो रिंग बांध कभी भी धराशायी हो सकता है। जिससे बाढ़ का पानी गांव में घुस जाएगा।
नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन कहीं पर कोई परेशानी नहीं है। एहतियात के तौर पर बाढ़ शरणालय पर प्रभारी नियुक्त कर दिए गए हैं। नाव मालिकों से संपर्क कर लिया गया है। जहां जरूरत पड़ेगी वहां पर नाव लगाई जाएगी। सामग्री के लिए जिला स्तर पर निविदा प्रकाशित करा दी गई है।
- योगेंद्र पांडेय, तहसीलदार